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पुराने नोटों से भरा दूसरा जहाज भेजने की थी तैयारी!
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:48 AM IST
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हिसार। 500-1000 के नोट भले 8 नवंबर 2016 को बंद हो चुके हैं, लेकिन नोटों के सौदागरों द्वारा यह खेल लगभग दो साल बाद भी जारी है। हिसार में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नोटबंदी के तुरंत बाद 22 नवंबर 2016 को हिसार से चार्टर्ड प्लेन द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपये के 500-1000 रुपये के नोट भेजे गए थे। खुफिया विभाग की टीम ने इस करेंसी को नागालैंड के दीमापुर हवाई अड्डे से काबू कर लिया था। अब हिसार में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद होना नोट सौदागरों के खुफिया प्लान की ओर इशारा करता है।
वीरवार को दोपहर बाद जैसे ही सीआईए की ओर से 1.43 करोड़ रुपये के पुराने नोटों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया तो यह खबर पूरे शहर में फैल गई। इसी खबर में लोगों के जहन में वर्ष 2016 में चार्टर्ड प्लेन द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपये के बंद किए नोट पकड़े जाने की याद ताजा करा दी। लोग कयास लगाने लगे कि कहीं हिसार से पुराने नोटों से भरकर दूसरा प्लेन भेजने की तैयारी तो नहीं की जा रही थी। स्थानीय राजगुरु मार्केट में इस खबर पर दुकानदार चर्चा कर रहे थे तो अमर उजाला उनकी चर्चा में शामिल हुआ। राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र बजाज व अन्य ने बताया कि हिसार हवाई हड्डा सुर्खियों में नहीं है और यहां नोटों के सौदागरों को यह सेफ लगता है, इसलिए ऐसा हो सकता है कि पुराने नोटों को हिसार में एकत्रित किया जा रहा हो और फिर से किसी प्लेन के द्वारा नोटों की खेप कहीं भेजी जा रही हो। दूसरी ओर राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान अक्षय मलिक व अन्य के बीच चल रही चर्चा का विषय नोटों के सौदागरों के मंसूबों पर पुलिस द्वारा पानी फेरना था। पुलिस के कार्य की तारीफ करते हुए मलिक ने कहा कि यह बड़ी सफलता है और इस मामले में हिसार में और अधिक पुराने नोट स्टॉक होने का खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।
22 नवंबर 2016 को हिसार से उड़ गए थे नोट
नोटबंदी के मात्र छह दिन बाद 500-1000 के साढ़े तीन करोड़ के नोटों से भरा बैग लेकर चार्टर्ड प्लेन हिसार से नागालैंड के दीमापुर गया था। खुफिया विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर प्लेन की दीमापुर नागालैंड के दीमापुर अड्डे पर तलाशी ली। सीआईएसएफ ने एक व्यवसायी को काबू किया और उसके कब्जे से साढ़े तीन करोड़ के पुराने नोट बरामद किए। पकड़ा गया व्यापारी बिहार के मुंगेर निवासी अमरजीत सिंह था। यह नकदी नागालैंड के पूर्व राज्यसभा सदस्य के बेटे अनाटो जिमामी की बताई गई थी।
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रोहतक से भी आए थे पुराने नोट
नोटबंदी के कुछ समय बाद ही 12 फरवरी 2017 को पुराने नोटों से जुड़ा एक और मामला सामने आया था। कुछ लोग करीब 33 लाख कीमत के पुराने नोट बदलवाने के लिए रोहतक से हिसार आए थे। जब वह सामने वाली पार्टी का बाईपास पर एक होटल पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे तो पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी करके वहां से पांच आरोपियों के पास से 33 लाख के पांच सौ व एक हजार के नोट बरामद किए थे।
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वीरवार को दोपहर बाद जैसे ही सीआईए की ओर से 1.43 करोड़ रुपये के पुराने नोटों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया तो यह खबर पूरे शहर में फैल गई। इसी खबर में लोगों के जहन में वर्ष 2016 में चार्टर्ड प्लेन द्वारा साढ़े तीन करोड़ रुपये के बंद किए नोट पकड़े जाने की याद ताजा करा दी। लोग कयास लगाने लगे कि कहीं हिसार से पुराने नोटों से भरकर दूसरा प्लेन भेजने की तैयारी तो नहीं की जा रही थी। स्थानीय राजगुरु मार्केट में इस खबर पर दुकानदार चर्चा कर रहे थे तो अमर उजाला उनकी चर्चा में शामिल हुआ। राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र बजाज व अन्य ने बताया कि हिसार हवाई हड्डा सुर्खियों में नहीं है और यहां नोटों के सौदागरों को यह सेफ लगता है, इसलिए ऐसा हो सकता है कि पुराने नोटों को हिसार में एकत्रित किया जा रहा हो और फिर से किसी प्लेन के द्वारा नोटों की खेप कहीं भेजी जा रही हो। दूसरी ओर राजगुरु मार्केट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रधान अक्षय मलिक व अन्य के बीच चल रही चर्चा का विषय नोटों के सौदागरों के मंसूबों पर पुलिस द्वारा पानी फेरना था। पुलिस के कार्य की तारीफ करते हुए मलिक ने कहा कि यह बड़ी सफलता है और इस मामले में हिसार में और अधिक पुराने नोट स्टॉक होने का खुलासा आने वाले दिनों में हो सकता है।
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22 नवंबर 2016 को हिसार से उड़ गए थे नोट
नोटबंदी के मात्र छह दिन बाद 500-1000 के साढ़े तीन करोड़ के नोटों से भरा बैग लेकर चार्टर्ड प्लेन हिसार से नागालैंड के दीमापुर गया था। खुफिया विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर प्लेन की दीमापुर नागालैंड के दीमापुर अड्डे पर तलाशी ली। सीआईएसएफ ने एक व्यवसायी को काबू किया और उसके कब्जे से साढ़े तीन करोड़ के पुराने नोट बरामद किए। पकड़ा गया व्यापारी बिहार के मुंगेर निवासी अमरजीत सिंह था। यह नकदी नागालैंड के पूर्व राज्यसभा सदस्य के बेटे अनाटो जिमामी की बताई गई थी।
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रोहतक से भी आए थे पुराने नोट
नोटबंदी के कुछ समय बाद ही 12 फरवरी 2017 को पुराने नोटों से जुड़ा एक और मामला सामने आया था। कुछ लोग करीब 33 लाख कीमत के पुराने नोट बदलवाने के लिए रोहतक से हिसार आए थे। जब वह सामने वाली पार्टी का बाईपास पर एक होटल पर उनके आने का इंतजार कर रहे थे तो पुलिस को इस बात की सूचना मिल गई। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी करके वहां से पांच आरोपियों के पास से 33 लाख के पांच सौ व एक हजार के नोट बरामद किए थे।