फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   500, 1000 Rupee close hisar, hOspita hisar, Hisar

पूर्व सरपंच ने रिश्तेदारों से छुट्टे रुपयों का इंतजाम कर छुड़ाया अस्पताल से शव

Tue, 15 Nov 2016 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार Updated Tue, 15 Nov 2016 12:45 AM IST
विज्ञापन
500, 1000 Rupee close hisar, hOspita hisar, Hisar
500 and 1000

पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद होने की सबसे अधिक मार मरीज और उनके परिजनों पर पड़ रही है। सोमवार को ऐसे ही दो मामले सामने आए। पहले मामले में पुराने नोटों का इंतजाम करके डेड बॉडी छुड़वाई गई। वहीं दूसरे मामले में नई करेंसी नहीं देने पर मरीज को डिस्चार्ज करने से मना कर दिया गया। हालांकि हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधक ने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया।

विज्ञापन

शहर के एक निजी अस्पताल में कापड़ो के पूर्व सरपंच के रिश्तेदार की डेडबॉडी 33 हजार रुपये के छुट्टे नोट का इंतजाम कर छुड़वाई गई। मगर जब आईसीयू में दाखिल उनके बेटे को डिस्चार्ज करने पर फिर नए नोटों की डिमांड की गई। बाद में डीसी रेजिडेंस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुराने नोट आईडी प्रूफ के साथ जमा कर राहत दी।
विज्ञापन


अस्पताल प्रशासन बोला नए नोट ही लेंगे
कापड़ो के पूर्व सरपंच हाल मिलगेट स्थित श्रीनगर निवासी रोशन लाल ने बताया कि उनके समधी का भाई गांव उगालन निवासी अपने बेटे के पास रोहतक गया हुआ था। वह छत से नीचे गिर घायल हो गया था। गंभीर हालात में उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रविवार रात 10 बजे सुलतान ने दम तोड़ दिया। इसी बीच 12 नवंबर को अस्पताल में खाना देकर वापस लौट रहे उनके बेटे सहित तीन रिश्तेदार जिनमें समधी हवा सिंह, जमाई राजेश व बेटा अमनदीप एक्सीडेंट में घायल हो गए। उन्हें भी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती करवाया गया। सुलतान की रात को मौत होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने 33 हजार रुपये का बिल बनाया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि वे नए नोट ही लेंगे। रात को ही उन्होंने अपने रिश्तदारों के पास कॉल कर 33 हजार रुपये के 100 रुपये के नोटों का इंतजाम किया। सुबह उन्होंने डेडबॉडी छुड़वा ली। पूर्व सरपंच के बेटे को भी सुबह डिस्चार्ज के लिए 14 हजार रुपये का नये नोट में बिल मांगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमओ ने जताई लाचारी
परिजनों ने सीएमओ से गुहार लगाई तो सीएमओ ने कहा कि निजी अस्पताल से संबंधित मेरे पास इस मामले पर कोई गाइड लाइन नहीं है। डीसी के मोबाइल पर दो बार कॉल करने के बाद कोई रिस्पांस नहीं मिला। पूर्व सरपंच ने फिर उनके रेजिडेंस पर कॉल कर पूरा मामला बताया। डीसी रेजिडेंस से हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे पुरानी करेंसी आइडी प्रूफ के साथ जमा कर दूसरे मरीज को भी डिस्चार्ज कर दिया। अभी भी उनके पास उनके दो और रिश्तेदार जिनमें हवासिंह व फूड एंड सप्लाई विभाग में कार्यरत सब इंस्पेक्टर राजेश भर्ती हैं।

सिक्योरिटी को बोला नजर रखना
पूर्व सरपंच रोशनलाल का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें नजरबंद कर लिया। सिक्योरिटी को निर्देश दे दिए गए कि दो लोग यहां स्पेशल ड्यूटी देंगे ताकि इनमें से कोई यहां से भाग न जाए।

दूसरे निजी अस्पताल में भी नहीं ली पुरानी करेंसी, हंगामे के बाद स्वीकारी
हिसार। बरवाला चुंगी रोड पर निजी अस्पताल में फतेहाबाद के भट्टू निवासी रमेश को पुरानी करेंसी देने के बदले में डिस्चार्ज नहीं किया गया। डॉक्टर व मेडिकल संचालक ने कहा कि वे या तो नई करेंसी लेकर आएं या फिर चेक देकर जाएं। इस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाया। मामले की सूचना मीडिया के पास पहुंची। अस्पताल प्रबंधन को इसकी भनक लग गई। बदनामी के डर से प्रबंधन व मेडिकल संचालक ने साढ़े 11 हजार रुपये लेकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। रमेश के रिश्तेदार किरतान गांव निवासी दलीप व रामकिशन ने बताया कि वह पांच दिन पहले अस्पताल में भर्ती हुआ था। उनके फेफड़ों में इंफेक्शन था।



निजी अस्पतालों में पुरानी करेंसी चलेगी इसको लेकर हमारे पास कोई गाइड लाइन नहीं आई है। हां सिविल अस्पताल को लेकर आई है। यहां आकर इलाज करवाने वाले पुरानी करेंसी फीस के रूप में जमा करवा सकते हैं। इस संबंध में मैंने मंत्रालय से भी बात की थी मगर वहां से कोई छूट नहीं मिली।
- जेएस ग्रेवाल, सीएमओ हिसार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed