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Hisar News: 6,259 ने मधुमेह से जीती जंग, नए रोगियों की खोज तेज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:34 AM IST
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6,259 people have won the battle against diabetes, and the search for new patients is accelerating.
हिसार के जिला अस्पताल में मधुमेह की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। अमर उजाला - फोटो : udhampur news

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हिसार। पिछले तीन वर्ष में जिले की कुल आबादी करीब 20 लाख में से 5.60 लाख लोग मधुमेह की जांच करा चुके हैं। जांच के लिए 30 साल से अधिक आयु के 7.52 लाख लोग पंजीकृत हैं। जिले में इलाज करा रहे मधुमेह के 25,092 रोगियों में से 6,259 का रोग नियंत्रित हो चुका है। मधुमेह सप्ताह के तहत विभाग ने नए रोगियों की पहचान के लिए सक्रियता बढ़ा दी है।
जिले में 1,33,140 लाग मधुमेह की जांच दोबारा करा चुके हैं। 21,335 मरीज ग्रामीण अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में भेजे गए। पूर्व निर्धारित योजना के तहत इलाज करवा रहे 6,259 मरीजों का फॉलोअप (इलाज के बाद देखभाल) भी किया गया है।
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गैर संचारी रोग विभाग (एनसीडी) की प्रभारी डॉ. नीरू गुप्ता के ने बताया कि मधुमेह के लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते इसलिए इसे छुपी हुई महामारी भी कहते हैं। शुरुआती जांच से गंभीर जटिलताओं, जैसे हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी और दृष्टि हानि को रोकने में मदद मिल सकती है। जीवनशैली में बदलाव करने और स्वास्थ्य के बारे में निर्णय लेने के लिए इसकी जांच करवाना जरूरी है। डॉ. मीलू लांबा ने बताया कि खाने से पहले रक्त में शुगर का स्तर 140 एमडी/डीएल या इससे अधिक है तो मधुमेह हो सकता है। एक बार जांच रिपोर्ट निगेटिव या पॉजिटिव आने के बाद भी कुछ अंतराल के बाद इसकी दोबारा जांच कराते रहना चाहिए।
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यह भी जानें.......
मधुमेह के कारण -
अस्वस्थ आहार, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा, उच्च रक्तचाप, अनुवांशिक।
लक्षण -
बार-बार पेशाब आना, अधिक भूख लगना, असामान्य प्यास लगना, अकारण वजन घटना, घाव का बहुत धीरे भरना, ऊर्जा की कमी, थकान और कमजोरी महसूस होना, बार-बार संक्रमण होना, आंखों से धुंधला दिखाई देना।
शरीर पर प्रभाव -
गुर्दे फेल होना। आंखों में अंधापन। मुख गुहा (ओरल कैविटी), मसूढे़ संबंधी रोग, हृदय व रक्त वाहिकाओं के रोग जैसे दिल का दौरा या लकवा, नसों की क्षति जैसे सुन्न होना, हाथ या पैरों में झनझनाहट होना, पैरों में घाव (नासूर) या संक्रमण होना।





अस्पताल और न्यायालय परिसर में की स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग 14 से 20 नवंबर तक मधुमेह सप्ताह मना रहा है। इसके तहत जिला अस्पताल और न्यायालय परिसर में शुक्रवार और शनिवार को शिविर लगाकर 200 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में भी स्वास्थ्य जांच समेत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को मधुमेह से बचाव के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण करने वालाें में होम्योपैथी विभाग से डॉ. नेहा, आयुष विभाग से डॉ. पूजा, पूजा, कविता, आशीष, मोहित, आर्यन आदि मौजूद थे। मरीजों को योगाभ्यास, प्राणायाम और पंचकर्म के लिए प्रेरित किया गया।
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