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Hisar News: बाले सिंह मिंगनीखेड़ा प्रगतिशील किसान समूह में प्रथम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:44 AM IST
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Bale Singh of Mingnikhera Ranks First in Progressive Farmers' Group
कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टॉलों के प्रतिनिधियों को सम्मानित
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में आयोजित दो दिवसीय कृषि मेला (खरीफ) के समापन अवसर पर मंगलवार को प्रगतिशील किसान समूह में हिसार के मिंगनीखेड़ा के बाले सिंह को प्रथम पुरस्कार दिया गया। महेंद्रगढ़ के गांव खायरा निवासी योगेंद्र को द्वितीय तथा यमुनानगर के सुभाष कंबोज को तृतीय स्थान मिला। सतत कृषि : समृद्धि की राह विषय पर आयोजित मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि एचएयू के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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सरकारी संस्थाओं की प्रतियोगिता में लुवास ने प्रथम, एमएचयू करनाल ने द्वितीय तथा हरियाणा उद्यान विभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समापन अवसर पर कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय किसानों के हित में समय-समय पर उन्नत किस्मों और जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों का विकास कर रहा है। उन्होंने किसानों से गांव स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन की पहल करने का आह्वान किया, ताकि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध हो सकें और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हों।
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उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल, भूमि और पर्यावरण का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। नई तकनीकों जैसे प्राकृतिक खेती, टिश्यू कल्चर तथा कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों का संरक्षण भी संभव है।
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कुलपति ने कहा कि यह मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों और वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान और अनुभवों का संगम है, जो भविष्य की कृषि दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि आज का किसान जागरूक, वैज्ञानिक सोच रखने वाला और नवाचारों को अपनाने के लिए तत्पर है।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान किसानों से प्राप्त सुझाव और फीडबैक विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनके आधार पर नए अनुसंधान और तकनीकों को विकसित किया जाएगा। हमें ऐसी टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणाली अपनानी होगी, जो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को भी सुरक्षित रखे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों और प्रतिभागियों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल के समुचित उपयोग, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों, संस्थानों और कंपनियों को भी सम्मानित किया गया।

विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि सीसीएसएचएयू विभाग समूह में सीड्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग प्रथम, सब्जी विज्ञान विभाग द्वितीय तथा एबिक बेकरी/ऑयलसीड सेक्शन तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम में हरियाणा किसान कल्याण प्राधीकरण के सीईओ डॉ. रविन्द्र चौहान भी उपस्थित रहे। धन्यवाद प्रस्ताव सह निदेशक विस्तार डॉ. सुनील ढांडा ने प्रस्तुत किया, जबकि मंच का संचालन डॉ. कनिका और श्वेता ने किया।
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