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्रॉपर्टी टैक्स के जिन बिलों को एजेंसी नहीं बांट सकी, उन्हें बांटने के लिए अब 150 सक्षम युवा उतारे
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम से टेंडर लेने वाली एजेंसी जिन शहरवासियों तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल नहीं बांट सकी, उन्हें ढूंढने के लिए अब निगम प्रशासन ने 150 सक्षम युवा शहर में उतारे हैं। सक्षम युवा वार्ड-वार्ड जाकर खाली प्लॉटों के मालिकों को ढूंढेंगे। अगर प्लॉट मालिक मिले तो उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स का बिल थमाकर आएंगे।
सोमवार को डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा ने सक्षम युवाओं की बैठक लेकर उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने की प्रक्रिया समझाई। इसके बाद एसआई राजेश कुमार व एएसआई रविंद्र कुमार ने इन युवाओं को काम बांटकर दिया।
यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के खत्म होने से मात्र सात दिन पहले 20 हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बिलों के शहर में नहीं बांटे जाने का मामला सामने आया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह प्रॉपर्टी टैक्स बिल ऐसे हैं, जिनकी प्रॉपर्टी के कोई मालिक नहीं मिले। इसलिए इन बिलों की डिलीवरी नहीं हो सकेगी। नतीजन, बिल वापस निगम कार्यालय आ गए। इसलिए अब निगम अधिकारियों ने इन प्रॉपर्टी टैक्स बिलों को कर्मचारियों से अलग-अलग वार्डवाइज करवाकर इन्हें बांटने के लिए सक्षम युवाओं का सहारा लिया है।
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जब कंपनी को नहीं मिले तो सक्षम युवाओं को कैसे मिलेंगे मालिक
बेशक निगम अधिकारियों ने सक्षम युवाओं को बिल बांटने की जिम्मेदारी दे दी हो लेकिन सवाल उठता है कि जब 14 रुपये प्रति बिल टेंडर लेने वाली एजेंसी के कर्मचारियों को प्रॉपर्टी मालिक नहीं मिले तो फिर सक्षम युवाओं को कैसे मिल जाएंगे। इस मसले पर पार्षदों का कहना है कि निगम के अधिकारी एजेंसी की लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
शहर में खाली प्लॉटों की संख्या 50 हजार
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 1 लाख 36 हजार प्रॉपर्टी धारक हैं। इनमें से 50 हजार खाली प्लॉट हैं। जो 20 हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे गए हैं, वह इन्हीं खाली प्लॉटधारकों के बताए जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि कुल खाली प्लॉटधारक 50 हजार हैं तो इनमें से 30 हजार के मालिक मिल गए जबकि 20 हजार के मालिक नहीं मिले, ऐसा कैसे संभव हो सकता है। प्लॉटधारकों का रिकॉर्ड अगर निगम प्रशासन के पास नहीं है तो राजस्व विभाग से लिया जा सकता है।
पार्षद बोले, हम तो पहले ही कह रहे थे बिल नहीं बंटे
वार्ड नंबर 7 के पार्षद मनोहर लाल वर्मा का कहना है कि उनके वार्ड के शिव नगर व अन्य कुछ एरिया में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे गए हैं। इस बारे में वह पहले से ही कह रहे हैं। अब अधिकारी चाहते हैं कि जो बिल नहीं बांटे गए, उन्हें पार्षद बंटवाए। वर्मा ने कहा कि पार्षदों के पास यही काम नहीं है।
जिन प्लॉटों के मालिक नहीं मिले, उन्हें ही प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे जा सके थे। अब 150 सक्षम युवाओं को वार्डवाइज इन प्लॉटधारकों को ढूंढकर उन तक बिल पहुंचाने के लिए लगाया है।
- डॉ. पीके हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम
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हिसार। नगर निगम से टेंडर लेने वाली एजेंसी जिन शहरवासियों तक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल नहीं बांट सकी, उन्हें ढूंढने के लिए अब निगम प्रशासन ने 150 सक्षम युवा शहर में उतारे हैं। सक्षम युवा वार्ड-वार्ड जाकर खाली प्लॉटों के मालिकों को ढूंढेंगे। अगर प्लॉट मालिक मिले तो उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स का बिल थमाकर आएंगे।
सोमवार को डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. पीके हुड्डा ने सक्षम युवाओं की बैठक लेकर उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटने की प्रक्रिया समझाई। इसके बाद एसआई राजेश कुमार व एएसआई रविंद्र कुमार ने इन युवाओं को काम बांटकर दिया।
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यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के खत्म होने से मात्र सात दिन पहले 20 हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बिलों के शहर में नहीं बांटे जाने का मामला सामने आया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह प्रॉपर्टी टैक्स बिल ऐसे हैं, जिनकी प्रॉपर्टी के कोई मालिक नहीं मिले। इसलिए इन बिलों की डिलीवरी नहीं हो सकेगी। नतीजन, बिल वापस निगम कार्यालय आ गए। इसलिए अब निगम अधिकारियों ने इन प्रॉपर्टी टैक्स बिलों को कर्मचारियों से अलग-अलग वार्डवाइज करवाकर इन्हें बांटने के लिए सक्षम युवाओं का सहारा लिया है।
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जब कंपनी को नहीं मिले तो सक्षम युवाओं को कैसे मिलेंगे मालिक
बेशक निगम अधिकारियों ने सक्षम युवाओं को बिल बांटने की जिम्मेदारी दे दी हो लेकिन सवाल उठता है कि जब 14 रुपये प्रति बिल टेंडर लेने वाली एजेंसी के कर्मचारियों को प्रॉपर्टी मालिक नहीं मिले तो फिर सक्षम युवाओं को कैसे मिल जाएंगे। इस मसले पर पार्षदों का कहना है कि निगम के अधिकारी एजेंसी की लापरवाही पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
शहर में खाली प्लॉटों की संख्या 50 हजार
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 1 लाख 36 हजार प्रॉपर्टी धारक हैं। इनमें से 50 हजार खाली प्लॉट हैं। जो 20 हजार से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे गए हैं, वह इन्हीं खाली प्लॉटधारकों के बताए जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि कुल खाली प्लॉटधारक 50 हजार हैं तो इनमें से 30 हजार के मालिक मिल गए जबकि 20 हजार के मालिक नहीं मिले, ऐसा कैसे संभव हो सकता है। प्लॉटधारकों का रिकॉर्ड अगर निगम प्रशासन के पास नहीं है तो राजस्व विभाग से लिया जा सकता है।
पार्षद बोले, हम तो पहले ही कह रहे थे बिल नहीं बंटे
वार्ड नंबर 7 के पार्षद मनोहर लाल वर्मा का कहना है कि उनके वार्ड के शिव नगर व अन्य कुछ एरिया में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे गए हैं। इस बारे में वह पहले से ही कह रहे हैं। अब अधिकारी चाहते हैं कि जो बिल नहीं बांटे गए, उन्हें पार्षद बंटवाए। वर्मा ने कहा कि पार्षदों के पास यही काम नहीं है।
जिन प्लॉटों के मालिक नहीं मिले, उन्हें ही प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे जा सके थे। अब 150 सक्षम युवाओं को वार्डवाइज इन प्लॉटधारकों को ढूंढकर उन तक बिल पहुंचाने के लिए लगाया है।
- डॉ. पीके हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम