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Hisar News: राष्ट्रमंडल खेलों में भैरियां के अंकुश पंघाल ने दिखाया मुक्के का दम
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प्रतियोगिता में मुक्के का दम दिखाते अंकुश पंघाल।
हिसार। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में हिसार जिले के भैरियां गांव के 19 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने एंटीगुआ और बारबुडा के जलान जान को 5-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया।
अब उनका क्वार्टर फाइनल मुकाबला बुधवार को होगा। इस प्रतियोगिता का सेमीफाइनल 31 जुलाई और फाइनल 1 अगस्त को खेला जाएगा।
अंकुश के पूर्व कोच एवं गांव गंगवा निवासी प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश ने मुकाबले के तीनों राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 से जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि अंकुश ने 12 वर्ष की उम्र में, करीब नौ वर्ष पहले, उनके मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की शुरुआत की थी। वर्तमान में अंकुश बेंगलुरु स्थित सेना के खेल प्रशिक्षण केंद्र में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। लगातार मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। वह 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अंकुश ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान में आयोजित यूथ चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2025 में विश्व मुक्केबाजी कप में चोट के बावजूद रजत पदक अपने नाम किया। वर्ष 2026 में उन्होंने इंडियन नेशनल चैंपियनशिप और ग्रैंड प्रिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब खेल प्रेमियों की नजर उनके क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर है। इसमें जीत दर्ज करते ही उनका पदक पक्का हो जाएगा।
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अंकुश के पिता सुरेश किसान हैं, जबकि माता मुकेश गृहिणी हैं। उनके ताऊ रमेश सहित परिवार के सदस्यों और खेल प्रेमियों ने मुकाबले का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान उनकी बहन नीलम, अंजू, नीतू, तहेरे भाई अंकित और तहेरी बहन ज्योतिरानी भी मौजूद रहीं।
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अब उनका क्वार्टर फाइनल मुकाबला बुधवार को होगा। इस प्रतियोगिता का सेमीफाइनल 31 जुलाई और फाइनल 1 अगस्त को खेला जाएगा।
अंकुश के पूर्व कोच एवं गांव गंगवा निवासी प्रदीप सावंत ने बताया कि अंकुश ने मुकाबले के तीनों राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 से जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि अंकुश ने 12 वर्ष की उम्र में, करीब नौ वर्ष पहले, उनके मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की शुरुआत की थी। वर्तमान में अंकुश बेंगलुरु स्थित सेना के खेल प्रशिक्षण केंद्र में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। लगातार मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। वह 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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अंकुश ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान में आयोजित यूथ चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2025 में विश्व मुक्केबाजी कप में चोट के बावजूद रजत पदक अपने नाम किया। वर्ष 2026 में उन्होंने इंडियन नेशनल चैंपियनशिप और ग्रैंड प्रिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब खेल प्रेमियों की नजर उनके क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर है। इसमें जीत दर्ज करते ही उनका पदक पक्का हो जाएगा।
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अंकुश के पिता सुरेश किसान हैं, जबकि माता मुकेश गृहिणी हैं। उनके ताऊ रमेश सहित परिवार के सदस्यों और खेल प्रेमियों ने मुकाबले का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान उनकी बहन नीलम, अंजू, नीतू, तहेरे भाई अंकित और तहेरी बहन ज्योतिरानी भी मौजूद रहीं।