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अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने किया एचएयू का मुआयना
amarujala/Hisar
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:58 AM IST
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Afgan Deligates
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अफगानिस्तान से 14 सदस्यीय शिष्ट मंडल चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के दौरे पर आया है। यह शिष्टमंडल अफगानिस्तान में बीज उत्पादन तथा फसल पैदावार बढ़ाने के लिए भारत में प्रयोग की जा रही प्रौद्योगिकियों का अध्ययन करने के लिए 15 दिन के दौरे पर भारत आया हुआ है।
शिष्टमंडल जिसमें अफगानिस्तान के नेशनल सीड बोर्ड और सीड सर्टिफिकेशन निदेशालयों के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक शामिल थे, ने यहां पहुंचने पर कुलपति प्रो. केपी सिंह तथा अधिकारियों के साथ मुलाकात की तथा दोनों देशों के कृषि परिदृश्य पर चर्चा की। शिष्टमंडल के सदस्य अब्दुल बसीर हबीबी ने कहा कि अफगानिस्तान में ज्यादातर गेहूं, सरसों तथा कपास की खेती होती है। उनके देश में उन्नत बीज प्रौद्योगिकी की कमी है। कुलपति ने शिष्टमंडल को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिलाया। अफगानिस्तान सहित करीब 17 देशों के विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हम यहां शिक्षा पाने के इच्छुक अफगानिस्तान के विद्यार्थियों का हमेशा स्वागत करेंगे। अनुसंधान निदेशक डॉ. एसएस सिवाच ने शिष्टमंडल को इस विवि का किसानों के साथ तालमेल तथा उन्हें कृषि संबंधी दी जा रही सामयिक जानकारियों के बारे में बताया। शिष्टमंडल ने पौध प्रजनन, सस्य विज्ञान और बीज विज्ञान प्रौद्योगिकी विभागों के शोध क्षेत्रों, गुणवत्ताशील पौध नर्सरी तथा किसान सेवा केंद्र, ग्रामीण पुरातन संग्रहालय में हरियाणा की सांस्कृतिक झलक देखी।
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शिष्टमंडल जिसमें अफगानिस्तान के नेशनल सीड बोर्ड और सीड सर्टिफिकेशन निदेशालयों के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिक शामिल थे, ने यहां पहुंचने पर कुलपति प्रो. केपी सिंह तथा अधिकारियों के साथ मुलाकात की तथा दोनों देशों के कृषि परिदृश्य पर चर्चा की। शिष्टमंडल के सदस्य अब्दुल बसीर हबीबी ने कहा कि अफगानिस्तान में ज्यादातर गेहूं, सरसों तथा कपास की खेती होती है। उनके देश में उन्नत बीज प्रौद्योगिकी की कमी है। कुलपति ने शिष्टमंडल को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिलाया। अफगानिस्तान सहित करीब 17 देशों के विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हम यहां शिक्षा पाने के इच्छुक अफगानिस्तान के विद्यार्थियों का हमेशा स्वागत करेंगे। अनुसंधान निदेशक डॉ. एसएस सिवाच ने शिष्टमंडल को इस विवि का किसानों के साथ तालमेल तथा उन्हें कृषि संबंधी दी जा रही सामयिक जानकारियों के बारे में बताया। शिष्टमंडल ने पौध प्रजनन, सस्य विज्ञान और बीज विज्ञान प्रौद्योगिकी विभागों के शोध क्षेत्रों, गुणवत्ताशील पौध नर्सरी तथा किसान सेवा केंद्र, ग्रामीण पुरातन संग्रहालय में हरियाणा की सांस्कृतिक झलक देखी।
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