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Hisar News: उच्च शिक्षा में भारत-यूके साझेदारी को बढ़ावा
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नई दिल्ली में आयोजित बैठक में ब्रिटिश काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्काॅट मैक्डोना
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हिसार। भारत और यूके के बीच उच्च शिक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में नई पहल की गई है। इसी क्रम में 17 मार्च को नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल में गुणवत्ता आश्वासन और अंतरराष्ट्रीयकरण विषयों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में ब्रिटिश काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्कॉट मैक्डोनाल्ड उपस्थित रहे। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) की ओर से डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओपी सांगवान ने भाग लेते हुए विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक सहयोग और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह पहल भारत और यूके के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिलेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि इस प्रकार के संवाद और सहयोग कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को नई दिशा देंगे और संस्थान को वैश्विक मंच पर और सशक्त बनाएंगे।
बैठक में यूके-भारत एजुकेशन विजन 2035 के तहत संकाय और छात्र गतिशीलता, संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, ट्रांसनेशनल एजुकेशन, विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथांपटन द्वारा गुरुग्राम में अपना पहला भारतीय कैंपस स्थापित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया, जिसे भारत में वैश्विक स्तर की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यह पहल भारत और यूके के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिलेंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि इस प्रकार के संवाद और सहयोग कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को नई दिशा देंगे और संस्थान को वैश्विक मंच पर और सशक्त बनाएंगे।
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बैठक में यूके-भारत एजुकेशन विजन 2035 के तहत संकाय और छात्र गतिशीलता, संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, ट्रांसनेशनल एजुकेशन, विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथांपटन द्वारा गुरुग्राम में अपना पहला भारतीय कैंपस स्थापित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया, जिसे भारत में वैश्विक स्तर की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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