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Hisar News: अमरनाथ यात्रा के लिए 15 दिन में 350 श्रद्धालुओं ने बनवाया स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
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हिसार। पवित्र अमरनाथ यात्रा इस साल 29 जून से शुरू होगी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अभी तक जिले में 350 श्रद्धालुओं ने अपना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाए हैं। नागरिक अस्पताल में 15 अप्रैल से मेडिकल प्रणामपत्र बनने की प्रक्रिया जारी है। जानकारी अनुसार अमरनाथ यात्रा में 15 से 75 आयु वर्ग के लोग जा सकते हैं। यात्रा पर जाने से पहले सभी का मेडिकल प्रमाणपत्र बनता है, उसके बाद ही यात्रा में जाने की अनुमति मिलती है।
फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने वाले श्रद्धालुओं की ईसीजी, शुगर, जांच, आंखों की जांच, एक्स-रे कराया जाता है। इसके बाद फिजिशियन रिपोर्ट की जांच करता है। सभी जांच रिपोर्ट पीएमओ कार्यालय में जमा करवाई जाती है। सब कुछ सही होने पर मेडिकल प्रमाणपत्र बनाया जाता है। इसके बाद पत्र की फोटो कॉपी संबंधित बैंक में जमा करवाई जाती है। वहां से पंजीकरण के तीन कार्ड श्रद्धालु को दिए जाते हैं और उस पर बाबा बर्फानी के दर्शन की तारीख लिखी होती है।
दो रास्तों से दर्शन करने जाते हैं
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दो रास्तों से श्रद्धालु जाते हैं। जम्मू कश्मीर में पहलगाम और बालटाल से रास्ते जाते हैं। यहां से हेलीकॉप्टर से भी यात्रा कर सकते हैं। पहलगाम और बालटाल की तरफ से जाने वाले रास्ते खतरनाक हैं। इस दौरान बारिश का मौसम भी होता है। पहलगाम से अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी करीब 48 किलोमीटर और बालटाल से 14 किलोमीटर है।
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फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने वाले श्रद्धालुओं की ईसीजी, शुगर, जांच, आंखों की जांच, एक्स-रे कराया जाता है। इसके बाद फिजिशियन रिपोर्ट की जांच करता है। सभी जांच रिपोर्ट पीएमओ कार्यालय में जमा करवाई जाती है। सब कुछ सही होने पर मेडिकल प्रमाणपत्र बनाया जाता है। इसके बाद पत्र की फोटो कॉपी संबंधित बैंक में जमा करवाई जाती है। वहां से पंजीकरण के तीन कार्ड श्रद्धालु को दिए जाते हैं और उस पर बाबा बर्फानी के दर्शन की तारीख लिखी होती है।
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दो रास्तों से दर्शन करने जाते हैं
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दो रास्तों से श्रद्धालु जाते हैं। जम्मू कश्मीर में पहलगाम और बालटाल से रास्ते जाते हैं। यहां से हेलीकॉप्टर से भी यात्रा कर सकते हैं। पहलगाम और बालटाल की तरफ से जाने वाले रास्ते खतरनाक हैं। इस दौरान बारिश का मौसम भी होता है। पहलगाम से अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी करीब 48 किलोमीटर और बालटाल से 14 किलोमीटर है।
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