फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   नर्सिंग कोर्स के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले की जमानत याचिका खारिज

नर्सिंग कोर्स के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले की जमानत याचिका खारिज

Sun, 15 Apr 2018 12:44 AM IST
Updated Sun, 15 Apr 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
नर्सिंग कोर्स के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले की जमानत याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
एएनएम और जीएनएम का कोर्स करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अबोहर निवासी डॉ. साहिल मित्तल की अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका खाजिर कर दी है। आजाद नगर वासी पवन शर्मा ने अदालत में इस्तगासा दायर किया था।

इस्तगासा के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने 17 नवंबर 2016 को डॉ. साहिल के खिलाफ धारा 420, 406 और 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की थी। अदालत में दायर किए गए इस्तगासे के अनुसार पवन शर्मा का कहना था कि डॉ. साहिल मित्तल मीरा मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के नाम से अबोहर पंजाब में संस्थान चलाता है। संस्थान में डॉ. साहिल डायरेक्टर हैं। एएनएम और जीएनएम के कोर्सिज में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग करते हैं। कुछ युवकों ने उनसे कोर्स के लिए संपर्क किया। इसके चलते कृष्ण, बंसी, विनोद आदि का इन कोर्सों में दाखिला दिलाने के लिए डॉ. साहिल से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये की फीस प्रति कोर्स की निर्धारित की हुई। 30 जुलाई 2014 को इन सभी कोर्स की फीस लेकर उनके पास पहुंचे तो उसने 1 लाख 40 हजार रुपये व सभी के मूल प्रमाण पत्र जमा करवाने की बात कही, जिसे सभी ने जमा करवा दिया। डॉ. साहिल मित्तल ने अक्तूबर 2014 में उनकी क्लासें शुरू होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया। जब वे अक्तूबर 2014 में कॉलेज गए तो साहिल मित्तल ने उन्हें नवंबर में आने की बात कही, साथ ही यह भी कहा कि तुम्हारी हाजिरी मैं पूरी करवा दूंगा, उसकी चिंता मत करो। वह बार-बार इसी तरह टरकाता रहा। विद्यार्थियों की 2.50 लाख की राशि हड़प ली। बाद में छात्रों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने पर नवंबर 2016 में अदालत में इस्तगासा दायर किया। अदालत ने सिविल लाइन थाना पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। इसी केस में मीरा नर्सिंग कॉलेज अबोहर पंजाब के संचालक निदेशक डॉ. साहिल मित्तल ने अग्रिम जमानत अदालत में लगाई थी। अदालत ने याचिका खारिज कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed