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पिछली बार चोट लगने से कॉमनवेल्थ में चयन से चूक गई थीं, इस बार सपना करूंगी पूरा
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हिसार की बेटी किरण गोदारा का चयन भी कॉमनवेल्थ के लिए हुआ। पिछले कॉमनवेल्थ में लीगामेंट टूट जाने के कारण किरण कॉमनवेल्थ में जाने से चूक गई थी। इस बार मेडल जीतने का अपना सपना पूरा करूंगी।
मूलरूप से गांव रावतखेड़ा निवासी कुलदीप गोदारा की बेटी किरण गोदारा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में हिसार के गांव सिसाय की ही पूजा को हराकर कॉमनवेल्थ का टिकट हासिल कर लिया है। 72 किलोग्राम भारवर्ग में खेलने वाली पूजा ने नवंबर में ही कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया था। किरण गोदारा रेलवे में टीसी के पद पर हैं। हिसार के महाबीर स्टेडियम में कुश्ती कोच विष्णु के पास प्रेक्टिस करती हैं। सेक्टर-15 में रहने वाली किरण गोदारा के पिता कुलदीप गोदारा ने बताया कि आठ साल पहले ही कुश्ती शुरू की थी। आस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के लिए शनिवार को लखनऊ में ट्रायल हुए। इसमें किरण ने क्वार्टर फाइनल में उत्तरप्रदेश की अंशु तोमर को 8-0 से हराया। सेमीफाइनल में दिल्ली की ज्योति को 6-0 से पराजित किया। फाइनल में हिसार के ही गांव सिसाय की पूजा को 2-1 से हराया।
देश के लिए गोल्ड ही लेकर आऊंगी : किरण
अमर उजाला से बातचीत में किरण गोदारा ने कहा कि पिछली बार कॉमनवेल्थ में जाने से पहले उसके लीगामेंट टूट गए थे। इस कारण कॉमनवेल्थ में जाकर गोल्ड लाने का सपना अधूरा रह गया था। इस बार इस सपने को पूरा करूंगी। देश के लिए गोल्ड ही लेकर आऊंगी।
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देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाए, यही हमारा सपना : पिता
किरण के पिता कुलदीप गोदारा ने कहा कि हमारी बेटी देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आए, यही हमारा सपना है। अपनी बेटी का सपना पूरा करने के लिए हर कदम पर पूरा परिवार उसके साथ खड़ा है। बेटी की इस जीत पर पूरे प्रदेश को नाज है।
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हिसार।
हिसार की बेटी किरण गोदारा का चयन भी कॉमनवेल्थ के लिए हुआ। पिछले कॉमनवेल्थ में लीगामेंट टूट जाने के कारण किरण कॉमनवेल्थ में जाने से चूक गई थी। इस बार मेडल जीतने का अपना सपना पूरा करूंगी।
मूलरूप से गांव रावतखेड़ा निवासी कुलदीप गोदारा की बेटी किरण गोदारा ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में हिसार के गांव सिसाय की ही पूजा को हराकर कॉमनवेल्थ का टिकट हासिल कर लिया है। 72 किलोग्राम भारवर्ग में खेलने वाली पूजा ने नवंबर में ही कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया था। किरण गोदारा रेलवे में टीसी के पद पर हैं। हिसार के महाबीर स्टेडियम में कुश्ती कोच विष्णु के पास प्रेक्टिस करती हैं। सेक्टर-15 में रहने वाली किरण गोदारा के पिता कुलदीप गोदारा ने बताया कि आठ साल पहले ही कुश्ती शुरू की थी। आस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के लिए शनिवार को लखनऊ में ट्रायल हुए। इसमें किरण ने क्वार्टर फाइनल में उत्तरप्रदेश की अंशु तोमर को 8-0 से हराया। सेमीफाइनल में दिल्ली की ज्योति को 6-0 से पराजित किया। फाइनल में हिसार के ही गांव सिसाय की पूजा को 2-1 से हराया।
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देश के लिए गोल्ड ही लेकर आऊंगी : किरण
अमर उजाला से बातचीत में किरण गोदारा ने कहा कि पिछली बार कॉमनवेल्थ में जाने से पहले उसके लीगामेंट टूट गए थे। इस कारण कॉमनवेल्थ में जाकर गोल्ड लाने का सपना अधूरा रह गया था। इस बार इस सपने को पूरा करूंगी। देश के लिए गोल्ड ही लेकर आऊंगी।
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देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाए, यही हमारा सपना : पिता
किरण के पिता कुलदीप गोदारा ने कहा कि हमारी बेटी देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आए, यही हमारा सपना है। अपनी बेटी का सपना पूरा करने के लिए हर कदम पर पूरा परिवार उसके साथ खड़ा है। बेटी की इस जीत पर पूरे प्रदेश को नाज है।