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1977 से 2005 तक घिराय मुख्य हलकों में से एक था, चौधरी देवीलाल ने भी यहां से चुनाव लड़ा, लेकिन प्रो. छत्रपाल से हार गए थे
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प्रदेश में चौथी बार 1977 में चुनाव हुए तो हिसार मेें एक नया हलका शामिल हो गया था, जिसका नाम था घिराय हलका। आसपास के बहुत सारे गांवों को जोड़कर यह हलका बनाया गया था। इस हलके की अपनी अहमियत थी और एक समय आ गया था, जब राजनीतिक गलियारे इस हलके की चर्चा के बिन सूना रहता था।
इस हलके का क्या महत्व था, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 1991 में चौधरी देवीलाल ने भी यहां से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस के युवा चेहरे प्रो. छतरपाल ने उन्हें कड़े मुकाबले में करीब 21ृ00 वोटों से हरा दिया था। प्रो. छतरपाल ने यहां चार बार चुनाव लड़ा और 2005 में अंतिम बार हुए चुनाव सहित दो बार वे यहां से विधायक बने थे। 2005 के बाद घिराय हलके को तोड़कर बरवाला में शामिल कर दिया गया। खास बात ये है कि जिस घिराय गांव के नाम पर हलका बनाया गया था, वो घिराय आज हांसी हलके में आता है।
सबसे अधिक तीन बार विधायक रहे कंवल सिंह
घिराय हलके में जब पहली बार चुनाव हुए तब जनता पार्टी के उम्मीदवार कंवल सिंह ने यहां से 9420 मतों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने निर्दलीय सुरेश चंद्र को हराया था। 1982 में कंवल सिंह लोकदल पार्टी से मैदान में उतरे और फिर जीते। 1996 में कंवल सिंह हविपा से मैदान में उतरे और बेहद करीबी मामले में छतरपाल को 326 मतों से हराया था।
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वर्ष 1977
कुल वोटर - 68566
वोट पड़े - 44562, 64.99 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार -12
जीते- कंवल सिंह - जेएनपी पार्टी - मत मिले 18991 - 23.21 प्रतिशत
हारे - सुरेश चंद्र - निर्दलीय - 9571 मत मिले -21.78 प्रतिशत
वर्ष 1982
कुल वोटर - 79514
वोट पड़े 54480, 68.52 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 12 वोटर
जीते - कंवल सिंह - लोकदल पार्टी - 17975 मत मिले, 33.63 प्रतिशत
हारे - सुरेश चंद्र मित्तल -निर्दलीय - 15818 मत मिले, 29.58 प्रतिशत
वर्ष - 1987
कुल वोटर - 95942
वोट पड़े - 70953, 73.95 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 17
जीते - आत्मा राम - लोकदल, 36157 मत मिले, 51.79 प्रतिशत
हारे - सुरेश कुमार - निर्दलीय - 14907 मत मिले, 21.35 प्रतिशत
वर्ष - 1991
कुल वोटर - 104062
वोट पड़े - 69998, 67.27 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 20
जीते - छतरपाल सिंह - कांग्रेस, 29927, 43.97 मत मिले, प्रतिशत
हारे - देवी लाल - जनता पार्टी - 27773 मत मिले, 40.80 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 20
वर्ष - 1996
कुल वोटर - 111470,
वोट पड़े - 82200, 73.74 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 53
कंवल सिंह - हविपा, 21497, 27.20 प्रतिशत
छतरपाल सिंह - निर्दलीय - 21171, 26.79 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 53
वर्ष - 2000
कुल वोट - 110373
वोट पड़े - 87540, 79.31 प्रतिशत
कुल प्रत्याशी - 11
पुरण सिंह - इनेलो पार्टी, 42491 मत मिले, 49.19 प्रतिशत
प्रो. छतरपाल - कांग्रेस पार्टी - 37821 मत मिले, 43.78 प्रतिशत।
