{"_id":"680546c29d0b7a4a130f23a0","slug":"buses-went-to-uchana-passengers-remained-helpless-for-hours-hisar-news-c-21-hsr1005-609289-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: उचाना गईं बसें, घंटों बेबस रहे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: उचाना गईं बसें, घंटों बेबस रहे यात्री
विज्ञापन
हिसार। बस स्टैंड पर बस का इंतजार करती सवारियां। संवाद
- फोटो : 1
हिसार। तपती दुपहरी में सामान लिए इधर-उधर भटकते यात्री, बैठने के लिए छाया तलाशते और शीतल जल के लिए वाटर कूलर पर इंतजार...। कुछ इसी तरह का आलम रविवार को बस स्टैंड पर नजर आया। जींद जिले के उचाना में प्रदेश स्तरीय भक्त धन्ना जाट जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में लोगों को ले जाने के लिए हिसार और हांसी सब डिपो की 82 बसें जींद भेजी गईं। हालांकि 122 बसें भेजी जानी थी, लेकिन जरूरत नहीं पड़ने पर 40 बसों को वापस बुला लिया गया। ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में लोग बसों का इंतजार करते देखे गए।
बसें नहीं मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी लोकल रूट के यात्रियों ने झेली। तोशाम, भट्टू, लाडवी, आदमपुर, डाबड़ी, लाडवा, थुराना, मिंगनीखेड़ा, हरिता, धांसू, दुर्जनपुर, टोहाना, उकलाना व भादरा सहित अन्य रूटों पर यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ा। आमतौर पर 10-15 मिनट के अंतराल पर मिलने वाली बस एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर मिली। ऐसे में यात्री सुबह छह बजे से शाम तक बसों का इंतजार करते रहे। बस सुविधा नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने निजी वाहनों का सहारा लिया। हालांकि लंबे रूट पर भी बसों की समस्या कमी सामने आई। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो शाम तक बसें वापस आनी शुरू हो गई थीं। सोमवार से सभी बसें निर्धारित रूटों पर शेडयूल के मुताबिक चलेंगी।
निजी बसों में खचाखच भीड़ रही
जयंती कार्यक्रम में रोडवेज बसों के जाने के कारण बूथों पर निजी बसें लगी हुई थीं। मगर इन बसों में भी काफी भीड़ थी। भीड़ के कारण काफी यात्री बसों में खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए। हालात यह रही कि बस स्टैंड के गेट पर भी काफी यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। वहीं, बस स्टैंड के बाहर ऑटो से लेकर कैब चालक यात्रियों को आवाज लगाकर बुला रहे थे।
विज्ञापन
बसों की समस्या तो झेली, पीने का पानी भी गर्म
बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं बस स्टैंड पर लगे प्याऊ में भी यात्रियों को गर्म पानी मिला। कैंटीन के पास लगे वाटर कूलर में पानी थोड़ा ठंडा था। मगर बाकी दोनों प्याऊ में गर्म पानी आ रहा था। ऐसे में यात्री कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर थे।
हिसार और हांसी सब डिपों में 256 बसें
हिसार और हांसी सब डिपों में रोडवेज की 256 बसें हैं। इनमें से 183 बसें हिसार और 73 बसें हांसी डिपो में हैं। इनमें से 82 बसों को उचाना भेजा गया। इसका असर लंबे व ग्रामीण रूटों के यात्रियों पर रहा।
एक घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली
मुझे कंवारी गांव जाना है। मगर एक घंटे बाद भी बस नहीं मिली। यात्रियों को कई रूटों पर समस्या उठानी पड़ी। यदि बस जयंती कार्यक्रम में भेजी जाती है तो रोडवेज को कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। - जगदीश चंद्रावल, यात्री
अपने घर खानक जाना है। डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद भी बस नहीं आई। पहले पता होता तो मैं आता भी नहीं। काफी परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज की ओर से कोई अन्य व्यवस्था की जानी चाहिए थी। - अजय, यात्री
कई रूटों पर बसों की समस्या बनी हुई थी। कई-कई घंटे तक बस नहीं आ रही थी। सबसे ज्यादा लोकल रूट पर समस्या आई। सरकारी कार्यक्रमों में रोडवेज बसों का भेजा जाना गलत है।- राहुल, यात्री
मैं हांसी से हूं और मुझे अपनी बेटी के घर मलापुर जाना था। काफी देर तक बस का इंतजार किया। इसके बाद भी नहीं आई। मुझे पहले पता नहीं था कि हिसार आने पर इतनी परेशानी होगी। - कृष्ण, यात्री
उचाना में जयंती कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम को हमारे पास बसें आनी शुरू हो गई थीं। सोमवार से सभी बसों का सुचारू रूप से संचालन किया जाएगा। - प्रेम सागर, एसएस, रोडवेज
विज्ञापन
बसें नहीं मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी लोकल रूट के यात्रियों ने झेली। तोशाम, भट्टू, लाडवी, आदमपुर, डाबड़ी, लाडवा, थुराना, मिंगनीखेड़ा, हरिता, धांसू, दुर्जनपुर, टोहाना, उकलाना व भादरा सहित अन्य रूटों पर यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ा। आमतौर पर 10-15 मिनट के अंतराल पर मिलने वाली बस एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर मिली। ऐसे में यात्री सुबह छह बजे से शाम तक बसों का इंतजार करते रहे। बस सुविधा नहीं मिलने पर कई यात्रियों ने निजी वाहनों का सहारा लिया। हालांकि लंबे रूट पर भी बसों की समस्या कमी सामने आई। रोडवेज अधिकारियों की मानें तो शाम तक बसें वापस आनी शुरू हो गई थीं। सोमवार से सभी बसें निर्धारित रूटों पर शेडयूल के मुताबिक चलेंगी।
विज्ञापन
निजी बसों में खचाखच भीड़ रही
जयंती कार्यक्रम में रोडवेज बसों के जाने के कारण बूथों पर निजी बसें लगी हुई थीं। मगर इन बसों में भी काफी भीड़ थी। भीड़ के कारण काफी यात्री बसों में खड़े होकर सफर करते दिखाई दिए। हालात यह रही कि बस स्टैंड के गेट पर भी काफी यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। वहीं, बस स्टैंड के बाहर ऑटो से लेकर कैब चालक यात्रियों को आवाज लगाकर बुला रहे थे।
विज्ञापन
बसों की समस्या तो झेली, पीने का पानी भी गर्म
बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं बस स्टैंड पर लगे प्याऊ में भी यात्रियों को गर्म पानी मिला। कैंटीन के पास लगे वाटर कूलर में पानी थोड़ा ठंडा था। मगर बाकी दोनों प्याऊ में गर्म पानी आ रहा था। ऐसे में यात्री कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर थे।
हिसार और हांसी सब डिपों में 256 बसें
हिसार और हांसी सब डिपों में रोडवेज की 256 बसें हैं। इनमें से 183 बसें हिसार और 73 बसें हांसी डिपो में हैं। इनमें से 82 बसों को उचाना भेजा गया। इसका असर लंबे व ग्रामीण रूटों के यात्रियों पर रहा।
एक घंटे इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली
मुझे कंवारी गांव जाना है। मगर एक घंटे बाद भी बस नहीं मिली। यात्रियों को कई रूटों पर समस्या उठानी पड़ी। यदि बस जयंती कार्यक्रम में भेजी जाती है तो रोडवेज को कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। - जगदीश चंद्रावल, यात्री
अपने घर खानक जाना है। डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद भी बस नहीं आई। पहले पता होता तो मैं आता भी नहीं। काफी परेशानी उठानी पड़ी। रोडवेज की ओर से कोई अन्य व्यवस्था की जानी चाहिए थी। - अजय, यात्री
कई रूटों पर बसों की समस्या बनी हुई थी। कई-कई घंटे तक बस नहीं आ रही थी। सबसे ज्यादा लोकल रूट पर समस्या आई। सरकारी कार्यक्रमों में रोडवेज बसों का भेजा जाना गलत है।- राहुल, यात्री
मैं हांसी से हूं और मुझे अपनी बेटी के घर मलापुर जाना था। काफी देर तक बस का इंतजार किया। इसके बाद भी नहीं आई। मुझे पहले पता नहीं था कि हिसार आने पर इतनी परेशानी होगी। - कृष्ण, यात्री
उचाना में जयंती कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम को हमारे पास बसें आनी शुरू हो गई थीं। सोमवार से सभी बसों का सुचारू रूप से संचालन किया जाएगा। - प्रेम सागर, एसएस, रोडवेज