फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Angry city government, came to encompass the DC court

गुस्साई शहर की सरकार, धरना देने पहुंची डीसी दरबार

Tue, 23 Jun 2015 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार Updated Tue, 23 Jun 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन

नगर निगम में हाउस की बैठक में कमिश्नर एवं डीसी चंद्रशेखर के न पहुंचने पर पार्षदों ने खूब हंगामा किया। कई दिनों से तेवर में दिख रही शहर की सरकार ने सदन छोड़कर बैठक करने से ही इनकार कर दिया। हाल यह रहा कि सदन की बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामा मच गया।

विज्ञापन


पार्षदों ने निगम प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और डीसी कार्यालय में पहुंचकर धरने पर बैठ गए। करीब साढ़े 11 बजे पहुंचे विधायक ने पार्षदों को डीसी कार्यालय में जाने से पहले काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
विज्ञापन


डीसी कार्यालय में एडीसी ने कमिश्नर तक उनकी बात पहुंचाने का आश्वासन दिए जाने पर वे वापस निगम लौटे।
मीटिंग का बहिष्कार करने पर पार्षदों ने निगम के ज्वाइंट कमिश्नर गिरीश कुमार, ईओ अरविंद बिश्नोई, सचिव वीरेंद्र सहारण को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने अधिकारियों को यहां तक कह डाला कि हम भिखारी हैं क्या... एक भी काम अधिकारियों को कहने पर नहीं हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्षद प्रहलाद ने मीटिंग हॉल में खूब टेबल थपथपाई। उन्होंने गुस्से में निगम के सभी अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कोई अधिकारी काम नहीं करना चाहता। फोन करते हैं तो फोन नहीं उठाते। मृत पशु कॉलोनियों में पड़े रहते हैं।
जन प्रतिनिधि कौन है ...कोई वेल्यू ही नहीं। जनस्वास्थ्य विभाग का कोई एक्सईएन व एसडीओ समस्या तक का हल नहीं करवा सकते। उन्होंने कहा कि वे तुरंत मीटिंग का बहिष्कार करते हैं। अगर अधिकारियों का ऐसा ही हाल रहा तो सभी पार्षद पद से इस्तीफा देने को भी तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि मीटिंग में न तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैं, न फूड एंड सप्लाई के और न ही बिजली निगम के। ऐसे में मीटिंग का क्या फायदा।

बीजेपी समर्थित पार्षदों ने सदन में अन्य पार्षदों का अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाने में खूब साथ दिया। मगर जैसे ही विधायक बैठक में शामिल होने निगम पहुंचे तो सभी बीजेपी समर्थित पार्षद शांत हो गए।

उन्होंने दूसरी गाड़ी में डीसी कार्यालय पहुंचने की बात कहकर अन्य सभी पार्षदों, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को भेज दिया। रेखा सैनी, रेेखा ऐरन, कर्मबीर ढिल्लो, प्रीतम सैनी, डॉ. महेंद्र जुनेजा डीसी कार्यालय में धरना देने नहीं पहुंचे।

विधायक बोले, मीटिंग से निकलेगा हल
सदन की बैठक छोड़कर जब सभी पार्षद मेयर रूम में पहुंच गए तो कुछ देर बाद विधायक डॉ. कमल गुप्ता पहुंच गए। उन्होंने गुस्साए पार्षदों को मनाने की कोशिश करते हुए कहा बैठक करोगे तो ही समस्याओं का हल निकलेगा।

जवाब में पार्षद राजपाल मांडू कुर्सी से खड़े होकर बोले, विधायक जी आप निकलवा दो हल मेरे सातरोड में 200 परिवार गली में सो रहे हैं। बहू-बेटियों का घर है, जिनकी दीवार गिरा दी जाए तो उन्हें भय ही रहता है। आपकी दीवार गिर जाए तो आप दूसरा काम बाद में करोगे पहले अपने घर की दीवार खड़ी करवाओगे।

