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बीएसएफ का नकली डिप्टी कमांडेंट बनकर घूमने वाले युवक का साथी गिरफ्तार
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बीएसएफ का नकली डिप्टी कमांडेंट बनकर घूमने वाले आरोपी राजस्थान के अलवर के ढाणी पहाड़गंज निवासी विनोद कुमार के साथी हिसार के दाहिमा निवासी वेदप्रकाश को सदर थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को लाडवा से गिरफ्तार किया।
वेदप्रकाश आरोपी विनोद की बहन का देवर है। मामले में जांचकर्ता सदर थाने में एएसआई राम सिंह ने बताया कि आरोपी वेदप्रकाश ने धमाना गांव निवासी सात युवकों से कुल 27 लाख रुपये में डील की थी। वेदप्रकाश ने डील के समय युवकों से यह भी कहा था कि यह राशि वह उन्हें नौकरी लगवाने के बाद ही लेगा। आरोपी वेदप्रकाश को पुलिस रविवार को अदालत में पेश करेगी।
इस मामलें में हुई गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि आर्मी की गुप्तचर एजेंसियों और पुलिस ने मिलकर ढाणी पहाड़गंज निवासी विनोद कुमार को अप्रैल माह में सातरोड़ फाटक के पास नाके पर चेकिंग के दौरान बाइक सहित पकड़ा था। मामले में पुलिस ने 24 अप्रैल को सदर थाने में केस दर्ज किया था। उस दौरान आरोपी विनोद ने स्वयं को बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट बताया था। पूछताछ में आरोपी विनोद ने यह भी बताया था कि वह हिसार में ढाई माह से रहकर सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था, लेकिन वह फेल हो गया था। उस दौरान विनोद से पुलिस ने जांच के दौरान एक कार, तीन-चार वर्दी, 5-6 स्टार व जूते बरामद किए थे। पुलिस ने विनोद की दाहिमा निवासी बहन के मकान से सात आवेदन पत्र भी बरामद किए थे। बरामद कार पर विनोद के जीजा राजेश और विनोद के मकान मालिक ने अपना-अपना हक जताया था। आरोपी विनोद ने यह कार खरीदने के लिए मकान मालिक से आठ लाख 50 हजार रुपये लिए थे। विनोद ने मकान मालिक को कहा था कि तीन चार माह बाद उसकी बदली होने के बाद यह कार उसे लौटा देगा, लेकिन विनोद ने यह कार अपने जीजा राजेश के नाम पर खरीदी। विनोद का जीजा रोडवेज में चालक के पद पर है। जांच के दौरान वेदप्रकाश का नाम सामने आने के बाद से वेदप्रकाश फरार चल रहा था, जिसे पीओ घोषित कर दिया गया था। सदर थाना पुलिस को आरोपी के हिसार आने की सूचना मिली तो पुलिस ने उसे रविवार सुबह लाडवा से गिरफ्तार कर लिया।
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वेदप्रकाश आरोपी विनोद की बहन का देवर है। मामले में जांचकर्ता सदर थाने में एएसआई राम सिंह ने बताया कि आरोपी वेदप्रकाश ने धमाना गांव निवासी सात युवकों से कुल 27 लाख रुपये में डील की थी। वेदप्रकाश ने डील के समय युवकों से यह भी कहा था कि यह राशि वह उन्हें नौकरी लगवाने के बाद ही लेगा। आरोपी वेदप्रकाश को पुलिस रविवार को अदालत में पेश करेगी।
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इस मामलें में हुई गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि आर्मी की गुप्तचर एजेंसियों और पुलिस ने मिलकर ढाणी पहाड़गंज निवासी विनोद कुमार को अप्रैल माह में सातरोड़ फाटक के पास नाके पर चेकिंग के दौरान बाइक सहित पकड़ा था। मामले में पुलिस ने 24 अप्रैल को सदर थाने में केस दर्ज किया था। उस दौरान आरोपी विनोद ने स्वयं को बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट बताया था। पूछताछ में आरोपी विनोद ने यह भी बताया था कि वह हिसार में ढाई माह से रहकर सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था, लेकिन वह फेल हो गया था। उस दौरान विनोद से पुलिस ने जांच के दौरान एक कार, तीन-चार वर्दी, 5-6 स्टार व जूते बरामद किए थे। पुलिस ने विनोद की दाहिमा निवासी बहन के मकान से सात आवेदन पत्र भी बरामद किए थे। बरामद कार पर विनोद के जीजा राजेश और विनोद के मकान मालिक ने अपना-अपना हक जताया था। आरोपी विनोद ने यह कार खरीदने के लिए मकान मालिक से आठ लाख 50 हजार रुपये लिए थे। विनोद ने मकान मालिक को कहा था कि तीन चार माह बाद उसकी बदली होने के बाद यह कार उसे लौटा देगा, लेकिन विनोद ने यह कार अपने जीजा राजेश के नाम पर खरीदी। विनोद का जीजा रोडवेज में चालक के पद पर है। जांच के दौरान वेदप्रकाश का नाम सामने आने के बाद से वेदप्रकाश फरार चल रहा था, जिसे पीओ घोषित कर दिया गया था। सदर थाना पुलिस को आरोपी के हिसार आने की सूचना मिली तो पुलिस ने उसे रविवार सुबह लाडवा से गिरफ्तार कर लिया।
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