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हांसी में बच्चों को पुल से नीचे फेंक कर खुद भी सुसाइड के लिए कूदने के मामले में दोषी पिता को आजीवन कारावास और 10500 रुपये जुर्मा
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। हांसी में बाईपास पर जींद रोड पुल से बच्चों को फेंककर खुद भी नीचे कूदने के दोषी पिता को अदालत ने वीरवार को आजीवन कारावास और 10500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजे डॉ. देशराज चालिया की अदालत ने उसे 16 फरवरी को दोषी करार दिया था।
मूल रूप से रोहतक के सोलगर मोहल्ला निवासी महाबीर 23 मार्च 2016 को अपने दोनों बच्चे छह साल के शुभम और आठ साल की बेटी सलोनी व अन्य भाइयों के साथ हांसी आया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार एएसआई कृष्ण कुमार की शिकायत पर 26 मार्च 2016 को सदर थाना हांसी में केस दर्ज हुआ था। दोषी महाबीर अपने दोनों बच्चों को लेकर जींद रोड स्थित पुल पर आया था। वह जोर से चिल्ला रहा था कि मैं बच्चों को नीचे फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगा दूंगा। इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस टीम पहुंच गई थी। जब महाबीर को पकड़ने के लिए पुलिस आगे बढ़ी तो वह फिर से धमकियां देने लगा। अचानक उसने एक-एक करके दोनों बच्चों को पुल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी सुसाइड के इरादे से नीचे छलांग लगा दी थी। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां शुभम ने दम तोड़ दिया था, जबकि महाबीर और उसकी बेटी सलोनी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनका काफी दिनों तक इलाज चला था।
पेशे से है ऑटो रिक्शा चालक
पुलिस ने मामले में महाबीर के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास और सुसाइड अटेंप्ट का केस 26 मार्च 2016 को दर्ज किया था। पुलिस को रोहतक वासी सोमनाथ उर्फ सोमी ने बताया था कि महाबीर उसके ताऊ का लड़का है और पेशे से वह ऑटो रिक्शा चालक है।
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किन धाराओं में क्या सजा
धारा - सजा - जुर्माना
302 - आजीवन कारावास - 5000 रुपये
307 - 7 साल - 5000 रुपये
309 - 1 साल - 500 रुपये
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हिसार। हांसी में बाईपास पर जींद रोड पुल से बच्चों को फेंककर खुद भी नीचे कूदने के दोषी पिता को अदालत ने वीरवार को आजीवन कारावास और 10500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजे डॉ. देशराज चालिया की अदालत ने उसे 16 फरवरी को दोषी करार दिया था।
मूल रूप से रोहतक के सोलगर मोहल्ला निवासी महाबीर 23 मार्च 2016 को अपने दोनों बच्चे छह साल के शुभम और आठ साल की बेटी सलोनी व अन्य भाइयों के साथ हांसी आया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार एएसआई कृष्ण कुमार की शिकायत पर 26 मार्च 2016 को सदर थाना हांसी में केस दर्ज हुआ था। दोषी महाबीर अपने दोनों बच्चों को लेकर जींद रोड स्थित पुल पर आया था। वह जोर से चिल्ला रहा था कि मैं बच्चों को नीचे फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगा दूंगा। इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस टीम पहुंच गई थी। जब महाबीर को पकड़ने के लिए पुलिस आगे बढ़ी तो वह फिर से धमकियां देने लगा। अचानक उसने एक-एक करके दोनों बच्चों को पुल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी सुसाइड के इरादे से नीचे छलांग लगा दी थी। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां शुभम ने दम तोड़ दिया था, जबकि महाबीर और उसकी बेटी सलोनी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनका काफी दिनों तक इलाज चला था।
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पेशे से है ऑटो रिक्शा चालक
पुलिस ने मामले में महाबीर के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास और सुसाइड अटेंप्ट का केस 26 मार्च 2016 को दर्ज किया था। पुलिस को रोहतक वासी सोमनाथ उर्फ सोमी ने बताया था कि महाबीर उसके ताऊ का लड़का है और पेशे से वह ऑटो रिक्शा चालक है।
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किन धाराओं में क्या सजा
धारा - सजा - जुर्माना
302 - आजीवन कारावास - 5000 रुपये
307 - 7 साल - 5000 रुपये
309 - 1 साल - 500 रुपये