मौके पर ईओ अरविंद बिश्नोई ने भी मेयर व पार्षदों को खूब मनाने की कोशिश की। ईओ ने कहा कि डीसी साहब किसी जरूरी काम से चंडीगढ़ गए हैं।

बैठक करो, एजेंडे में प्रस्ताव रखो काम होंगे। आपको पहले वाले एजेंडों में रखे गए प्रस्ताव के बारे में भी स्टेटस रिपोर्ट दी जाएगी। पार्षद मानसिंह चौहान ने ईओ को कहा कि पांच मीटिंग इससे पहले हो चुकी हैं। आपके सचिव को तो यह तक नहीं पता कि क्या काम हुए हैं और क्या होने हैं। कोई अधिकारी ही नहीं सुनता। पांच मीटिंग में क्या हल निकला।

डीसी कार्यालय में फर्श पर जाकर बैठे पार्षद

निगम के नारेबाजी करते हुए पार्षद कार्यालय से बाहर निकल गए। वे सीधेे डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी एवं कमिश्नर कार्यालय में नहीं थे। सभी पार्षद कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठ गए और धरना दे दिया। मौके पर डीसी के पीए पहुंचे उन्होंने कुर्सी पर बैठने के लिए सभी को कहा।

जवाब में पार्षदों ने कहा कि भाई साहब, जमीन पर तो निगम ने हमे पहले ही बैठा दिया। काम तो कुछ होते ही नहीं।

डीसी कार्यालय के सामने कुछ देर धरने के बाद जब उन्होंने पीए से डीसी को बुलाने की बात कही तो पीए ने एडीसी से मुलाकात करवाने के लिए कहा।

धरने पर एडीसी राजनारायण कौशिक पहुंच गए। उन्होंने आते ही कहा मेरे पास तो ग्रामीण एरिया है, मैं कुछ नहीं कर सकता। हां, आपकी बात डीसी साहब तक पहुंचा दूंगा। इस पर पार्षद बोले कोई बात नहीं हम तो आपसे राम-राम करने ही आए हैं। आश्वसन के बाद वे निगम कार्यालय वापस पहुंच गए।

..........
मेयर बोलीं, कौन सा लैटर आ रहा मुझे पता तक नहीं
ईओ अरविंद बिश्नोई ने जब पार्षदों को मनाने की कोशिश की तो उन्होंने कहा कि अधिकारी आपकी सब बातें सुनेंगे। मेयर ने सबसे सामने कहा, कहां सुनते हैं अधिकारी। निगम में सरकार या अधिकारियों का क्या पत्राचार हो रहा है मेरे पास तो एक भी लैटर नहीं आता।

सदन की बैठक करने के लिए पार्षद टीनू जैन, कमला बसंल, शालू दीवान, रेखा सैनी, डीप्टी मेयर भीम महाजन, सीनियर डिप्टी मेयर दयानंद सैनी, मानसिंह चौहान,मास्टर प्रहलाद, अजीत सिंह, राजपाल मांडू, उदयवीर सिंह मिंटू, मेयर शकुंतला राजलीवाला, डॉ. महेंद्र जुनेजा, प्रीतम सैनी, चंद्रपति ढांडा, अनीता रानी, सरोज खटाणा, कर्मबीर ढिल्लो, नरेंद्र शर्मा, रेखा ऐरन।


मुझे कोई अचानक काम आ गया था। आधे दिन की छुट्टी पर मैं बाहर चला गया था, इस कारण बैठक में नहीं आ सका। बैठक में ज्वाइंट कमिश्नर सहित सारे अधिकारी थे तो पार्षदों को बैठक करनी चाहिए थी। मेरे दरवाजे पार्षदों के लिए हमेशा खुले हैं। बैठक होती तो शहर के विकास कार्यों को गति मिलती।
-चंद्रशेखर खरे, डीसी एवं निगम कमिश्नर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed