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Hisar News: फर्जी दस्तावेज बनाकर 11.45 लाख हड़पने का आरोपी काबू
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हिसार। आठ मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लगभग 11.45 लाख रुपये हड़पने के मामले में कैमरी रोड निवासी मुख्य आरोपी राजेंद्र को गिरफ्तार किया है। आर्थिक शाखा के जांचकर्ता बीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने यह कार्रवाई की गई। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
आरोपी ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठाया था। जांच में यह भी पता चला कि कुछ मामलों में आरोपी ने अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ कर राशि का आधा-आधा बंटवारा किया जबकि कुछ मामलों में पूरी राशि स्वयं हड़प ली। इस मामले में श्रम विभाग की ओर से आजादनगर थाने में 12 सितंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
एजेंटों और सीएससी संचालकों की भूमिका की हो रही जांच
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ एजेंट और सीएससी संचालक मृतकों के नाम पर फर्जी निर्माण कार्य प्रमाण पत्र तैयार कर रहे थे और उन्हें बीओसीडब्ल्यू में पंजीकृत करवा रहे थे। इसके बाद पंजीकरण नंबर के आधार पर ऑनलाइन आवेदन कर लगभग 2.15 लाख रुपये मृतक के नाम से खाते में डलवा लिए गए। इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और एजेंटों व सीएससी संचालकों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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आरोपी ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठाया था। जांच में यह भी पता चला कि कुछ मामलों में आरोपी ने अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ कर राशि का आधा-आधा बंटवारा किया जबकि कुछ मामलों में पूरी राशि स्वयं हड़प ली। इस मामले में श्रम विभाग की ओर से आजादनगर थाने में 12 सितंबर 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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एजेंटों और सीएससी संचालकों की भूमिका की हो रही जांच
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ एजेंट और सीएससी संचालक मृतकों के नाम पर फर्जी निर्माण कार्य प्रमाण पत्र तैयार कर रहे थे और उन्हें बीओसीडब्ल्यू में पंजीकृत करवा रहे थे। इसके बाद पंजीकरण नंबर के आधार पर ऑनलाइन आवेदन कर लगभग 2.15 लाख रुपये मृतक के नाम से खाते में डलवा लिए गए। इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और एजेंटों व सीएससी संचालकों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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