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दूसरों के हथियारों के साथ सेल्फी ले फेसबुक पर डाली, केस दर्ज
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हिसार। पुलिस ने मात्रश्याम निवासी बिजेंद्र कुमार और अग्रोहा के नायक मोहल्ला निवासी विकास वैद के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। विकास पर आरोप है कि उसने दूसरों के लाइसेंसी हथियारों के साथ सेल्फी लेकर फेसबुक पर अपलोड की। विकास कॉन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग का ड्राइवर है और उस पर बजरंगदास गर्ग, उसके बेटे अखिल गर्ग व विकास के मामा बिजेंद्र के लाइसेंसी हथियारों से सेल्फी लेकर फेसबुक पर डालने का आरोप है। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीआईए के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अग्रोहा के नायक मोहल्ला निवासी विकास वैद ने हथियारों के साथ खींची चार फोटो अपनी फेसबुक पर अपलोड की। पुलिस ने इसकी जांच शुरू की और अग्रोहा जाकर विकास के बारे में पता किया तो पाया कि वह पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग का ड्राइवर है। उसके मोबाइल पर संपर्क किया तो उसने पुलिस को बताया कि वह बजरंग दास गर्ग के ड्राइवर के रूप में पंचकूला में काम करता है। पुलिस ने जांच के लिए हेडकांस्टेबल फलेज सिंह को पंचकूला भेजा।
विकास ने पुलिस को ये दिया बयान
पुलिस को दिए बयान में विकास ने बताया कि बजरंग दास गर्ग व उनके लड़के अखिल गर्ग दोनों के पास 32 बोर के दो रिवाल्वर हैं। कुछ दिन पहले दोनों पिता-पुत्र पंचकूला सेक्टर-21 के अपने मकान में रिवाल्वरों की सफाई कर रहे थे। विकास के अनुसार उनके रिवाल्वर बेड पर पड़े थे तो उसने उठाकर रिवाल्वर व कारतूसों के साथ अपने फोन से सेल्फी ले ली और अपनी फेसबुक आईडी पर डाल दी। विकास ने बयान में बताया कि करीब तीन माह पहले बजरंग गर्ग पंचकूला में अपने मित्र मोहिंद्र पाल के सेक्टर-7 स्थित कार्यालय गए। वहां पर उनके दफ्तर में एके-47 राइफल आकार की खिलौना बंदूक लटकी थी। विकास के अनुसार बजरंग दास गर्ग टॉयलेट में जाते हुए अपनी रिवाल्वर उसे दे गए। तब उसने उस खिलौना बंदूक के साथ फोटो खींचे थे और उन्हें भी फेसबुक पर अपलोड कर दिया।
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अपने मामा की बंदूक से भी ली सेल्फी
विकास ने बताया उसका मामा मात्रश्याम निवासी विजेंद्र एक स्कूल में गार्ड की नौकरी करते थे। उनके पासा 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक थी। वह अकसर उनके पास आता-जाता था तो एक दिन वे अपनी बंदूक घर छोड़ गए थे तो उनकी बंदूक से भी उसने सेल्फी ले ली थी और उसे भी फेसबुक पर अपलोड किया था।
सभी संबंधित से पुलिस ने की पूछताछ
विकास के बयानों के आधार पर पुलिस ने इन हथियारों के संबंध में पचंकूला से मोहिंद्रपाल से पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को बताया कि उसने यह खिलौना बंदूक वर्ष 2017 में विशाल गन हाउस सेक्टर-40 चंडीगढ़ से 25 हजार रुपये में खरीदी थी। इसमें कोई गोलियां नहीं डलती और उसने अपने ऑफिस में शो के लिए लगाई थी। इसके बाद सेक्टर-40 चंडीगढ़ में विशाल गन हाउस जाकर वहां के मैनेजर हरबंस लाल से भी पूछताछ की। इसके बाद पंचकूला में बजरंग दास गर्ग और हिसार में उनके बेटे अखिल गर्ग के बयान लिए गए तथा उनसे रिवाल्वर के लाइसेंस की कॉपी भी प्राप्त की। विकास के मामा मात्रश्याम निवासी विजेंद्र के भी बयान लिए गए।
लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
पुलिस जांचकर्ता ने उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट में कहा कि उपरोक्त तीनों बजरंग दास गर्ग, उनके बेटे अखिल गर्ग और आरोपी विकास के मामा विजेंद्र ने अपने हथियारों की सही प्रकार से देखभाल व रख-रखाव न करके अग्नियास्त्रों को रखने में लापरवाही की है। अत: तीनों के असला लाइसेंस को रद्द किया जाए। जांचकर्ता हेडकांस्टेबल रामचंद्र के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपियों मात्रश्याम निवासी बिजेंद्र और विकास वैद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 25(आई-बी)(ए), 29(बी) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक्सपर्ट व्यू : क्या कहता है कानून
नियमानुसार लाइसेंसधारी अपना हथियार किसी अन्य को नहीं दे सकता। सफाई करने के लिए भी नहीं। यदि सफाई करवानी है तो गन हाउस में दिया जा सकता है, वह भी रसीद लेकर। ऐसा करने पर दूसरे के खिलाफ तो केस दर्ज होगा ही, जिसका लाइसेंस है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
- एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल।
आरोपी ने कब हमारे हथियारों के साथ सेल्फी ली, इस बात का हमें पता नहीं चला। इसके बारे में पुलिस द्वारा ही हमें जानकारी मिली।
- बजरंगदास गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल
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सीआईए के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अग्रोहा के नायक मोहल्ला निवासी विकास वैद ने हथियारों के साथ खींची चार फोटो अपनी फेसबुक पर अपलोड की। पुलिस ने इसकी जांच शुरू की और अग्रोहा जाकर विकास के बारे में पता किया तो पाया कि वह पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग का ड्राइवर है। उसके मोबाइल पर संपर्क किया तो उसने पुलिस को बताया कि वह बजरंग दास गर्ग के ड्राइवर के रूप में पंचकूला में काम करता है। पुलिस ने जांच के लिए हेडकांस्टेबल फलेज सिंह को पंचकूला भेजा।
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विकास ने पुलिस को ये दिया बयान
पुलिस को दिए बयान में विकास ने बताया कि बजरंग दास गर्ग व उनके लड़के अखिल गर्ग दोनों के पास 32 बोर के दो रिवाल्वर हैं। कुछ दिन पहले दोनों पिता-पुत्र पंचकूला सेक्टर-21 के अपने मकान में रिवाल्वरों की सफाई कर रहे थे। विकास के अनुसार उनके रिवाल्वर बेड पर पड़े थे तो उसने उठाकर रिवाल्वर व कारतूसों के साथ अपने फोन से सेल्फी ले ली और अपनी फेसबुक आईडी पर डाल दी। विकास ने बयान में बताया कि करीब तीन माह पहले बजरंग गर्ग पंचकूला में अपने मित्र मोहिंद्र पाल के सेक्टर-7 स्थित कार्यालय गए। वहां पर उनके दफ्तर में एके-47 राइफल आकार की खिलौना बंदूक लटकी थी। विकास के अनुसार बजरंग दास गर्ग टॉयलेट में जाते हुए अपनी रिवाल्वर उसे दे गए। तब उसने उस खिलौना बंदूक के साथ फोटो खींचे थे और उन्हें भी फेसबुक पर अपलोड कर दिया।
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अपने मामा की बंदूक से भी ली सेल्फी
विकास ने बताया उसका मामा मात्रश्याम निवासी विजेंद्र एक स्कूल में गार्ड की नौकरी करते थे। उनके पासा 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक थी। वह अकसर उनके पास आता-जाता था तो एक दिन वे अपनी बंदूक घर छोड़ गए थे तो उनकी बंदूक से भी उसने सेल्फी ले ली थी और उसे भी फेसबुक पर अपलोड किया था।
सभी संबंधित से पुलिस ने की पूछताछ
विकास के बयानों के आधार पर पुलिस ने इन हथियारों के संबंध में पचंकूला से मोहिंद्रपाल से पूछताछ की। उन्होंने पुलिस को बताया कि उसने यह खिलौना बंदूक वर्ष 2017 में विशाल गन हाउस सेक्टर-40 चंडीगढ़ से 25 हजार रुपये में खरीदी थी। इसमें कोई गोलियां नहीं डलती और उसने अपने ऑफिस में शो के लिए लगाई थी। इसके बाद सेक्टर-40 चंडीगढ़ में विशाल गन हाउस जाकर वहां के मैनेजर हरबंस लाल से भी पूछताछ की। इसके बाद पंचकूला में बजरंग दास गर्ग और हिसार में उनके बेटे अखिल गर्ग के बयान लिए गए तथा उनसे रिवाल्वर के लाइसेंस की कॉपी भी प्राप्त की। विकास के मामा मात्रश्याम निवासी विजेंद्र के भी बयान लिए गए।
लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
पुलिस जांचकर्ता ने उच्चाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट में कहा कि उपरोक्त तीनों बजरंग दास गर्ग, उनके बेटे अखिल गर्ग और आरोपी विकास के मामा विजेंद्र ने अपने हथियारों की सही प्रकार से देखभाल व रख-रखाव न करके अग्नियास्त्रों को रखने में लापरवाही की है। अत: तीनों के असला लाइसेंस को रद्द किया जाए। जांचकर्ता हेडकांस्टेबल रामचंद्र के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपियों मात्रश्याम निवासी बिजेंद्र और विकास वैद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 25(आई-बी)(ए), 29(बी) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक्सपर्ट व्यू : क्या कहता है कानून
नियमानुसार लाइसेंसधारी अपना हथियार किसी अन्य को नहीं दे सकता। सफाई करने के लिए भी नहीं। यदि सफाई करवानी है तो गन हाउस में दिया जा सकता है, वह भी रसीद लेकर। ऐसा करने पर दूसरे के खिलाफ तो केस दर्ज होगा ही, जिसका लाइसेंस है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
- एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल।
आरोपी ने कब हमारे हथियारों के साथ सेल्फी ली, इस बात का हमें पता नहीं चला। इसके बारे में पुलिस द्वारा ही हमें जानकारी मिली।
- बजरंगदास गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल