फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   कर्मचारी कैसे बचाएं शहर को आग से

कर्मचारी कैसे बचाएं शहर को आग से

Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
Hisar
Hisar Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। फतेहाबाद दमकल विभाग सरकारी सुविधाआें की बेहद कमी के बावजूद शहर की सुरक्षा का जिम्मा लिये हुए है। दमकल विभाग के पास 4 अग्निशमन गाड़ियां है। जरूरत के अनुसार यहां 72 कर्मचारियाें को होना चाहिए लेकिन 20 कर्मचारी ही 12-12 घंटे की ड्यूटी का निर्वाह कर रहे है। दीवाली पर विभाग ने अपने कर्मचारियाें की छुट्टियां रद्द कर उन्हें जनता की सुरक्षा के लिए मुस्तैद कर दिया है।
विज्ञापन

फतेहाबाद नगर परिषद के अंर्तगत आने वाले दमकल विभाग के पास 4 फायर टैंडर है। इन पर 11 स्थाई व 9 अस्थाई कर्मचारी काम कर रहे है। एक गाड़ी पर एक समय में एक सब फायर ऑफिसर, एक चालक व 4 फायरमैन का स्टाफ होेना जरूरी है। 8 घंटेे की ड्यूटी माने तो एक गाड़ी पर 18 कर्मचारियाें की आवश्यकता है। 4 गाड़ियाें पर 72 कर्मचारी होने चाहिए। लेकिन यहां विभाग के 20 कर्मचारी ही काम चला रहे है। दमकल विभाग ने फेस्टीवल सीजन को देखते हुए 4 नवंबर से 15 नवंबर तक कर्मचारियाें की 12-12 घंटे की ड्यूटियां लगा दी और उनकी छुट्टियां भी रद्द कर दी है। चाराें गाड़ियां 24 घंटे अलर्ट है। इनमें एक गाड़ी थोक पटाखा बाजार में, एक रिटेल बाजार में, एक फिल्ड में जा रही है तथा एक गाड़ी रिजर्व विभाग के पास है। ताकि आवश्यकता पड़ने पर शहरवासियाें को कहीं और ताकना न पड़े। चीफ फायर ऑफिसर पूनमचंद रत्ति ने कहा कि दुकानदार पानी व रेत की बाल्टी व अन्य अग्निशमक यंत्र अपने सामने रखें। उन्हाेंने शहरवासियों को सलाह दी कि वह धरती में मारने वाले पटाखें न चलाए और 18 वर्ष की आयु से कम वाले बच्चाें को पटाखे खरीदने के लिए न भेजे। उन्हाेंने दुकानदाराें से कहा कि वह अपनी दुकानाें के अंदर अनअर्थोराइज व्यक्तियाें को न आने दें।
विज्ञापन



अग्निशमक के लिए 101 व एम्बुलैंस के लिए 102 फोन नंबर मिलाएं
चीफ फायर ऑफिसर पूनम चंद रत्ति ने कहा कि दमकल विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए विभाग के कर्मचारी दीवाली नहीं मना पाएंगे। सभी 20 कर्मचारी अपनी-अपनी डयूटी पर तैनात रहेंगे। यह ड्यूटी 15 नवंबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि अग्निशमक के लिए पुलिस कंट्रोल रूम 100, दमकल विभाग के लिए 101 व एम्बुलैंस के लिए 102 नंबर पर डायल कर सकते है। इस नंबर पर कोई भी एसटीडी कोड लगाने की जरूरत नहीं है। सीधे मोबाईल से यह नंबर मिला सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकारी अस्पताल न तो बर्न यूनिट है और न ही बर्न स्पेशलिस्ट
जिला मुख्यालय पर एकमात्र सरकारी अस्पताल में न तो बर्न यूनिट है और न ही झुलसे व्यक्ति का उपचार के लिए विशेष चिकित्सक। यहां पर सुविधाआें का टोटा ही टोटा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सूरजभान कंबोज ने कहा कि सरकारी अस्पताल में जगह ही नहीं है। इसलिए बर्न यूनिट का सवाल ही नहीं उठता। विशेष चिकित्सक के बारे में उन्हाेेंने कहा कि आमतौर पर सर्जन ही ईलाज करता है। उन्हाेंने कहा कि फतेहाबाद में 20-25 फीसदी से झुलसे व्यक्ति को उपचार के लिए रखा जाता है। इससे अधिक झुलसे को हिसार, अग्रोहा व रोहतक भेज दिया जाता है। डा.कंबोज ने बताया कि झुलसा व्यक्ति जब यहां आता है तो एक कमरे में उसे लिटा दिया जाता है। वहीं पर उसका उपचार किया जाता है। इसके अलावा यहां किसी प्रकार का कोई विशेष उपकरण व यंत्र नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed