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Hisar News: जनरेटर गर्म होते ही ठंडी पड़ रहीं किसानों की उम्मीदें
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23 साल पुराना जेनरेटर दिखाते अनिल गोरछी
हिसार। गांव गोरछी स्थित पंप हाउस पर 45 वर्ष पुराने जेनरेटर के कारण किसानों की लगभग 800 एकड़ खेती को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जेनरेटर केवल दो घंटे चलने के बाद गर्म होने पर बंद करना पड़ता है। इससे गोरछी और पनिहार चक्क गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने से बेहतर फसल उत्पादन की उम्मीद ठंडी पड़ जाती है।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य कमेटी सदस्य अनिल गोरछी ने बताया कि किसान अब भी पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल के कार्यकाल में वर्ष 1981 में लगाए गए पुराने जेनरेटर के भरोसे हैं। यह जेनरेटर मूल रूप से दोनों गांवों के किसानों को सिंचाई एवं पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया था लेकिन अब यह जर्जर हो चुका है। नए जेनरेटर के लिए सिंचाई विभाग की ओर से 14 लाख रुपये का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया था जिसे बजट उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए वापस कर दिया गया।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए संसद भवन और विधानसभा भवन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं जबकि किसानों को सिंचाई के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में अनदेखी की जा रही है। अब हिसार प्रशासन की ओर से एस्टीमेट को रिवाइज कराया गया है।
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गंगवा से तीन बार मिले चुके किसान, नहीं निकला समाधान:
क्षेत्र के किसान नलवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा से भी तीन बार मुलाकात कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होने सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तय समय में नया जेनरेटर नहीं लगाया गया तो पनिहार चक्क और गोरछी के किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य कमेटी सदस्य अनिल गोरछी ने बताया कि किसान अब भी पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल के कार्यकाल में वर्ष 1981 में लगाए गए पुराने जेनरेटर के भरोसे हैं। यह जेनरेटर मूल रूप से दोनों गांवों के किसानों को सिंचाई एवं पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया था लेकिन अब यह जर्जर हो चुका है। नए जेनरेटर के लिए सिंचाई विभाग की ओर से 14 लाख रुपये का एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया था जिसे बजट उपलब्ध न होने का हवाला देते हुए वापस कर दिया गया।
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उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए संसद भवन और विधानसभा भवन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं जबकि किसानों को सिंचाई के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में अनदेखी की जा रही है। अब हिसार प्रशासन की ओर से एस्टीमेट को रिवाइज कराया गया है।
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गंगवा से तीन बार मिले चुके किसान, नहीं निकला समाधान:
क्षेत्र के किसान नलवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा से भी तीन बार मुलाकात कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होने सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तय समय में नया जेनरेटर नहीं लगाया गया तो पनिहार चक्क और गोरछी के किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।