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पिस्तौल के बल पर अपहरण करके फिरौती मांगने के चार दोषियों को उम्रकैद की सजा
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। अग्रवाल कलर लैब के मालिक देवकी नंदन अग्रवाल का अपहरण करके फिरौती मांगने के चार आरोपियों को कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की कोर्ट ने दोषियों को अपहरण व फिरौती मांगने के मामले की दोनों धाराओं में उम्रकैद सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नही भरने पर दो साल की अतिरिक्त सजा होगी। वहीं सरकारी वकील राजीव सरदाना ने बताया कि इस केस में पीड़ित देवकी नंदन और अन्य प्रमोद गवाही से मुकर गए थे, जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीजेएम को शिकायत भेजी जाएगी।
कोर्ट ने सोनीपत की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी विक्रम उर्फ अजय भटनागर, पानीपत के सिवाहा निवासी नीरज उर्फ चांद, मादुपुरी दिल्ली निवासी मनु शर्मा, जीरकपुर पंजाब निवासी हिमांशु को अपहरण और फिरौती मांगने के लिए सजा सुनाई गई है। इसके अलावा विक्रम व नीरज को आर्म्स एक्ट में भी दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा व दो-दो हजार का जुर्माना लगाया है। इनके अलावा मामले में एक अन्य आरोपी हरेंद्र पाल अभी तक फरार है। आरोपियों को 31 अक्तूबर को दोषी करार दिया गया था। इनके खिलाफ 24 अप्रैल 2016 को केस दर्ज किया गया था। मामले में सेक्टर 14 निवासी देवकी नंदन अग्रवाल ने शिकायत देकर बताया था कि गुलाब सिंह चौक पर अग्रवाल कलर लैब चलाते हैं।
10 लाख रुपये की मांगी थी फिरौती, मिन्नत करने पर दो लाख में माने
घटना की रात वह अपने दोस्त अनिल शर्मा के साथ रात साढ़े 10 बजे अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी में अपने घर की तरफ जा रहे थे। जब वह सेक्टर-14 के गेट के पास पहुंचे तो एक पंजाब नंबर गाड़ी उनके पास आकर रुकी। इस गाड़ी में पांच युवक सवार थे। उन्होंने देवकी नंदन से हरिहर मैरिज पैलेस का पता पूछा। देवकी नंदन के अनुसार युवकों को बाहरी सोचकर उन्होंने मदद की सोची व वह उनको पता बताने के लिए राजपूत धर्मशाला के पास आ गए। यहां पर आने के बाद दो युवकों ने पिस्तौल निकाल ली और जबरदस्ती उनको फॉरच्यूनर गाड़ी में चढ़ा दिया। इसके बाद आरोपी उनको अग्रोहा के पास ले गए और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों से विनती करने पर वह दो लाख रुपये देने पर मान गए। देवकी नंदन ने अपने दोस्त प्रमोद को फोन किया व उनसे दो लाख रुपये मंगवाए। अपहरणकर्ताओं को दो लाख रुपये मिलने के बाद भी उन्होंने देवकी नंदन व अनिल को रिहा नहीं किया। आरोपी उनको गाड़ी में अग्रोहा से आगे ले गए और वहां पर उनसे मोबाइल, अंगूठी, सोने का कड़ा व पर्स छीनकर गाड़ी से उतार दिया और उनकी कार लेकर फतेहाबाद की तरफ फरार हो गए। इसके बाद देवकी नंदन ने किसी राहगीर से फोन मांगकर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी, जिसके बाद फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और उनको हिसार लेकर आई।
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वारदात के छह महीने बाद सोनीपत पुलिस के चढ़े थे हत्थे
देवकी नंदन का अपहरण करके फिरौती मांगने के मामले में आरोपियों के खिलाफ सिटी थाना पुुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने लूटी गई फॉरच्यूनर गाड़ी को दो दिन बाद रतिया के गांव लठेरा के पास से लावारिस हालत में बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर गाड़ी से निशान बरामद कर लिए। इसके बाद यह मामला सीआईए टीम को सौंपा गया, लेकिन छह महीने तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। 12 अक्तूबर 2016 को हिसार पुलिस के पास सोनीपत पुलिस की तरफ से संदेश आया कि उन्होंने कार चोरी करके आगे बेचने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हिसार में 24 अप्रैल को लूट व फिरौती की वारदात को कबूल किया है। इसके बाद हिसार पुलिस विक्रम, मनु शर्मा और नीरज को प्रोडक्शन वारंट पर हिसार लेकर आई थी।
केस में देवकी नंदन और प्रमोद गवाही से मुकर गए थे। इनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 व 195 के तहत कार्रवाई के लिए इनकी शिकायत सीजेएम को भेजी जाएगी।
राजीव सरदाना, सरकारी वकील
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हिसार। अग्रवाल कलर लैब के मालिक देवकी नंदन अग्रवाल का अपहरण करके फिरौती मांगने के चार आरोपियों को कोर्ट ने बुधवार को दोषी करार दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देशराज चालिया की कोर्ट ने दोषियों को अपहरण व फिरौती मांगने के मामले की दोनों धाराओं में उम्रकैद सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नही भरने पर दो साल की अतिरिक्त सजा होगी। वहीं सरकारी वकील राजीव सरदाना ने बताया कि इस केस में पीड़ित देवकी नंदन और अन्य प्रमोद गवाही से मुकर गए थे, जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सीजेएम को शिकायत भेजी जाएगी।
कोर्ट ने सोनीपत की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी विक्रम उर्फ अजय भटनागर, पानीपत के सिवाहा निवासी नीरज उर्फ चांद, मादुपुरी दिल्ली निवासी मनु शर्मा, जीरकपुर पंजाब निवासी हिमांशु को अपहरण और फिरौती मांगने के लिए सजा सुनाई गई है। इसके अलावा विक्रम व नीरज को आर्म्स एक्ट में भी दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा व दो-दो हजार का जुर्माना लगाया है। इनके अलावा मामले में एक अन्य आरोपी हरेंद्र पाल अभी तक फरार है। आरोपियों को 31 अक्तूबर को दोषी करार दिया गया था। इनके खिलाफ 24 अप्रैल 2016 को केस दर्ज किया गया था। मामले में सेक्टर 14 निवासी देवकी नंदन अग्रवाल ने शिकायत देकर बताया था कि गुलाब सिंह चौक पर अग्रवाल कलर लैब चलाते हैं।
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10 लाख रुपये की मांगी थी फिरौती, मिन्नत करने पर दो लाख में माने
घटना की रात वह अपने दोस्त अनिल शर्मा के साथ रात साढ़े 10 बजे अपनी फॉरच्यूनर गाड़ी में अपने घर की तरफ जा रहे थे। जब वह सेक्टर-14 के गेट के पास पहुंचे तो एक पंजाब नंबर गाड़ी उनके पास आकर रुकी। इस गाड़ी में पांच युवक सवार थे। उन्होंने देवकी नंदन से हरिहर मैरिज पैलेस का पता पूछा। देवकी नंदन के अनुसार युवकों को बाहरी सोचकर उन्होंने मदद की सोची व वह उनको पता बताने के लिए राजपूत धर्मशाला के पास आ गए। यहां पर आने के बाद दो युवकों ने पिस्तौल निकाल ली और जबरदस्ती उनको फॉरच्यूनर गाड़ी में चढ़ा दिया। इसके बाद आरोपी उनको अग्रोहा के पास ले गए और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपियों से विनती करने पर वह दो लाख रुपये देने पर मान गए। देवकी नंदन ने अपने दोस्त प्रमोद को फोन किया व उनसे दो लाख रुपये मंगवाए। अपहरणकर्ताओं को दो लाख रुपये मिलने के बाद भी उन्होंने देवकी नंदन व अनिल को रिहा नहीं किया। आरोपी उनको गाड़ी में अग्रोहा से आगे ले गए और वहां पर उनसे मोबाइल, अंगूठी, सोने का कड़ा व पर्स छीनकर गाड़ी से उतार दिया और उनकी कार लेकर फतेहाबाद की तरफ फरार हो गए। इसके बाद देवकी नंदन ने किसी राहगीर से फोन मांगकर पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी, जिसके बाद फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और उनको हिसार लेकर आई।
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वारदात के छह महीने बाद सोनीपत पुलिस के चढ़े थे हत्थे
देवकी नंदन का अपहरण करके फिरौती मांगने के मामले में आरोपियों के खिलाफ सिटी थाना पुुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने लूटी गई फॉरच्यूनर गाड़ी को दो दिन बाद रतिया के गांव लठेरा के पास से लावारिस हालत में बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर गाड़ी से निशान बरामद कर लिए। इसके बाद यह मामला सीआईए टीम को सौंपा गया, लेकिन छह महीने तक पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। 12 अक्तूबर 2016 को हिसार पुलिस के पास सोनीपत पुलिस की तरफ से संदेश आया कि उन्होंने कार चोरी करके आगे बेचने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने हिसार में 24 अप्रैल को लूट व फिरौती की वारदात को कबूल किया है। इसके बाद हिसार पुलिस विक्रम, मनु शर्मा और नीरज को प्रोडक्शन वारंट पर हिसार लेकर आई थी।
केस में देवकी नंदन और प्रमोद गवाही से मुकर गए थे। इनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 व 195 के तहत कार्रवाई के लिए इनकी शिकायत सीजेएम को भेजी जाएगी।
राजीव सरदाना, सरकारी वकील