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मासूम बेटे की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद, 10 हजार जुर्माना

Rohtak Bureau Updated Wed, 07 Jun 2017 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
एडीजे जयबीर हुड्डा की अदालत ने सात साल के मासूम बेटे की सिर में हथौड़ा मारकर निर्मम हत्या करने वाले ढाणी श्यामलाल निवासी विवेक मेहता को कठोर आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में 22 अप्रैल 2016 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार ढाणी श्यामलाल निवासी विवेक मेहता की पत्नी शालू घटना से पांच साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। दोनों का सात साल का एक बेटा योगेश था। विवेक बेटे योगेश के साथ घर में रहता था। विवेक का बड़ा भाई दीपक मेहता चंडीगढ़ में रहता है। घटना से 15 दिन पहले दीपक भतीजे योगेश को पढ़ाने के लिए चंडीगढ़ ले गया था। विवेक घटना से दो दिन पहले भाई दीपक के साथ झगड़ा कर बेटे योगेश को हिसार ले आया था। घटना वाले दिन योगेश पापा से चंडीगढ़ ले जाने की जिद्द करने लगा तो विवेक ने आगबबूला होकर हथौड़े से मासूम के सिर पर कई वार कर दिए थे, जिससे योगेश का सिर बुरी तरह कुचला गया था। दीवारों पर खून के धब्बे लगे थे। विवेक के बहनोई पटेल नगर के वीरभान ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी। सिटी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस ने केस दर्ज कर अगले दिन आरोपी विवेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद आरोपी को हत्या का दोषी मानकर उम्रकैद की सजा सुनाई।

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