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दंपति समेत तीन पर धोखाधड़ी, जालसाजी का केस दर्ज
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने सेक्टर-15 निवासी पृथ्वी सिंह की शिकायत पर सेक्टर-14 निवासी आनंद, उसकी पत्नी संतोष और अनिल के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने एसपी को शिकायत दी कि उसने 23 सितंबर 2009 को परिचित भूपसिंह और गंगाजल की मौजूदगी में आनंद वगैरहा को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक दिया था। कर्ज का चेक उनकी कंपनी शुभम मोटर्स के नाम दिया था। मैंने बाद में शुभम मोटर्स के खिलाफ कोर्ट में एक दीवानी दावा डाला था। इसका फैसला मेरे हक में आया था। तीनों ने फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की थी। जो 18 नवंबर 2014 को खारिज हो गई थी। शुभम मोटर्स की रसीद नंबर एक में 17 अक्तूबर 2011 को 1,84, 300 रुपये और रसीद नंबर दो में 30 दिसंबर 2011 को 19,200 रुपये की फर्जी और गलत तरीके से रसीद तैयार की थी। झूठा रिकॉर्ड तैयार कर कानून की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने इन रसीदों से मेरे द्वारा उनसे कृषि के औजार खरीदना दर्शाया है। झूठी रसीद कोर्ट में पेश कर गवाही दी गई। एसपी को शिकायत देने के बाद डीएसपी जितेंद्र सिंह और इकोनोमिक सेल ने मामले की जांच की थी। सिविल लाइन पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
ढाई लाख दिए थे चेक के जरिये, जाली रसीद से फर्जी खरीदारी दिखाने का आरोप
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हिसार।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने सेक्टर-15 निवासी पृथ्वी सिंह की शिकायत पर सेक्टर-14 निवासी आनंद, उसकी पत्नी संतोष और अनिल के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता ने एसपी को शिकायत दी कि उसने 23 सितंबर 2009 को परिचित भूपसिंह और गंगाजल की मौजूदगी में आनंद वगैरहा को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक दिया था। कर्ज का चेक उनकी कंपनी शुभम मोटर्स के नाम दिया था। मैंने बाद में शुभम मोटर्स के खिलाफ कोर्ट में एक दीवानी दावा डाला था। इसका फैसला मेरे हक में आया था। तीनों ने फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की थी। जो 18 नवंबर 2014 को खारिज हो गई थी। शुभम मोटर्स की रसीद नंबर एक में 17 अक्तूबर 2011 को 1,84, 300 रुपये और रसीद नंबर दो में 30 दिसंबर 2011 को 19,200 रुपये की फर्जी और गलत तरीके से रसीद तैयार की थी। झूठा रिकॉर्ड तैयार कर कानून की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों ने इन रसीदों से मेरे द्वारा उनसे कृषि के औजार खरीदना दर्शाया है। झूठी रसीद कोर्ट में पेश कर गवाही दी गई। एसपी को शिकायत देने के बाद डीएसपी जितेंद्र सिंह और इकोनोमिक सेल ने मामले की जांच की थी। सिविल लाइन पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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ढाई लाख दिए थे चेक के जरिये, जाली रसीद से फर्जी खरीदारी दिखाने का आरोप