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Hisar News: डिलीवरी बॉय के खाते में जा रही थी कंपनी की राशि, पीपीपी में बढ़ी आय से रुकीं सरकारी सुविधाएं
Fri, 20 Feb 2026 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:15 AM IST
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हांसी जिला सचिवालय में शिकायतें सुनते हुए एसडीएम राजेश खोथ। प्रशासन
- फोटो : आवंटन के बाद तिरपाल डालकर रह रहे विस्थापित परिवार।
हांसी। उत्तम नगर निवासी कृष्ण कुमार एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत हैं। सीमित आय में परिवार का गुजर-बसर कर रहे कृष्ण कुमार को तब परेशानी का सामना करना पड़ा, जब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में उनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक दर्ज हो गई। अधिक आय दर्शाए जाने के कारण वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे थे।
उत्तम नगर निवासी कृष्ण कुमार एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी बाॅय के रूप में कार्यरत हैं। बुमश्किल परिवार का गुजारा हो रहा है। लेकिन, पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में तीन लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय दर्ज होने से सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। वीरवार को वह शिकायत लेकर जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे ताे जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
दरअसल, डिलीवरी की राशि कंपनी के खाते में जाने के बजाय अस्थायी रूप से उनके निजी बैंक खाते में जमा हो रही थी। इससे आय अधिक दिख रही थी। एसडीएम ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत कर भविष्य में भुगतान सीधे कंपनी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। कंपनी ने निर्देश मानने का आश्वासन दिया, जिससे अन्य डिलीवरी कर्मियों को भी राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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शिविर में मिर्जपुर गांव के ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी रखी। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डाटा और मसूदपुर गांवों के नागरिकों ने मांग की कि उनकी पेयजल पाइपलाइन को गुराना गांव के जलघर से हटाकर सीधे उनके गांवों से जोड़ा जाए। ग्रामीणों का आरोप था कि गुराना जलघर के टैंकों में धरातलीय खारे पानी की मिलावट हो रही है, जिससे पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। एसडीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तकनीकी जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जमावड़ी गांव निवासी सचिन के सीआरपीएफ में चयन पर एसडीएम ने उन्हें पेन भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में तहसीलदार अनिल कुमार बिढान, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
30 शिकायतों की सुनवाई, आय सत्यापन पर जोर
शिविर में करीब 30 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें अधिकांश परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय कम करवाने से संबंधित थीं। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को आय सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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उत्तम नगर निवासी कृष्ण कुमार एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी बाॅय के रूप में कार्यरत हैं। बुमश्किल परिवार का गुजारा हो रहा है। लेकिन, पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में तीन लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय दर्ज होने से सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। वीरवार को वह शिकायत लेकर जिला सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचे ताे जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
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दरअसल, डिलीवरी की राशि कंपनी के खाते में जाने के बजाय अस्थायी रूप से उनके निजी बैंक खाते में जमा हो रही थी। इससे आय अधिक दिख रही थी। एसडीएम ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत कर भविष्य में भुगतान सीधे कंपनी खाते में जमा कराने के निर्देश दिए। कंपनी ने निर्देश मानने का आश्वासन दिया, जिससे अन्य डिलीवरी कर्मियों को भी राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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शिविर में मिर्जपुर गांव के ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी रखी। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को मौके पर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डाटा और मसूदपुर गांवों के नागरिकों ने मांग की कि उनकी पेयजल पाइपलाइन को गुराना गांव के जलघर से हटाकर सीधे उनके गांवों से जोड़ा जाए। ग्रामीणों का आरोप था कि गुराना जलघर के टैंकों में धरातलीय खारे पानी की मिलावट हो रही है, जिससे पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। एसडीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तकनीकी जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जमावड़ी गांव निवासी सचिन के सीआरपीएफ में चयन पर एसडीएम ने उन्हें पेन भेंट कर सम्मानित किया। शिविर में तहसीलदार अनिल कुमार बिढान, नायब तहसीलदार सुरेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
30 शिकायतों की सुनवाई, आय सत्यापन पर जोर
शिविर में करीब 30 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें अधिकांश परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय कम करवाने से संबंधित थीं। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को आय सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।