फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Anant Panghal and Harshita Mor won gold medal in the Third Ranking Series

Hisar News: थर्ड रैंकिंग सीरिज में अंतिम पंघाल व हर्षिता मोर ने जीता स्वर्ण पदक

Sun, 01 Jun 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 01 Jun 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
Anant Panghal and Harshita Mor won gold medal in the Third Ranking Series
स्वर्ण पदक विजेता पहलवान अंतिम पंघाल। 
हिसार। मंगोलिया के उलानबटार में चल रही तीसरी रैंकिंग सीरीज में साई की पहलवान एवं ओलंपियन अंतिम पंघाल और हर्षिता मोर ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। पहलवान अंतिम ने 53 और हर्षिता ने 72 किलोग्राम भारवर्ग में फाइनल में मंगोलिया की पहलवान को शिकस्त देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
विज्ञापन

दोनों पहलवान साई में कोच राजेश नांदल के पास अभ्यास कर रही हैं। कोच नांदल ने बताया कि अंतिम ने अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवान को 10-0 और हर्षिता ने 14-4 से हराकर पदक जीता है। इससे पहले भी दोनों बेटियां कई पदक जीत नाम रोशन कर चुकी हैं। हर्षिता मोर मूलरूप से गांव बास की रहने वाली है। वर्तमान में वह हिसार के सेक्टर 16-17 में रह रही हैं। हर्षिता ने 2019 में कुश्ती खेलने की शुरुआत की थी। वह सीनियर एशिया चैंपियनशिप रजत पदक जीत चुकी है। इसी प्रकार वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में स्वर्ण, जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य और अंडर-23 एशिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है।
विज्ञापन

हर्षिता ने कुश्ती की शुरुआत डीपीई संजीव आर्य के पास की थी। अब पिछले काफी समय से साई में अभ्यास कर रही हैं। पदक जीतने पर जेएसडब्ल्यू से कोच सियानंद दहिया, सुनील ढुल, कृष्ण पूनिया, कृष्ण लांबा, संजू जाखड़ और सुखविंद्र कौर ने दोनों बेटियों को बधाई दी। चैंपियनशिप 29 मई से शुरू हुई थी और 1 जून तक चलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पेरिस में हुए ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी आजाद नगर की रहने वाली पहलवान अंतिम पंघाल भी राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। पहलवान अंतिम पंघाल मूलरूप से गांव भगाना की रहने वाली है। जब बेटी अंतिम को गांव में पहलवानी सिखाने के लिए कोच नहीं मिला तो पिता ने बेटी का भविष्य बनाने के लिए गांव तक छोड़ दिया और हिसार आकर बस गए।

बेटी के सपने को पूरा करने के लिए तीन साल तक किराये के मकान में गुजारे। अब बेटी पदकों की झड़ी लगा माता-पिता के सपने को पूरा कर रही हैं। अंतिम वर्ल्ड चैंपियनशिप, अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप, अंडर-20 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसी प्रकार अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में रजत और सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed