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Hisar News: वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्रोजेक्ट पर मंथन के लिए नहीं पहुंचीं एजेंसियां, अब 15 मई को दोबारा बुलाया
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डंपिंग स्टेशन पर कचरे का निस्तारण करती मशीन।
हिसार। नगर निगम के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पर मंथन के लिए शुक्रवार को एजेंसियां नहीं आईं, जिससे प्रोजेक्ट पर चर्चा नहीं हो सकी। अब निगम अधिकारियों ने सभी एजेंसियों को 15 मई को दोबारा बुलाया है।
नगर निगम की ओर से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्य योजना, तकनीकी, वित्तीय और पर्यावरण संबंधी रिपोर्ट तथा टेंडर की शर्तें तैयार करवाई जाएंगी। सरकार ने इस कार्य के लिए छह एजेंसियों को अधिकृत किया है। निगम ने इन्हीं एजेंसियों को शुक्रवार को निगम कार्यालय में बुलाया था, ताकि वे प्रोजेक्ट से संबंधित अपना प्रस्तुतीकरण दे सकें। इसी प्रस्तुतीकरण के आधार पर निगम किसी एक एजेंसी का चयन करेगा, जो प्रोजेक्ट का पूरा खाका तैयार करेगी।
इस कार्य के लिए निगम में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें निगमायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, अतिरिक्त निगमायुक्त और दो एक्सईएन शामिल हैं। यह कमेटी ही उस कंसलटेंट एजेंसी का चयन करेगी, जो प्रोजेक्ट का खाका तैयार करेगी।
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चयनित एजेंसी प्रोजेक्ट का विस्तृत खाका तैयार करेगी। निगम यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजेगा, जहां से इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत हिसार में पांच जिलों के कचरे से ऊर्जा बनाई जाएगी। इसमें हिसार, जींद, फतेहाबाद, हांसी और भिवानी (सिवानी) जिले शामिल हैं। इन जिलों के कचरे को हिसार में इकट्ठा कर प्लांट में ऊर्जा में बदला जाएगा। इस प्लांट के लिए बीड़ बबरान-श्यामसुख रोड पर स्थित राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की 55 एकड़ 6 कनाल 16 मरले जमीन चयनित की गई है।
पूर्व में रद्द किया गया प्रोजेक्ट
इससे पहले निगम अधिकारियों ने वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे यह कहते हुए रद्द कर दिया कि प्रोजेक्ट किसी नवीनतम तकनीक पर आधारित होना चाहिए। इसके बाद वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए कई निगमायुक्तों की एक कमेटी बनाई गई, जिसे प्रोजेक्ट पर रिपोर्ट तैयार करनी थी। निगम अधिकारियों ने हाल ही में देश की राजधानी में बने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन भी किया।
एजेंसियां व्यस्त होने के कारण नहीं आईं। अब उन्हें 15 मई का शेड्यूल दिया गया है।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।
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नगर निगम की ओर से वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्य योजना, तकनीकी, वित्तीय और पर्यावरण संबंधी रिपोर्ट तथा टेंडर की शर्तें तैयार करवाई जाएंगी। सरकार ने इस कार्य के लिए छह एजेंसियों को अधिकृत किया है। निगम ने इन्हीं एजेंसियों को शुक्रवार को निगम कार्यालय में बुलाया था, ताकि वे प्रोजेक्ट से संबंधित अपना प्रस्तुतीकरण दे सकें। इसी प्रस्तुतीकरण के आधार पर निगम किसी एक एजेंसी का चयन करेगा, जो प्रोजेक्ट का पूरा खाका तैयार करेगी।
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इस कार्य के लिए निगम में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें निगमायुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, अतिरिक्त निगमायुक्त और दो एक्सईएन शामिल हैं। यह कमेटी ही उस कंसलटेंट एजेंसी का चयन करेगी, जो प्रोजेक्ट का खाका तैयार करेगी।
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चयनित एजेंसी प्रोजेक्ट का विस्तृत खाका तैयार करेगी। निगम यह रिपोर्ट मुख्यालय भेजेगा, जहां से इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत हिसार में पांच जिलों के कचरे से ऊर्जा बनाई जाएगी। इसमें हिसार, जींद, फतेहाबाद, हांसी और भिवानी (सिवानी) जिले शामिल हैं। इन जिलों के कचरे को हिसार में इकट्ठा कर प्लांट में ऊर्जा में बदला जाएगा। इस प्लांट के लिए बीड़ बबरान-श्यामसुख रोड पर स्थित राजकीय पशुधन फार्म (जीएलएफ) की 55 एकड़ 6 कनाल 16 मरले जमीन चयनित की गई है।
पूर्व में रद्द किया गया प्रोजेक्ट
इससे पहले निगम अधिकारियों ने वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे यह कहते हुए रद्द कर दिया कि प्रोजेक्ट किसी नवीनतम तकनीक पर आधारित होना चाहिए। इसके बाद वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए कई निगमायुक्तों की एक कमेटी बनाई गई, जिसे प्रोजेक्ट पर रिपोर्ट तैयार करनी थी। निगम अधिकारियों ने हाल ही में देश की राजधानी में बने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन भी किया।
एजेंसियां व्यस्त होने के कारण नहीं आईं। अब उन्हें 15 मई का शेड्यूल दिया गया है।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।