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अवैध हिरासत में रखने और छोड़ने के नाम पर 10 लाख की फिरौती मांगने पर दो पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज
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हिसार। जिले की वाहन चोरी निरोधक टीम पर तीन युवकों को पांच दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखने और छोड़ने की एवज में 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने पर पुलिस ने एसआई समेत दो पर केस दर्ज किया है। इस संबंध में चुली खुर्द निवासी बंती देवी ने आईजी और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर करीब डेढ़ माह बाद वाहन चोरी निरोधक टीम तत्कालीन इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह और मुंशी कुलदीप के खिलाफ अवैध हिरासत में रखना और फिरौती मांगने का केस दर्ज किया है।
15 जून को गांव से ले गए थे
पीड़ितों के वकील प्रदीप ने बताया कि आईजी और पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में चुली खुर्द की रहने वाली बंती देवी ने बताया था 15 जून को चुली कलां निवासी कुलदीप को शहर के बस स्टैंड के पास से 6-7 पुलिस कर्मचारियों ने उठाया और गाड़ी में बैठाकर उसे सीआईए ले गए थे वहां पर उसके साथ मारपीट की थी। बाद में तत्कालीन एबीवीटी इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह अपने साथियों के साथ कुलदीप को लेकर हमारे घर आया और मेरे बेटे विजेंद्र को उठा लिया। उसके बाद मंडी आदमपुर निवासी कुलदीप को भी उसके घर से उठा लिया। तीनों को सीआईए ले आए यहां पर अवैध रूप से रखा और उनकी बेरहमी से पिटाई की। बाद में सुरेवाला चौक के पास बनी पुलिस चौकी में ले आए। यहां पर तीनों को अवैध हिरासत में रखा और उनके साथ मारपीट करते रहे। पता चलने पर जब चौकी गए तो महेंद्र सिंह ने तीनों को छोड़ने की एवज में दस लाख रुपये की डिमांड की थी। रुपये न देने पर कहा गया था कि अगर, रुपये नहीं दिए तो तुुम पर झूठा केस दर्ज कर अंदर कर देंगे। इस दौरान मेरे बेटे के मोबाइल फोन से वहां के मुंशी कुलदीप के मोबाइल फोन पर 11 हजार की नकदी भेजी गई थी। आखिर में परेशान होकर 20 जून को हाई कोर्ट पहुंचे। वहां से एक वारंट अधिकारी हमारे साथ सुरेवाला पुलिस चौकी पहुंचा। पुलिस वालों ने तीनों को छोड़ा। घायल हालत में तीनों को नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए। उसके बाद पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद अब पुलिस ने उक्त मामले तत्कालीन वाहन चोरी निरोधक टीम के इंचार्ज महेंद्र सिंह और मुंशी कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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15 जून को गांव से ले गए थे
पीड़ितों के वकील प्रदीप ने बताया कि आईजी और पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में चुली खुर्द की रहने वाली बंती देवी ने बताया था 15 जून को चुली कलां निवासी कुलदीप को शहर के बस स्टैंड के पास से 6-7 पुलिस कर्मचारियों ने उठाया और गाड़ी में बैठाकर उसे सीआईए ले गए थे वहां पर उसके साथ मारपीट की थी। बाद में तत्कालीन एबीवीटी इंचार्ज एसआई महेंद्र सिंह अपने साथियों के साथ कुलदीप को लेकर हमारे घर आया और मेरे बेटे विजेंद्र को उठा लिया। उसके बाद मंडी आदमपुर निवासी कुलदीप को भी उसके घर से उठा लिया। तीनों को सीआईए ले आए यहां पर अवैध रूप से रखा और उनकी बेरहमी से पिटाई की। बाद में सुरेवाला चौक के पास बनी पुलिस चौकी में ले आए। यहां पर तीनों को अवैध हिरासत में रखा और उनके साथ मारपीट करते रहे। पता चलने पर जब चौकी गए तो महेंद्र सिंह ने तीनों को छोड़ने की एवज में दस लाख रुपये की डिमांड की थी। रुपये न देने पर कहा गया था कि अगर, रुपये नहीं दिए तो तुुम पर झूठा केस दर्ज कर अंदर कर देंगे। इस दौरान मेरे बेटे के मोबाइल फोन से वहां के मुंशी कुलदीप के मोबाइल फोन पर 11 हजार की नकदी भेजी गई थी। आखिर में परेशान होकर 20 जून को हाई कोर्ट पहुंचे। वहां से एक वारंट अधिकारी हमारे साथ सुरेवाला पुलिस चौकी पहुंचा। पुलिस वालों ने तीनों को छोड़ा। घायल हालत में तीनों को नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए। उसके बाद पुलिस में शिकायत दी। जांच के बाद अब पुलिस ने उक्त मामले तत्कालीन वाहन चोरी निरोधक टीम के इंचार्ज महेंद्र सिंह और मुंशी कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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