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पहाड़ों की वादियों और विधानसभा का भ्रमण करने के बाद वापस लौटे भाजपाई पार्षद
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। कसौली के पहाड़ों की वादियों और विधानसभा का भ्रमण करने के बाद भाजपाई पार्षद वापस शहर में लौट आए हैं। विधायक डॉ. कमल गुप्ता व भ्रमण के लिए गए सभी पार्षद देर शाम को हिसार पहुंचे। बुधवार को सुबह मेयर व पार्षदों ने विधानसभा के सत्र को भी देखा। इन सभी को विधायक डॉ.कमल गुप्ता की ओर से पास जारी करवाए गए थे।
गौरतलब है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को टालने के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों को बैठक से एक रात पहले ही चंडीगढ़ भेज दिया था। किसी भी पार्षद के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण चुनाव स्थगित कर दिए गए थे।
लोकसभा चुनावों के बाद ही चुनाव करवाने की संभावना
सूत्रों की मानें तो भाजपा की ओर से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव लोकसभा चुनावों के बाद ही करवाने की संभावना है। पार्षदों के बीच पद को लेकर किसी तरह का मनमुटाव होने पर लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए चुनाव टालने पर जोर दिया गया है। वहीं जातिगत वोट बैंक को भी साधे रखने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी एक समुदाय के पार्षद को पद मिल जाता है तो अन्य समुदाय के लोगों के नाराज होने का खतरा भाजपा नहीं उठाना चाह रही है।
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हिसार। कसौली के पहाड़ों की वादियों और विधानसभा का भ्रमण करने के बाद भाजपाई पार्षद वापस शहर में लौट आए हैं। विधायक डॉ. कमल गुप्ता व भ्रमण के लिए गए सभी पार्षद देर शाम को हिसार पहुंचे। बुधवार को सुबह मेयर व पार्षदों ने विधानसभा के सत्र को भी देखा। इन सभी को विधायक डॉ.कमल गुप्ता की ओर से पास जारी करवाए गए थे।
गौरतलब है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को टालने के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों को बैठक से एक रात पहले ही चंडीगढ़ भेज दिया था। किसी भी पार्षद के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण चुनाव स्थगित कर दिए गए थे।
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लोकसभा चुनावों के बाद ही चुनाव करवाने की संभावना
सूत्रों की मानें तो भाजपा की ओर से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव लोकसभा चुनावों के बाद ही करवाने की संभावना है। पार्षदों के बीच पद को लेकर किसी तरह का मनमुटाव होने पर लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए चुनाव टालने पर जोर दिया गया है। वहीं जातिगत वोट बैंक को भी साधे रखने की कोशिश की जा रही है। अगर किसी एक समुदाय के पार्षद को पद मिल जाता है तो अन्य समुदाय के लोगों के नाराज होने का खतरा भाजपा नहीं उठाना चाह रही है।
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