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किसान का अपहरण कर हत्या करने के बाद शव नहर में फेंका
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस मामले की जांच करती।
- फोटो : Hisar
हिसार। खरकड़ी गांव में सुबह खेत में पानी लगाने गए 58 वर्षीय उमेद उर्फ बेदू की अपहरण के बाद हत्या कर दी। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने हाथ-पांव रस्सी से बांधकर नहर में फेंक दिया। शाम को उसका शव सरसाना माइनर से बरामद हुआ है। सूचना मिलने पर आजाद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। सदर थाना पुलिस ने रविवार को ही मृतक के बेटे सोनू की शिकायत पर कुलदीप, सतीश और बलबीर के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
दो साल पहले मृतक के बेटे की हुई थी हत्या
सदर थाना पुलिस में दी गई शिकायत में खरकड़ी गांव के रहने वाले सोनू ने बताया कि उनके पिता उमेद सिंह गांव के ही सतपाल के खेत में सिरी का काम करता था। रविवार सुबह करीब चार बजे खेतों में पानी लगाने के लिए गए थे। जब खेत में पिता से मिलने के लिए गया तो वहां पर पिता कहीं पर दिखाई नहीं दिए। उनकी साइकिल खड़ी हुई थी। खेत में पानी भी नहीं लगा था। सोनू का कहना है कि वर्ष 2020 में मेरे भाई की हत्या की गई थी। हत्या का आरोप कुलदीप, सतीश और बलबीर पर लगा था। सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में उसने शक जताया था कि उक्त लोगों ने ही उसके पिता का अपहरण किया है। शाम को उमेद का शव माइनर में मिला।
गंगवा गांव निवासी युवा कांग्रेसी नेता मनोज टाक ने बताया कि गंगवा और आर्यनगर के बीच से सरसाना माइनर गुजरती है। दोपहर बाद वहां पर बच्चे नहा रहे थे। उन्होंने शव देखा और इस बारे में उन्हें बताया। मैं अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा लेकिन शव कहीं दिखाई नहीं दिया। इसके बाद बाईपास पुल के नीचे शव की तलाश की तो शव मिला। इसके बाद डायल 112 पर कॉल की। आजाद नगर थाना प्रभारी सदानंद मौके पर पहुंचे। शव की पहचान खरखड़ी निवासी उमेद के रूप में हुई।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि उमेद की अंगौछे से गला दबा कर हत्या की गई है। उसके हाथ और पांव भी बांधे मिले। हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका गया है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। सदर थाना में उमेद के अपहरण का केस भी दर्ज है। अब पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है। सदानंद, थाना प्रभारी, आजाद नगर
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दो साल पहले मृतक के बेटे की हुई थी हत्या
सदर थाना पुलिस में दी गई शिकायत में खरकड़ी गांव के रहने वाले सोनू ने बताया कि उनके पिता उमेद सिंह गांव के ही सतपाल के खेत में सिरी का काम करता था। रविवार सुबह करीब चार बजे खेतों में पानी लगाने के लिए गए थे। जब खेत में पिता से मिलने के लिए गया तो वहां पर पिता कहीं पर दिखाई नहीं दिए। उनकी साइकिल खड़ी हुई थी। खेत में पानी भी नहीं लगा था। सोनू का कहना है कि वर्ष 2020 में मेरे भाई की हत्या की गई थी। हत्या का आरोप कुलदीप, सतीश और बलबीर पर लगा था। सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में उसने शक जताया था कि उक्त लोगों ने ही उसके पिता का अपहरण किया है। शाम को उमेद का शव माइनर में मिला।
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गंगवा गांव निवासी युवा कांग्रेसी नेता मनोज टाक ने बताया कि गंगवा और आर्यनगर के बीच से सरसाना माइनर गुजरती है। दोपहर बाद वहां पर बच्चे नहा रहे थे। उन्होंने शव देखा और इस बारे में उन्हें बताया। मैं अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा लेकिन शव कहीं दिखाई नहीं दिया। इसके बाद बाईपास पुल के नीचे शव की तलाश की तो शव मिला। इसके बाद डायल 112 पर कॉल की। आजाद नगर थाना प्रभारी सदानंद मौके पर पहुंचे। शव की पहचान खरखड़ी निवासी उमेद के रूप में हुई।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि उमेद की अंगौछे से गला दबा कर हत्या की गई है। उसके हाथ और पांव भी बांधे मिले। हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका गया है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। सदर थाना में उमेद के अपहरण का केस भी दर्ज है। अब पुलिस हत्या के एंगल से जांच कर रही है। सदानंद, थाना प्रभारी, आजाद नगर