फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   कोई एक महीने से तो कोई 15 दिन से अपना घर तोड़कर किराये के मकान में रहने को मजबूर, नहीं मिले पैसे

कोई एक महीने से तो कोई 15 दिन से अपना घर तोड़कर किराये के मकान में रहने को मजबूर, नहीं मिले पैसे

Tue, 30 Oct 2018 01:24 AM IST
Updated Tue, 30 Oct 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
कोई एक महीने से तो कोई 15 दिन से अपना घर तोड़कर किराये के मकान में रहने को मजबूर, नहीं मिले पैसे
हिसार। कोई एक महीने से तो कोई 15 दिन से अपना ही घर तोड़कर किराये के मकान में रहने को मजबूर है। कसूर सिर्फ इतना है कि जर्जर हो चुके अपने आशियाने को सरकारी सहायता से दोबारा नया बनाने का जोखिम उठा लिया था। यह दास्तां बयां कर रहे हैं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन के लिए आवेदन करने वाले पात्र परिवार। नगर निगम कार्यालय में बैठने वाले सीपीओ ब्रांच के अधिकारियों के कहने पर इन लोगों ने अपना मकान तो तोड़ लिया, लेकिन अब न तो अकाउंट में पैसा आया है और न ही संतोषजनक जवाब मिल रहा है। नए घर का सपना तब दूर हो जाता है, जब सीपीओ ब्रांच के अधिकारी पहले घर का नक्शा पास करवाने की शर्त रखते हैं। पहले नक्शा बनवाने का खर्च, फिर उसे पास करवाने के लिए निगम दफ्तर के चक्कर। इन सब के बारे में सोचकर ही आवेदक परेशान हो गए हैं।
विज्ञापन


पहले खुद कहा, घर तोड़ लो, नींव भरकर दिखाओ पैसा आ जाएगा
आवेदकों का कहना है कि उन्होंने छह महीने से भी पहले आवेदन किया था। इसके बाद साक्षात्कार हुए और उनसे सारी जानकारी लेने के बाद रिपेयरिंग के लिए डेढ़ लाख रुपये का लोन पास हुआ। करीब एक महीने पहले ही उन्हें खुद इस योजना से जुड़े अधिकारियों ने फोन कर कार्यालय बुलाया। अधिकारियों ने खुद ही कहा था कि पहले घर तोड़ लो। फिर नींव भरकर दिखा दो, ताकि स्पष्ट हो जाए कि काम शुरू कर दिया गया है। उसके बाद अकाउंट में पास हुए लोन की पहली किस्त आ जाएगी, लेकिन आज तक अकाउंट में एक रुपया तक नहीं आया है।
विज्ञापन


केस नंबर एक
ढाणी किशन दत्त निवासी महिला सुदेश देवी का कहना है कि उनके पति के निधन को 30 साल से भी अधिक हो चुके हैं। तीनों बेटे अलग रहते हैं। उनके पिता के मकान में वह रह रही थी। पेंशन से खर्च चलता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया, ताकि जर्जर हो चुके घर को दोबारा नया बना सके। डेढ़ लाख रुपये का लोन भी पास हो गया। सुदेश देवी कहती हैं कि अधिकारियों ने खुद कहा था कि मकान तोड़कर नींव भर लो। उसके बाद अकाउंट में पैसा भेज देंगे। मगर आज तक एक रुपया नहीं आया। सुदेश देवी एक महीने से मकान के दूसरे हिस्से में रह रही है। नक्शे की शर्त के कारण पैसा अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर दो
पेंटर का काम करने वाले ढाणी किशन दत्त की गली नंबर एक निवासी मुरारी लाल बताते हैं कि 20 दिन से खुद का मकान तोड़ा हुआ है। दो हजार रुपये महीना किराया देकर किसी और के घर में तीन बच्चे व पत्नी के साथ रह रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन पास हो गया। रिपेयरिंग करवानी है, दो कमरों पर लेंटर डालना बाकी है। पैसा आ जाता तो इतने दिन में निर्माण कार्य पूरा करके खुद के घर में रहने लग जाते। मुरारी लाल ने बताया कि अधिकारी नक्शा मांग रहे हैं। दिहाड़ी छोड़कर नक्शा बनवाने जाऊं, नक्शा बनाने वाले को 10 हजार रुपये दूं और फिर नक्शा पास करवाने निगम कार्यालय के चक्कर काटूंगा तो फिर लोन मिलने का क्या फायदा होगा। इससे अच्छा है लोन देते ही ना।

केस नंबर तीन
ढाणी किशन दत्त की गली नंबर एक निवासी रमेश कुमार बताते हैं कि वह रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। तीन बच्चे और पत्नी के साथ रहते हैं। अब खुद का घर तोड़ा हुआ है, इसलिए किराये के मकान में रह रहे हैं। लोन पास होने के बावजूद रुपये अकाउंट में नहीं आए। अब नक्शे की शर्त लगा दी है। नक्शा पास करवाने में ही 8 से 10 हजार रुपये खर्च हो जाएंगे। गरीब आदमी के पास कहां इतना पैसा होता है। नक्शा भी घर तोड़ने के बाद मांगा गया है। अगर पहले पता होता तो घर तोड़ते ही नहीं।

5 से 7 हजार रुपये में शुरुआती होती है नक्शा बनाने की
आर्किटैक्ट राकेश पूनिया के अनुसार सामान्य मकान का नक्शा बनाने की फीस 5 से 7 हजार रुपये के बीच शुरू हो जाती है। इसके बाद मकान मालिक जितना एरिया कवर करना चाहता है। इंटीरियर कैसा चाहता है। इस तरह की सुविधाओं के अनुसार खर्च बढ़ता जाता है।

मुझे दो-तीन दिन पहले ही नक्शे की शर्त के बारे में पता चला है। निश्चित तौर पर यह लोगों के लिए परेशानी की बात है। इसे हम विधायक डॉ. कमल गुप्ता के माध्यम से सरकार के स्तर पर पहुंचाने का काम करेंगे, ताकि आवेदकों को कुछ राहत मिल सके।

-रामचंद्र गुप्ता, सदस्य, प्रधानमंत्री आवास योजना

10 हजार 437 लोगों ने किया था योजना के लिए अप्लाई
प्रधानमंत्री आवास योजना 1 जून 2017 को लांच हुई थी। इसके बाद निजी कंपनी द्वारा सर्वे करवाया गया। 10 हजार 437 लोगों ने अब तक इस योजना के लिए अप्लाई किया है। इनमें से 578 लोगों को होम लोन देने के लिए बैंकों के पास सूची जा चुकी है। वहीं 2102 लोगों को अनुदान के लिए चुना गया है। 1300 लोगों को हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट लेने के लिए ढाई लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जबकि 562 लोग ऐसे हैं, जिन्हें मकान की रिपेयरिंग के लिए डेढ़ लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed