फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   A dispute during kabaddi 17 years ago led Vinod, in revenge for an eye-poking incident, to kill gangster Ajit's associate Raja in 2011 and Bittu in 2017; in 15 years, 10 people from both gangs have died.

Hisar News: 17 साल पहले कबड्डी के दौरान हुआ विवाद, आंख फोड़ने की रंजिश में विनोद ने 2011 गैंगस्टर अजीत के साथी राजा और 2017 में बिट्टू की हत्या की, 15 वर्षों में दोनों गैंग के 10 लोगों की हो चुकी मौत

Fri, 21 Aug 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Fri, 21 Aug 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
A dispute during kabaddi 17 years ago led Vinod, in revenge for an eye-poking incident, to kill gangster Ajit's associate Raja in 2011 and Bittu in 2017; in 15 years, 10 people from both gangs have died.
माधव बावा
विज्ञापन

हांसी। गांव थुराना से ताल्लुक रखने वाला विनोद पानू करीब 17 वर्ष पहले गांव स्तर पर कबड्डी खेलता था। खेल के दौरान ही उसका गांव के ही अजीत के साथ विवाद हो गया था। इसी रंजिश में अजीत के साथी बिट्टू थुराना व जेबीटी शिक्षक राजा ने 17 दिसंबर 2009 को विनोद को पीटा और नुकीले हथियार से उसकी आंख फोड़ दी थी। इसके बाद से विनोद पानू उर्फ काणा नाम से उसकी पहचान बन गई। उसने अजीत और उसके साथियों को जान से मारने की कसम खाई थी। दोनों गुटों के बीच दुश्मनी में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है।
वर्ष 2011 में थुराना के ही जेबीटी शिक्षक राजा की हत्या में विनोद पानू का नाम सामने आया था। इसके बाद अजीत के साथ उसकी दुश्मनी और बढ़ गई व गैंगवार का सिलसिला शुरू हुआ। विनोद पानू उर्फ काणा अपनी गैंग का सरगना था जबकि दूसरे गुट की कमान अजीत पहलवान के हाथ में रही। अजीत पर हत्या और लूटपाट सहित कई मामले दर्ज हैं। विनोद ने वर्ष 2014 में उसने हिसार में संजय शर्मा उर्फ बिट्टू पंडित की हत्या कर दी थी। इसके बाद 2017 में मदनहेड़ी गांव में बिट्टू थुराना व संदीप की हत्या में उसका नाम आया। अजीत के पिता गजे सिंह मास्टर थे और करीब तीन वर्ष पहले उनकी मौत हो गई। वर्ष 2015 में पुलिस ने अजीत को गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद लंबे समय से अजीत अपने गांव नहीं आया है। उसके विदेश में होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन

गांव में विनोद की अच्छी थी छवि
गैंगवार और आपराधिक मामलों में नाम आने के बावजूद गांव में विनोद पानू की छवि अच्छी थी। वह अक्सर थुराना आता था और सामाजिक कार्यों में भी आगे रहता था। वह गांव के डेरा बाबा आसादास में अक्सर पूजा-अर्चना के लिए आता था। करीब एक महीने पहले आखिरी बार गांव आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिसार में मां के साथ रहता था, गांव के मकान पर ताला
विनोद के पिता राजबीर उर्फ राजा रोडवेज में चालक थे जिनकी करीब 25 वर्ष पहले मौत हो गई थी। विनोद की दो छोटी बहनें हैं और विवाहित हैं। विनोद अपनी मां धर्मकलां के साथ हिसार के तारा नगर, सेक्टर 1-4 में रहता था। थुराना में पेटवाड़ रोड पर उसका मकान है जो फिलहाल बंद है। हत्या के बाद एहतियात के तौर पर उसके मकान के पास पीसीआर तैनात की गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed