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एक तरफ टीम का दायित्व, दूसरी तरफ बुलबुल की जिम्मेदारी, दोनों बखूबी निभा रही-यही ह भारतीय नारी
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कोच ललिता टीम के मार्गदर्शन के साथ कर रही दो बर्ष की बेटी की देखभाल
हिसार। मैम आप जरा दो मिनट पुलकित को संभालना, यह बोलकर शुरू होता है- कम-ऑन खुशबू पास-पास, पूजा इंटरचेंज, भूमि हट...हिट, पुश मुस्कान पुश... आदि-आदि। यह है ऐसी कोच, जो एक ही समय में दोहरी भूमिका निभा रही हैं। एक तरफ अपनी दो साल की बेटी पुलकित उर्फ बुलबुल को संभाल रही हैं तो दूसरी तरफ अपनी हॉकी टीम को जीत दिलाने के लिए खिलाड़ियों में जोश भरने का काम करती हैं।
64वीं राष्ट्रीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में दिल्ली की हॉकी टीम की कोच ललिता खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने के साथ दो साल की बेटी बुलबुल की देखरेख भी कर रही हैं। बच्ची छोटी होने के कारण प्रतियोगिता के दौरान भी अपनी बेटी को साथ रखना पड़ रहा है, लेकिन वे दोनों ही जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं।
खेल चुकीं नेशनल
ललिता फिलहाल दिल्ली में लड़कियों के स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर (पीईटी) हैं। वे हॉकी कोच के रूप में ट्रेनिंग देती हैं। वे 34वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा ले चुकी हैं और कई बार नेशनल खेल चुकी हैं। इसके अलावा वे इंडिया कैंप भी अटेंड कर चुकी हैं। खिलाड़ी के रूप में वे मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित साई को भी अटेंड कर चुकी हैं।
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पति हैं दिल्ली पुलिस में तैनात
ललिता के पति अनुज कौशिक दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। वैसे उनके परिवार में उनकी सास, ससुर और देवर हैं, लेकिन बच्ची छोटी होने के कारण उसे साथ रखना जरूरी है। बच्ची का दिल लगा रहे, इसके चलते वे उसके खिलौने भी साथ लाई हैं, लेकिन टीम की खिलाड़ी भी छोटी बच्ची के साथ खेलती रहती हैं।
स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल खिलाकर अपनी इच्छा पूरी करेंगी
ललिता ने बताया कि उनका एक ही लक्ष्य था, इंटरनेशनल स्तर पर भारत की टीम में खेलना। भोपाल साई में कैंप के दौरान उनके पैर की हड्डी में दिक्कत की वजह से नहीं खेल सकीं। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य यही है कि वे इंटरनेशनल स्तर की खिलाड़ी तैयार करेंगी, जिसके लिए अपनी स्टूडेंट्स पर मेहनत कर रही हैं।
मूल रूप से बहादुरगढ़ की निवासी, दिल्ली में हुई शादी
ललिता मूल रूप से बहादुरगढ़ की निवासी हैं और उसकी शादी दिल्ली में हुई है। ललिता के पिता भी दिल्ली पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं। दिल्ली में हुए अंडर 19 नेशनल गेम्स में ललिता की टीम ने पहला स्थान हासिल किया था। छत्तीसगढ़ में अंडर 14 नेशनल गेम्स में तीसरा स्थान तथा अमृतसर में हुए अंडर 17 के नेशनल गेम्स में तीसरा स्थान हासिल किया। ललिता दिल्ली की बेस्ट प्लेयर रह चुकी हैं। खास बात यह है कि उन्हें स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं मिला है और मेरिट बेस पर उन्होंने नौकरी ज्वाइन की हुई है। ललिता सुबह साढ़े 4 बजे ग्राउंड में प्रेक्टिस के लिए चली जाती थीं और स्कूल से लौटने के बाद फिर से 3 बजे स्टेडियम में जाती थीं। ललिता बताती हैं कि उनके पिता का पूरा सहयोग मिला और कभी लड़की होकर पीछे हटने का अहसास नहीं होने दिया।
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हिसार। मैम आप जरा दो मिनट पुलकित को संभालना, यह बोलकर शुरू होता है- कम-ऑन खुशबू पास-पास, पूजा इंटरचेंज, भूमि हट...हिट, पुश मुस्कान पुश... आदि-आदि। यह है ऐसी कोच, जो एक ही समय में दोहरी भूमिका निभा रही हैं। एक तरफ अपनी दो साल की बेटी पुलकित उर्फ बुलबुल को संभाल रही हैं तो दूसरी तरफ अपनी हॉकी टीम को जीत दिलाने के लिए खिलाड़ियों में जोश भरने का काम करती हैं।
64वीं राष्ट्रीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में दिल्ली की हॉकी टीम की कोच ललिता खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने के साथ दो साल की बेटी बुलबुल की देखरेख भी कर रही हैं। बच्ची छोटी होने के कारण प्रतियोगिता के दौरान भी अपनी बेटी को साथ रखना पड़ रहा है, लेकिन वे दोनों ही जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं।
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खेल चुकीं नेशनल
ललिता फिलहाल दिल्ली में लड़कियों के स्कूल में फिजिकल एजुकेशन टीचर (पीईटी) हैं। वे हॉकी कोच के रूप में ट्रेनिंग देती हैं। वे 34वें नेशनल गेम्स में भी हिस्सा ले चुकी हैं और कई बार नेशनल खेल चुकी हैं। इसके अलावा वे इंडिया कैंप भी अटेंड कर चुकी हैं। खिलाड़ी के रूप में वे मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित साई को भी अटेंड कर चुकी हैं।
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पति हैं दिल्ली पुलिस में तैनात
ललिता के पति अनुज कौशिक दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। वैसे उनके परिवार में उनकी सास, ससुर और देवर हैं, लेकिन बच्ची छोटी होने के कारण उसे साथ रखना जरूरी है। बच्ची का दिल लगा रहे, इसके चलते वे उसके खिलौने भी साथ लाई हैं, लेकिन टीम की खिलाड़ी भी छोटी बच्ची के साथ खेलती रहती हैं।
स्टूडेंट्स को इंटरनेशनल खिलाकर अपनी इच्छा पूरी करेंगी
ललिता ने बताया कि उनका एक ही लक्ष्य था, इंटरनेशनल स्तर पर भारत की टीम में खेलना। भोपाल साई में कैंप के दौरान उनके पैर की हड्डी में दिक्कत की वजह से नहीं खेल सकीं। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य यही है कि वे इंटरनेशनल स्तर की खिलाड़ी तैयार करेंगी, जिसके लिए अपनी स्टूडेंट्स पर मेहनत कर रही हैं।
मूल रूप से बहादुरगढ़ की निवासी, दिल्ली में हुई शादी
ललिता मूल रूप से बहादुरगढ़ की निवासी हैं और उसकी शादी दिल्ली में हुई है। ललिता के पिता भी दिल्ली पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं। दिल्ली में हुए अंडर 19 नेशनल गेम्स में ललिता की टीम ने पहला स्थान हासिल किया था। छत्तीसगढ़ में अंडर 14 नेशनल गेम्स में तीसरा स्थान तथा अमृतसर में हुए अंडर 17 के नेशनल गेम्स में तीसरा स्थान हासिल किया। ललिता दिल्ली की बेस्ट प्लेयर रह चुकी हैं। खास बात यह है कि उन्हें स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं मिला है और मेरिट बेस पर उन्होंने नौकरी ज्वाइन की हुई है। ललिता सुबह साढ़े 4 बजे ग्राउंड में प्रेक्टिस के लिए चली जाती थीं और स्कूल से लौटने के बाद फिर से 3 बजे स्टेडियम में जाती थीं। ललिता बताती हैं कि उनके पिता का पूरा सहयोग मिला और कभी लड़की होकर पीछे हटने का अहसास नहीं होने दिया।