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बरवाला स्ट्रीट लाइट घोटाले में तत्कालीन सचिव सहित 6 पर केस दर्ज
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बरवाला (हिसार)। नगर परिषद स्ट्रीट लाइट घोटाले में तत्कालीन सचिव सहित छह पर केस दर्ज किया गया है। ऊर्जा मंत्री के आदेश के बाद मौजूदा सचिव गौरव शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने तत्कालीन सचिव मोहन लाल, पालिका अभियंता जयवीर, प्रधान प्रोमिला बादल, कनिष्ठ अभियंता धर्मवीर, विद्युत निरीक्षक संदीप कुमार, व फर्म मैसर्ज मुकेश कुमार ठेकेदार पर कार्रवाई की है।
बता दें कि नगर पालिका ने वर्ष 2018 में शहर के मुख्य मार्ग व अन्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर एक टेंडर जारी किया गया था। 4 करोड़ रुपये की राशि का यह टेंडर हिसार की एक कंपनी के नाम था। टेंडर के बाद कंपनी की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। मगर, पार्षद जगदीश गुलाटी व अनिल संदूजा ने इन लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सीएम विंडो व उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद नगर निगम ने मामले की जांच की थी, जिसमें उक्त सभी लोग दोषी मिले थे।
जनपरिवाद समिति की बैठक में उठा था मामला
पिछले दिनों हिसार में 21 सितंबर को हुई जनपरिवाद समिति की बैठक में विधायक जोगीराम सिहाग ने भी यह मामला उठाया था और इसमें कार्रवाई की मांग की थी। इस पर ऊर्जा मंत्री ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में दो दिनों में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
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जांच में मिलीं अनियमितताएं
- 1.18 करोड़ रुपये के कार्य को रिवाइज कर 3.98 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया, जबकि इस मामले में सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर टेंडर रि-कॉल किया जाना था।
- बिना थर्ड पार्टी रिपोर्ट के एजेंसी को 97 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया।
- जांच में मौके पर 334 एलईडी कम मिलीं और खंभों की फाउंडेशन भी नियमानुसार नहीं मिली।
- इस कार्य में विभाग को आर्थिक हानि भी हुई।
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बता दें कि नगर पालिका ने वर्ष 2018 में शहर के मुख्य मार्ग व अन्य मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने को लेकर एक टेंडर जारी किया गया था। 4 करोड़ रुपये की राशि का यह टेंडर हिसार की एक कंपनी के नाम था। टेंडर के बाद कंपनी की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। मगर, पार्षद जगदीश गुलाटी व अनिल संदूजा ने इन लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सीएम विंडो व उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। इसके बाद नगर निगम ने मामले की जांच की थी, जिसमें उक्त सभी लोग दोषी मिले थे।
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जनपरिवाद समिति की बैठक में उठा था मामला
पिछले दिनों हिसार में 21 सितंबर को हुई जनपरिवाद समिति की बैठक में विधायक जोगीराम सिहाग ने भी यह मामला उठाया था और इसमें कार्रवाई की मांग की थी। इस पर ऊर्जा मंत्री ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में दो दिनों में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
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जांच में मिलीं अनियमितताएं
- 1.18 करोड़ रुपये के कार्य को रिवाइज कर 3.98 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया, जबकि इस मामले में सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर टेंडर रि-कॉल किया जाना था।
- बिना थर्ड पार्टी रिपोर्ट के एजेंसी को 97 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया गया।
- जांच में मौके पर 334 एलईडी कम मिलीं और खंभों की फाउंडेशन भी नियमानुसार नहीं मिली।
- इस कार्य में विभाग को आर्थिक हानि भी हुई।