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निगम की कार्रवाई : 24 पशु पकड़कर भेजे गोअभ्यारण्य भेजे
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हिसार। नगर निगम ने शहर से बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान मंगलवार को दोबारा से शुरू कर दिया है। इसके तहत कैमरी रोड से 24 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य पहुंचाया गया।
बता दें कि बेसहारा पशुओं के कारण हुए हादसों को देखते हुए निगम प्रशासन ने पिछले वर्ष 1 सितंबर से पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया था। यह अभियान 23 अक्तूबर तक चला। इस दौरान निगम प्रशासन ने शहर भर से करीब 850 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य व नंदीशाला पहुंचाया। जिस समय निगम प्रशासन ने पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया, उस समय निगम के पास एक ही गाड़ी थी। मगर इसकी हालत काफी जर्जर थी।
इस कारण से कुछ दिनों के के बाद ही गाड़ी ने जवाब दे दिया। इसके बाद निगम प्रशासन ने मंगाली गोशाला से गाड़ी उधार ली और इसकी मदद से अभियान को इतने दिनों तक चलाया। दिवाली के पास गोशाला ने अपनी गाड़ी वापस ले ली। तब से पशु पकड़ने का अभियान बंद ही पड़ा था। कुछ दिनों पहले ही मंगाली गोशाला से निगम प्रशासन को गाड़ी फिर से मिल गई। गाड़ी मिलने पर पहले निगम प्रशासन ने धांसू रोड नंदीशाला को शिफ्ट करने का काम किया। नंदीशाला को पूरी तरह से शिफ्ट किया जा चुका है। इसके साथ ही निगम प्रशासन ने फिर से शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है।
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अभी उधार की गाड़ी से चलेगा काम
वर्तमान में शहर की सड़कों पर करीब तीन हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए एक बड़े स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है। मगर स्थिति यह है कि निगम के पास खुद ही गाड़ी ही नहीं है। गाड़ी ठेके पर लेने के लिए छह बार टेंडर लगाया गया, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में एक साल के लिए गाड़ी ठेके पर लेने का फैसला किया, लेकिन टेंडर ही नहीं लगाया गया। मेयर ने दो गाड़ी खरीदने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने उस पर आज तक कोई कार्रवाई ही नहीं की।
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बता दें कि बेसहारा पशुओं के कारण हुए हादसों को देखते हुए निगम प्रशासन ने पिछले वर्ष 1 सितंबर से पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया था। यह अभियान 23 अक्तूबर तक चला। इस दौरान निगम प्रशासन ने शहर भर से करीब 850 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य व नंदीशाला पहुंचाया। जिस समय निगम प्रशासन ने पशु पकड़ने का अभियान शुरू किया, उस समय निगम के पास एक ही गाड़ी थी। मगर इसकी हालत काफी जर्जर थी।
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इस कारण से कुछ दिनों के के बाद ही गाड़ी ने जवाब दे दिया। इसके बाद निगम प्रशासन ने मंगाली गोशाला से गाड़ी उधार ली और इसकी मदद से अभियान को इतने दिनों तक चलाया। दिवाली के पास गोशाला ने अपनी गाड़ी वापस ले ली। तब से पशु पकड़ने का अभियान बंद ही पड़ा था। कुछ दिनों पहले ही मंगाली गोशाला से निगम प्रशासन को गाड़ी फिर से मिल गई। गाड़ी मिलने पर पहले निगम प्रशासन ने धांसू रोड नंदीशाला को शिफ्ट करने का काम किया। नंदीशाला को पूरी तरह से शिफ्ट किया जा चुका है। इसके साथ ही निगम प्रशासन ने फिर से शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है।
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अभी उधार की गाड़ी से चलेगा काम
वर्तमान में शहर की सड़कों पर करीब तीन हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए एक बड़े स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है। मगर स्थिति यह है कि निगम के पास खुद ही गाड़ी ही नहीं है। गाड़ी ठेके पर लेने के लिए छह बार टेंडर लगाया गया, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में एक साल के लिए गाड़ी ठेके पर लेने का फैसला किया, लेकिन टेंडर ही नहीं लगाया गया। मेयर ने दो गाड़ी खरीदने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने उस पर आज तक कोई कार्रवाई ही नहीं की।