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भीतर बैठी रही मेयर, बाहर रोष जताते रहे रेहड़ी चालक
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम कार्यालय में दोपहर 12 बजे तक भी डाटा फीड करने कर्मचारी नहीं आया तो रेहड़ी चालकों ने रोष जताना शुरू कर दिया। रेहड़ी चालक पहले तो बाहर पार्किंग के पास इंतजार करते रहे। उसके बाद वे मेयर के कमरे तक पहुंच गए। रेहड़ी चालकों ने मेयर शकुंतला राजलीवाला से मिलने की कोशिश की लेकिन उन्हें कमरे में नहीं जाने दिया गया। मेयर बजट मीटिंग का हवाला देकर भीतर बैठी रही।
निगम प्रशासन की ओर से रेहड़ी चालकों को लाइसेंस लेने संबंधी डाटा फीड करवाने के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से एलान किया गया था कि दस अप्रैल के बाद बिना पंजीकरण वाली रहेड़ी शहर में नहीं लगाने दी जाएंगी। मंगलवार को अंतिम दिन होने के कारण रेहड़ी चालक बड़ी संख्या में निगम कार्यालय पहुंचे हुए थे। कई रेहड़ी चालक तो काम-धंधा छोड़कर सुबह 8 बजे ही निगम कार्यालय आ गए थे। चार घंटे इंतजार करने पर भी जब कर्मचारी नहीं आया तो रेहड़ी चालकों में खलबली मच गई। वे निगम में अफसरों के कमरों में भी चक्कर काटने लगे। लेकिन कहीं उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पास से निकल गए ज्वाइंट कमिश्नर
जिस समय रेहड़ी चालक निगम परिसर में कर्मचारियों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उसी समय निगम के ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर सिंह यादव उनके पास से ही निकले। कुछ देर वो रेहड़ी चालकों की तरफ देखते भी रहे। रेहड़ी चालकों को परेशानी में देखकर भी उन्होंने कर्मचारियों के समय पर न पहुंचने के बारे में पूछने की जहमत तक नहीं उठाई।
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रेहड़ी चालक मनोज कुमार, शिव कुमार, नरेश, रामकिशन, शिव प्रसाद, ओमप्रकाश, रामनरेश आदि ने बताया कि निगम ने 10 अप्रैल तक लाइसेंस बनवाने को कहा था। उसके बाद किसी का लाइसेंस न बनाने का फरमान भी जारी किया था। इसलिए वो सुबह जल्दी ही आ गए लेकिन कर्मचारी नही पहुंचा। इससे उनको लाइसेंस नहीं बनने का भय सताने लगा। उन्होंने बताया कि रेहड़ी लगाकर ही परिवार का गुजारा होता है। पूरा दिन लाइसेंस बनवाने में ही लग गया है।
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सरकार के आदेश अनुसार गली-गली जाकर रेहड़ी संचालकों का पंजीकरण किया गया है। इसके अलावा निगम मुख्यालय पर भी आवेदन लिए गए हैं। अगर किसी का आवेदन चूक गया हो तो मंगलवार को भी आवेदन लेंगे। इसके बाद सरकार के निर्देश होंगे वहीं मान्य होंगे।
-अशोक बंसल, निगम आयुक्त, हिसार।
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हिसार।
नगर निगम कार्यालय में दोपहर 12 बजे तक भी डाटा फीड करने कर्मचारी नहीं आया तो रेहड़ी चालकों ने रोष जताना शुरू कर दिया। रेहड़ी चालक पहले तो बाहर पार्किंग के पास इंतजार करते रहे। उसके बाद वे मेयर के कमरे तक पहुंच गए। रेहड़ी चालकों ने मेयर शकुंतला राजलीवाला से मिलने की कोशिश की लेकिन उन्हें कमरे में नहीं जाने दिया गया। मेयर बजट मीटिंग का हवाला देकर भीतर बैठी रही।
निगम प्रशासन की ओर से रेहड़ी चालकों को लाइसेंस लेने संबंधी डाटा फीड करवाने के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया हुआ है। जिला प्रशासन की ओर से एलान किया गया था कि दस अप्रैल के बाद बिना पंजीकरण वाली रहेड़ी शहर में नहीं लगाने दी जाएंगी। मंगलवार को अंतिम दिन होने के कारण रेहड़ी चालक बड़ी संख्या में निगम कार्यालय पहुंचे हुए थे। कई रेहड़ी चालक तो काम-धंधा छोड़कर सुबह 8 बजे ही निगम कार्यालय आ गए थे। चार घंटे इंतजार करने पर भी जब कर्मचारी नहीं आया तो रेहड़ी चालकों में खलबली मच गई। वे निगम में अफसरों के कमरों में भी चक्कर काटने लगे। लेकिन कहीं उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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पास से निकल गए ज्वाइंट कमिश्नर
जिस समय रेहड़ी चालक निगम परिसर में कर्मचारियों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उसी समय निगम के ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर सिंह यादव उनके पास से ही निकले। कुछ देर वो रेहड़ी चालकों की तरफ देखते भी रहे। रेहड़ी चालकों को परेशानी में देखकर भी उन्होंने कर्मचारियों के समय पर न पहुंचने के बारे में पूछने की जहमत तक नहीं उठाई।
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रेहड़ी चालक मनोज कुमार, शिव कुमार, नरेश, रामकिशन, शिव प्रसाद, ओमप्रकाश, रामनरेश आदि ने बताया कि निगम ने 10 अप्रैल तक लाइसेंस बनवाने को कहा था। उसके बाद किसी का लाइसेंस न बनाने का फरमान भी जारी किया था। इसलिए वो सुबह जल्दी ही आ गए लेकिन कर्मचारी नही पहुंचा। इससे उनको लाइसेंस नहीं बनने का भय सताने लगा। उन्होंने बताया कि रेहड़ी लगाकर ही परिवार का गुजारा होता है। पूरा दिन लाइसेंस बनवाने में ही लग गया है।
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सरकार के आदेश अनुसार गली-गली जाकर रेहड़ी संचालकों का पंजीकरण किया गया है। इसके अलावा निगम मुख्यालय पर भी आवेदन लिए गए हैं। अगर किसी का आवेदन चूक गया हो तो मंगलवार को भी आवेदन लेंगे। इसके बाद सरकार के निर्देश होंगे वहीं मान्य होंगे।
-अशोक बंसल, निगम आयुक्त, हिसार।