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2030 तक 3.2 करोड़ नौकरियां कम होंगी, युवाओं को मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना होगा : दत्तात्रेय
Mon, 21 Aug 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 21 Aug 2023 11:29 PM IST
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हिसार हकृवि में आयोजित उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन के दौरान हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्र
हिसार। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि उद्यमिता के माध्यम से ही आर्थिक विकास की गति को तेजी से बढ़ा सकते हैं। वर्ष 2030 तक 3.2 करोड़ नौकरियां कम होने वाली हैं। ऐसे में युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाना होगा। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, थ्रीडी प्रिंटिंग, रोबोटिक इंजीनियरिंग, आईटी के क्षेत्र में काम करना होगा। अपने क्षेत्र में नवाचार करना होगा। डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को लेकर काम करना पड़ेगा। दोगुने निर्यात के लक्ष्य को लेकर मेहनत करनी होगी। वे सोमवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
दत्तात्रेय ने कहा कि शिक्षा और स्किल के बिना कोई उद्यमिता नहीं हो सकती। उद्यमिता के लिए हमें सबसे पहले शिक्षित होना होगा। अच्छी स्किल सीखनी होंगी। स्टार्टअप इंडिया अभियान स्टार्टअप्स को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने में मदद कर रहा है। अकेले हरियाणा में 4 हजार स्टार्टअप शुरू किए गए हैं। देशभर में अब तक 1.5 करोड़ लोगों को स्किल की ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। कुशल भारत मिशन में प्रत्येक वर्ष एक करोड़ से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं।
आइसक्रीम बेचने वाले की बेटी ने आईआईटी में पाई बेस्ट रैंकिंग
राज्यपाल ने तेलंगाना राज्य की आदिवासी छात्रा लक्ष्मी का जिक्र करते हुए कहा कि गली-गली आइसक्रीम बेचने वाले की बेटी ने आईआईटी में सबसे बेस्ट रैंक पाई है। लक्ष्मी के माता-पिता कन्नय्या और शांतम्मा बिहार के डुम्मुगुडेम मंडल के कटयागुड गांव में रहते हैं। लक्ष्मी ने इंटरमीडिएट में 1000 में से 992 अंक पाए थे। जेईई एडवांस परीक्षा में 1371 रैंक प्राप्त कर आईआईटी पटना में दाखिला मिला। मैंने उस बेटी को फोन किया तो वो बेहद खुश हुई।
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युवा सोचने की क्षमता को करें विकसित : प्रो. कांबोज
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि एचएयू उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) की स्थापना की गई है। इस सेंटर से ट्रेनिंग प्राप्त करके 100 से अधिक युवा अपना व्यवसाय शुरू कर हर साल तीन से चार करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुके हैं। युवा अपने सपनों का पीछा करें, सोचने की क्षमता विकसित करें। समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लें। प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग करें।
सकारात्मक सोच में ही मिलेगी सफलता
प्रेरक वक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि हमारे पास उद्यमिता एकमात्र विकल्प है। प्रेरक वक्ता भारत भूषण ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए उद्देश्य का स्पष्ट होना चाहिए। सहनशीलता, प्रेक्टिकल, सकारात्मक सोच, सही नजरिया, सहजता, हर कार्य के लिए उत्साहित के गुणों को अपनाएं। सकारात्मक सोच से हर सफलता को पाया जा सकता है। राज्यपाल ने सायना स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित हुईं 150 महिलाओं को सहायता सामग्री व प्रमाण-पत्र वितरित किए। ‘एबिक के सफल स्टार्टअप’ पुस्तिका का विमोचन किया। उद्यमियों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय में बनने वाले 240 मकानों का शिलान्यास किया। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अतुल ढींगड़ा ने सभी का स्वागत किया।
अचार वाली सुमित्रा को सराहा
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हिसार के गांव खेड़ी बर्की की रहने वाली सुमित्रा के अचार के स्टार्टअप को सराहा। राज्यपाल ने कहा कि इस महिला ने एचएयू से ट्रेनिंग लेकर अचार बनाने का काम शुरू किया। आज वह 40 हजार रुपये का अचार हर महीने बेच रही है, जिसमें 15 हजार रुपये उसकी बचत है। हमें इस तरह के उद्यम स्थापित करने होंगे। केयूके में हाल ही में हुए दीक्षांत समारोह में 45 में से 30 मेडल बेटियों ने जीते।
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दत्तात्रेय ने कहा कि शिक्षा और स्किल के बिना कोई उद्यमिता नहीं हो सकती। उद्यमिता के लिए हमें सबसे पहले शिक्षित होना होगा। अच्छी स्किल सीखनी होंगी। स्टार्टअप इंडिया अभियान स्टार्टअप्स को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने में मदद कर रहा है। अकेले हरियाणा में 4 हजार स्टार्टअप शुरू किए गए हैं। देशभर में अब तक 1.5 करोड़ लोगों को स्किल की ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। कुशल भारत मिशन में प्रत्येक वर्ष एक करोड़ से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं।
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आइसक्रीम बेचने वाले की बेटी ने आईआईटी में पाई बेस्ट रैंकिंग
राज्यपाल ने तेलंगाना राज्य की आदिवासी छात्रा लक्ष्मी का जिक्र करते हुए कहा कि गली-गली आइसक्रीम बेचने वाले की बेटी ने आईआईटी में सबसे बेस्ट रैंक पाई है। लक्ष्मी के माता-पिता कन्नय्या और शांतम्मा बिहार के डुम्मुगुडेम मंडल के कटयागुड गांव में रहते हैं। लक्ष्मी ने इंटरमीडिएट में 1000 में से 992 अंक पाए थे। जेईई एडवांस परीक्षा में 1371 रैंक प्राप्त कर आईआईटी पटना में दाखिला मिला। मैंने उस बेटी को फोन किया तो वो बेहद खुश हुई।
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युवा सोचने की क्षमता को करें विकसित : प्रो. कांबोज
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कहा कि एचएयू उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय में एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) की स्थापना की गई है। इस सेंटर से ट्रेनिंग प्राप्त करके 100 से अधिक युवा अपना व्यवसाय शुरू कर हर साल तीन से चार करोड़ रुपये का मुनाफा कमा चुके हैं। युवा अपने सपनों का पीछा करें, सोचने की क्षमता विकसित करें। समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लें। प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग करें।
सकारात्मक सोच में ही मिलेगी सफलता
प्रेरक वक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि हमारे पास उद्यमिता एकमात्र विकल्प है। प्रेरक वक्ता भारत भूषण ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए उद्देश्य का स्पष्ट होना चाहिए। सहनशीलता, प्रेक्टिकल, सकारात्मक सोच, सही नजरिया, सहजता, हर कार्य के लिए उत्साहित के गुणों को अपनाएं। सकारात्मक सोच से हर सफलता को पाया जा सकता है। राज्यपाल ने सायना स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित हुईं 150 महिलाओं को सहायता सामग्री व प्रमाण-पत्र वितरित किए। ‘एबिक के सफल स्टार्टअप’ पुस्तिका का विमोचन किया। उद्यमियों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। विश्वविद्यालय में बनने वाले 240 मकानों का शिलान्यास किया। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. अतुल ढींगड़ा ने सभी का स्वागत किया।
अचार वाली सुमित्रा को सराहा
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने हिसार के गांव खेड़ी बर्की की रहने वाली सुमित्रा के अचार के स्टार्टअप को सराहा। राज्यपाल ने कहा कि इस महिला ने एचएयू से ट्रेनिंग लेकर अचार बनाने का काम शुरू किया। आज वह 40 हजार रुपये का अचार हर महीने बेच रही है, जिसमें 15 हजार रुपये उसकी बचत है। हमें इस तरह के उद्यम स्थापित करने होंगे। केयूके में हाल ही में हुए दीक्षांत समारोह में 45 में से 30 मेडल बेटियों ने जीते।