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बियरिंग डिजाइन को नहीं मिली मंजूरी, इस हफ्ते बंद हो जाएगा आरओबी का निर्माण कार्य
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हिसार। कैमरी रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की अड़चनें दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब इसके निर्माण में एक और अड़चन आ गई है। अभी तक बियरिंग डिजाइन को मंजूरी नहीं मिली है, जबकि डिजाइन की फाइल रेलवे को मई में ही भेज दी गई थी। आरओबी पर गार्डर रखने का अंतिम चरण में पहुंच चुका है। संभावना है कि दो से तीन दिन में यह काम पूरा भी हो जाएगा। इसके बाद बियरिंग का ही काम शुरू किया जाना है। आरओबी का बचा हुआ कार्य इसी पर निर्भर है। अगर दो-तीन दिन में रेलवे ने बियरिंग डिजाइन को मंजूरी नहीं दी तो आरओबी का निर्माण कार्य रुक सकता है। पहले ही इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन तीन दफा बढ़ाई चुकी है।
बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी के साथ आरयूबी (रेलवे अंडरपास) भी बनाया जाना है। आरयूबी बनकर तैयार हो चुका है। वहीं रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से पर गार्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है। गार्डर लॉन्चिंग की ड्राइंग को भी रेलवे ने 8 माह में मंजूरी दी थी।
बियरिंग में लगेगा 15-20 दिन का समय
एजेंसी की मानें तो बियरिंग के काम में कम से 15 से 20 दिन का समय लगेगा। बियरिंग का काम पूरा होने के बाद ही स्लैब निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके अलावा आरओबी पर बिटुमिन (तारकोल) का काम भी इसके बाद ही होगा। एजेंसी का कहना है कि आरओबी का बचा हुआ काम बियनिंग पर ही निर्भर करता है।
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यह होता है बियरिंग का काम
बियरिंग का काम गार्डर को सुरक्षित रखना होता है। अगर भूकंप, भार या अन्य किसी भी वजह से ओवरब्रिज में कंपन होता है तो उस स्थिति में बियरिंग मूवमेंट कर गार्डर को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं।
एजेंसी ने डेडलाइन तीन माह बढ़ाने के लिए किया हुआ है आवेदन
आरओबी की डेडलाइन 30 अगस्त को प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म चुकी है। फिलहाल एजेंसी ने डेडलाइन 30 नवंबर तक बढ़ाने के लिए आवेदन किया हुआ है। इससे पहले दो बार डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी को अगस्त 2021 तक इसे पूरा करना था। मार्च 2020 के आखिर में लॉकडाउन लगने से काम रुक गया था। इसकी एवज में डेडलाइन चार माह बढ़ा दी गई थी। इसी बीच आरओबी की ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज कर दिया। इस कारण से डेडलाइन दूसरी बार बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी।
40 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले यह 26 करोड़ रुपये में तैयार होना था, लेकिन इसकी ड्राइंग में बदलाव होने से इसकी लागत बढ़ गई। इस प्रोजेक्ट में आरओबी के बीच का हिस्सा बो स्टिंग आकार में बनाया जाएगा। इस डिजाइन से बनने वाला यह शहर का पहला आरओबी होगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा।
वर्जन
बियरिंग डिजाइन की फाइल रेलवे के पास गई हुई है। जल्द ही इसे मंजूरी मिल जाएगी। रेलवे के संपर्क किया जा रहा है।
-मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर
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बता दें कि कैमरी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी के साथ आरयूबी (रेलवे अंडरपास) भी बनाया जाना है। आरयूबी बनकर तैयार हो चुका है। वहीं रेलवे ट्रैक के ऊपर वाले हिस्से पर गार्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है। गार्डर लॉन्चिंग की ड्राइंग को भी रेलवे ने 8 माह में मंजूरी दी थी।
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बियरिंग में लगेगा 15-20 दिन का समय
एजेंसी की मानें तो बियरिंग के काम में कम से 15 से 20 दिन का समय लगेगा। बियरिंग का काम पूरा होने के बाद ही स्लैब निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके अलावा आरओबी पर बिटुमिन (तारकोल) का काम भी इसके बाद ही होगा। एजेंसी का कहना है कि आरओबी का बचा हुआ काम बियनिंग पर ही निर्भर करता है।
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यह होता है बियरिंग का काम
बियरिंग का काम गार्डर को सुरक्षित रखना होता है। अगर भूकंप, भार या अन्य किसी भी वजह से ओवरब्रिज में कंपन होता है तो उस स्थिति में बियरिंग मूवमेंट कर गार्डर को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं।
एजेंसी ने डेडलाइन तीन माह बढ़ाने के लिए किया हुआ है आवेदन
आरओबी की डेडलाइन 30 अगस्त को प्रोजेक्ट की डेडलाइन खत्म चुकी है। फिलहाल एजेंसी ने डेडलाइन 30 नवंबर तक बढ़ाने के लिए आवेदन किया हुआ है। इससे पहले दो बार डेडलाइन बढ़ाई जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2020 में काम शुरू हुआ था। निर्माण एजेंसी को अगस्त 2021 तक इसे पूरा करना था। मार्च 2020 के आखिर में लॉकडाउन लगने से काम रुक गया था। इसकी एवज में डेडलाइन चार माह बढ़ा दी गई थी। इसी बीच आरओबी की ड्राइंग व एस्टीमेट रिवाइज कर दिया। इस कारण से डेडलाइन दूसरी बार बढ़ाकर अगस्त 2022 कर दी गई थी।
40 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की लागत
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 40 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले यह 26 करोड़ रुपये में तैयार होना था, लेकिन इसकी ड्राइंग में बदलाव होने से इसकी लागत बढ़ गई। इस प्रोजेक्ट में आरओबी के बीच का हिस्सा बो स्टिंग आकार में बनाया जाएगा। इस डिजाइन से बनने वाला यह शहर का पहला आरओबी होगा। यह आरओबी करीब 580 मीटर लंबा होगा। कैरिज वे की चौड़ाई 9.5 मीटर होगी, जिस पर वाहन चल सकेंगे। इसके अलावा एक तरफ डेढ़ मीटर का फुटपाथ बनाया जाएगा।
वर्जन
बियरिंग डिजाइन की फाइल रेलवे के पास गई हुई है। जल्द ही इसे मंजूरी मिल जाएगी। रेलवे के संपर्क किया जा रहा है।
-मेवा सिंह, एसडीओ, बीएंडआर