वर्ष - 2005
वोट पड़े - 102789
कुल उम्मीदवार - 16
जीते - प्रो. छतरपाल, कांग्रेस पार्टी, 53186 मत मिले, 51.74 प्रतिशत
जोगी राम सिहाग सिसाय, निर्दलीय, 26742 मत मिले, 26.02 प्रतिशत
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इस हलके का क्या महत्व था, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 1991 में चौधरी देवीलाल ने भी यहां से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस के युवा चेहरे प्रो. छतरपाल ने उन्हें कड़े मुकाबले में करीब 21ृ00 वोटों से हरा दिया था। प्रो. छतरपाल ने यहां चार बार चुनाव लड़ा और 2005 में अंतिम बार हुए चुनाव सहित दो बार वे यहां से विधायक बने थे। 2005 के बाद घिराय हलके को तोड़कर बरवाला में शामिल कर दिया गया। खास बात ये है कि जिस घिराय गांव के नाम पर हलका बनाया गया था, वो घिराय आज हांसी हलके में आता है।
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सबसे अधिक तीन बार विधायक रहे कंवल सिंह
घिराय हलके में जब पहली बार चुनाव हुए तब जनता पार्टी के उम्मीदवार कंवल सिंह ने यहां से 9420 मतों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने निर्दलीय सुरेश चंद्र को हराया था। 1982 में कंवल सिंह लोकदल पार्टी से मैदान में उतरे और फिर जीते। 1996 में कंवल सिंह हविपा से मैदान में उतरे और बेहद करीबी मामले में छतरपाल को 326 मतों से हराया था।
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वर्ष 1977
कुल वोटर - 68566
वोट पड़े - 44562, 64.99 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार -12
जीते- कंवल सिंह - जेएनपी पार्टी - मत मिले 18991 - 23.21 प्रतिशत
हारे - सुरेश चंद्र - निर्दलीय - 9571 मत मिले -21.78 प्रतिशत
वर्ष 1982
कुल वोटर - 79514
वोट पड़े 54480, 68.52 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 12 वोटर
जीते - कंवल सिंह - लोकदल पार्टी - 17975 मत मिले, 33.63 प्रतिशत
हारे - सुरेश चंद्र मित्तल -निर्दलीय - 15818 मत मिले, 29.58 प्रतिशत
वर्ष - 1987
कुल वोटर - 95942
वोट पड़े - 70953, 73.95 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 17
जीते - आत्मा राम - लोकदल, 36157 मत मिले, 51.79 प्रतिशत
हारे - सुरेश कुमार - निर्दलीय - 14907 मत मिले, 21.35 प्रतिशत
वर्ष - 1991
कुल वोटर - 104062
वोट पड़े - 69998, 67.27 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 20
जीते - छतरपाल सिंह - कांग्रेस, 29927, 43.97 मत मिले, प्रतिशत
हारे - देवी लाल - जनता पार्टी - 27773 मत मिले, 40.80 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 20
वर्ष - 1996
कुल वोटर - 111470,
वोट पड़े - 82200, 73.74 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 53
कंवल सिंह - हविपा, 21497, 27.20 प्रतिशत
छतरपाल सिंह - निर्दलीय - 21171, 26.79 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार - 53
वर्ष - 2000
कुल वोट - 110373
वोट पड़े - 87540, 79.31 प्रतिशत
कुल प्रत्याशी - 11
पुरण सिंह - इनेलो पार्टी, 42491 मत मिले, 49.19 प्रतिशत
प्रो. छतरपाल - कांग्रेस पार्टी - 37821 मत मिले, 43.78 प्रतिशत।
वर्ष - 2005
वोट पड़े - 102789
कुल उम्मीदवार - 16
जीते - प्रो. छतरपाल, कांग्रेस पार्टी, 53186 मत मिले, 51.74 प्रतिशत
जोगी राम सिहाग सिसाय, निर्दलीय, 26742 मत मिले, 26.02 प्रतिशत