फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   600 farmers reached the district headquarters market with 18 thousand quintals of millet, HAFED did not buy a single grain

Hisar News: जिला मुख्यालय की मंडी में 18 हजार क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे 600 किसान, हैफेड ने नहीं खरीदा एक दाना

Mon, 25 Sep 2023 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Mon, 25 Sep 2023 10:35 PM IST
विज्ञापन
600 farmers reached the district headquarters market with 18 thousand quintals of millet, HAFED did not buy a single grain
भिवानी।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय की मंडी में सोमवार सुबह से ही किसानों की बाजरा की फसल लेकर आने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की लंबी कतारें लग गईं। 600 किसान करीब 18 हजार क्विंटल बाजरा लेकर मंडी में पहुंचे। शाम छह बजे बाद तक भी हैफेड ने किसानों के बाजरे का एक दाना तक नहीं खरीदा।
ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की वजह से लोहारू रोड पर जाम की स्थिति भी बनी। वहीं मंडी के मुख्य द्वार पर गेट पास कटाने के लिए भी किसानों को लंबी कतार में लगकर इंतजार करना पड़ा। खरीद नहीं होने से किसानों ने रोष जताया, वहीं किसानों ने एमएसपी के अलावा भावांतर भरपाई योजना पर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।
विज्ञापन


भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी में सोमवार सुबह से ही रजिस्टर्ड किसान अपनी बाजरा की फसल लेकर आना शुरू हो गए। किसानों को गेट पास कटाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ा जहां उमस भरी गर्मी और धूप से बचाव का भी कोई प्रबंध नहीं था। गेट पास कटाने के बाद जब किसान ट्रैक्टर अंदर लेकर पहुंचे तो उन्हें बाजरा फसल उतारने के लिए पर्याप्त प्लेटफार्म तक नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसी किसान ने प्लेटफार्म के नीचे तो किसी ने आढ़ती की दुकान के आगे फुटपाथ पर अपनी बाजरा की फसल उतारी। मंडी में देर शाम तक भी किसानों की हैफेड ने सरकारी खरीद शुरू नहीं कराई। सुबह से शाम तक किसान कभी लाइनों में खड़े तो कभी फसल उतारने की परेशानी झेलते रहे, मगर बावजूद इसके उनकी फसल का पहले दिन एक दाना भी खरीद नहीं हो पाया।





2500 एमएसपी, 300 रुपये दे रहे भावांतर

मंडी पहुंचने के बाद किसानों का बाजरा तो खरीद नहीं हुआ लेकिन उन्हें यहां आकर पता चला कि सरकार 2500 रुपये प्रति क्विंटल बाजरा पर एमएसपी घोषित किए जाने के बाद भी एक हांडी में दो छेद कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि बाजरे के सरकारी खरीद का भाव 2200 रुपये हैं और 300 रुपये भावांतर भरपाई योजना के तहत दिए जाएंगे। भावांतर की राशि किसानों के खाते मेें आएगी। किसानों ने इस पर भी रोष जताया, क्योंकि प्राइवेट बिक्री में किसानों को दो हजार रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहे हैं। जबकि सरकार उनकी फसल खरीद में एक के बाद एक पेचीदगी डाल रही है।





मैं सुबह आकर बाजरा बिक्री के लिए मंडी में गेट पास की लाइन में खड़ा हुआ था। करीब पांच घंटे बाद उसका नंबर आया और उसे गेट पास भी मिल गया, मगर शाम तक कोई अधिकारी उसकी ढेरी के पास नहीं फटका। शाम ढल गई, मगर अधिकारियों का इंतजार खत्म नहीं हुआ। सरकार बाजरा का भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है, जबकि एमएसपी 2500 रुपये तय किया है। भावांतर का 300 रुपये बाद में खाते में आने की बात कही जा रही है। इससे पता चलता है कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है।

-किसान यशपाल, गांव साकरोड।





सरकार हर बार किसानों की फसल खरीद के दौरान उनकी परीक्षा लेती है। मैंने बाजरा बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था और प्राइवेट तौर पर भी पता किया। प्राइवेट तौर पर बाजरा का भाव 1900 से 2000 प्रति क्विंटल है। जबकि सरकार एमएसपी घोषित करने के बाद भी किसानों को 2200 रुपये प्रति क्विंटल भाव दे रही है। ये सरासर गलत है। या तो खरीद न कर भावांतर ही दे या फिर पूरी तरह से किसानों की बाजरा फसल खरीद उन्हें पूरा भाव दे। सोमवार को खरीद नहीं होने से भी रात मंडी में ही बितानी पड़ेगी।


- किसान छोटूराम, गांव कुसुंभी।


पहले दिन भिवानी मंडी में किसानों के बाजरे की आवक हुई है। मंगलवार से हैफेड किसानों का बाजरा की सरकारी खरीद शुरू कराएगी। तोशाम मंडी में कुछ किसानों का बाजरा खरीद हुई है। इसके अलावा अभी अन्य ग्रामीण मंडियों में बाजरा की खरीद नहीं की गई है।

-राजेंद्र गिल, जिला प्रबंधक हैफेड, भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article