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सावन की पहली झमाझम बारिश, एक घंटे में 63 एमएम पानी बरसा
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बारिश के बाद पुरानी सब्जी मंडी के पास सड़क पर हुए जलभराव से निकलते मोटरसाइकिल सवार।
- फोटो : Hisar
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शहर में मंगलवार दोपहर को सावन की पहली झमाझम बारिश हुई। इस दौरान एक घंटे में 63 एमएम पानी बरसा। इस बारिश से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे लोगों को परेशानी भी हुई। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार सात अगस्त तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बता दें कि सावन महीने के 21 दिन बीत चुके हैं। मगर अभी तक का सावन का महीना लगभग सूखा ही जा रहा था। लोग काफी समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। हालांकि मंगलवार सुबह मौसम साफ था और धूप निकली हुई थी। मगर दोपहर को अचानक मौसम ने करवट ली। दोपहर 12 हल्की बारिश शुरू हुई, जो थोड़ी देर में तेज बारिश में तब्दील हो गई। करीब एक घंटे तक शहर में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 35.0 और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.8 और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस था।
कॉलोनियों में हुआ जलभराव : मूसलाधार बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में भी जलभराव हुआ। इस दौरान कॉलोनियों में दो से ढाई फुट तक पानी जमा हो गया। यही नहीं शहर के कुछ निचले इलाकों में तो घरों में पानी घुस गया। इन कॉलोनियों में पानी निकासी प्रबंधन न होने के कारण देर रात पानी जमा रहा, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एक घंटे में हुई महीने की आधी से ज्यादा बारिश: शहर में अगस्त महीने में 112. एमएम औसत बारिश होती है। मंगलवार को एक घंटे में ही 63 एमएम बारिश हो गई, जो पूरे महीने में होने वाली औसत बारिश का आधा है। इससे पहले दो अगस्त को 3.5 एमएम बारिश हुई थी।
10 वर्षों में पांचवीं बार हुई एक दिन में इतनी बारिश: अगर पिछले 10 वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाले तो यह पांचवीं दफा है, जब एक ही दिन में 60.0 एमएम से ज्यादा बारिश हुई। इससे पहले वर्ष 2015 में 13 अगस्त को 92.2, 2013 में 17 अगस्त को 98.3, 2012 में 22 अगस्त को 64.7 एमएम और वर्ष 2010 में 23 अगस्त को 63.0 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
कहीं कम तो कहीं हुई ज्यादा बारिश: इस दौरान शहर में कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश हुई। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्राप्त आंकड़े के अनुसार 63.0 एमएम बारिश हुई। वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार शहर में 8.6 एमएम बारिश हुई। आईएमडी का कार्यालय दिल्ली-बाईपास रोड पर गुजवि के पास स्थित है और वहीं उनकी ऑब्जर्वेटरी स्थापित है।
बारिश से फसलों होगा फायदा: इस बारिश से बाजरा, ग्वार, नरमा, देसी कपास, धान, मूंग, ज्वार आदि फसलों को फायदा होगा। इसके अलावा सब्जियों की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित होगी।
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बता दें कि सावन महीने के 21 दिन बीत चुके हैं। मगर अभी तक का सावन का महीना लगभग सूखा ही जा रहा था। लोग काफी समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। हालांकि मंगलवार सुबह मौसम साफ था और धूप निकली हुई थी। मगर दोपहर को अचानक मौसम ने करवट ली। दोपहर 12 हल्की बारिश शुरू हुई, जो थोड़ी देर में तेज बारिश में तब्दील हो गई। करीब एक घंटे तक शहर में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 35.0 और न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.8 और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस था।
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कॉलोनियों में हुआ जलभराव : मूसलाधार बारिश के कारण शहर की कई कॉलोनियों में भी जलभराव हुआ। इस दौरान कॉलोनियों में दो से ढाई फुट तक पानी जमा हो गया। यही नहीं शहर के कुछ निचले इलाकों में तो घरों में पानी घुस गया। इन कॉलोनियों में पानी निकासी प्रबंधन न होने के कारण देर रात पानी जमा रहा, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एक घंटे में हुई महीने की आधी से ज्यादा बारिश: शहर में अगस्त महीने में 112. एमएम औसत बारिश होती है। मंगलवार को एक घंटे में ही 63 एमएम बारिश हो गई, जो पूरे महीने में होने वाली औसत बारिश का आधा है। इससे पहले दो अगस्त को 3.5 एमएम बारिश हुई थी।
10 वर्षों में पांचवीं बार हुई एक दिन में इतनी बारिश: अगर पिछले 10 वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाले तो यह पांचवीं दफा है, जब एक ही दिन में 60.0 एमएम से ज्यादा बारिश हुई। इससे पहले वर्ष 2015 में 13 अगस्त को 92.2, 2013 में 17 अगस्त को 98.3, 2012 में 22 अगस्त को 64.7 एमएम और वर्ष 2010 में 23 अगस्त को 63.0 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
कहीं कम तो कहीं हुई ज्यादा बारिश: इस दौरान शहर में कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश हुई। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्राप्त आंकड़े के अनुसार 63.0 एमएम बारिश हुई। वहीं भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार शहर में 8.6 एमएम बारिश हुई। आईएमडी का कार्यालय दिल्ली-बाईपास रोड पर गुजवि के पास स्थित है और वहीं उनकी ऑब्जर्वेटरी स्थापित है।
बारिश से फसलों होगा फायदा: इस बारिश से बाजरा, ग्वार, नरमा, देसी कपास, धान, मूंग, ज्वार आदि फसलों को फायदा होगा। इसके अलावा सब्जियों की फसल के लिए भी यह बारिश लाभदायक साबित होगी।