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नगर निगम के नक्शे पर ऑडिट का पहरा
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:38 AM IST
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नगर निगम से नक्शा पास करवाने व उसके बदले कर्मचारी अब मनमर्जी की फीस नहीं वसूल पाएंगे। हर नक्शे पर अब ऑडिट का पहरा रहेगा। बिल्डिंग ब्रांच कोई भी नक्शा पास करवाने में कोई हेराफेरी नहीं कर पाएगी। चंडीगढ़ से आई ऑडिट टीम ने नगर निगम के अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था के लिए कहा है।
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हेराफेरी दिखेगी तो ऑडिट लगाएगी ऑब्जेक्शन
पोस्ट ऑडिट टीम ने बिल्डिंग ब्रांच द्वारा जो भी नक्शे पास किए गए हैं उनमें घपले की आशंका जताई थी। इसलिए टीम ने कहा कि जो भी नक्शा पास हो वह सही है या गलत। उसके केलकुलेशन चेक की जाए कि कितनी फीस बनती है। ताकि ब्रांच पर पहरा रहे।
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प्री ऑडिट की मुहर बिना नहीं होगा नक्शा पास
बिल्डिंग ब्रांच में जो भी नक्शे की फाइल आएगी उस पर कार्रवाई के बाद ऑडिट की मुहर लगनी जरूरी है। बिल्डिंग इंस्पेक्टर मौका जाकर देखेंगे और फिर फाइल पर रिपोर्ट करेंगे। अगर कहीं कोई नक्शे में गड़बड़ मिलेगी तो वे उसे दुरुस्त करवाकर दोबारा फाइल करवाएंगे।
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जब ब्रांच उसे अपनी तरफ से सही घोषित कर देगी तब उसे ऑडिट चेक करेगा। अगर ऑडिट नक्शे की फाइल से संतुष्ट होगी तो उसे पास की मंजूरी मिल पाएगी। वरना ऑडिट ऑब्जेक्शन फिर लगा देगा।
चल रहा है बड़ा घालमेल
सूत्रों की मानें तो बिल्डिंग ब्रांच में बड़ा घालमेल चल रहा है। मामूली कमियों को तो ब्रांच अपने स्तर पर ही मैनेज कर लेती है। शहर में अवैध निर्माण भी धड़ाधड़ हो रहे हैं। अगर कोई शिकायत करता है तो उस निर्माण को लेकर ब्रांच कार्रवाई करने की ढिंढोरा पीटती है बिना शिकायत वाला निर्माण चाहे अधिकारियों के सामने होता रहे ब्रांच के अधिकारी आंखें बंद कर लेते हैं।
नक्शे की फाइल अब ब्रांच से निकलने के बाद ऑडिट में जाएगी। ऑडिट ब्रांच उस पर फाइनल मुहर लगाएगी। अब बिना ऑडिट करवाए कोई भी नक्शा पास नहीं होगा।
- राहुल मोर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर नगर निगम