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अनाज मंडी में निरीक्षण करने आए एसीएस को घेरकर किसानों ने लगाई समस्याओं की झड़ी
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हिसार। अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह बुधवार को डीसी अशोक मीणा व अन्य अधिकारियों के साथ अनाज मंडी में सरसों खरीद का निरीक्षण करने पहुंचे। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही एसीएस गाड़ी से नीचे उतरकर सरसों की ढेरी के पास पहुंचे तो उन्हें किसानों ने घेर लिया। किसानों ने एक के बाद एक समस्याओं की झड़ी लगा दी।
किसानों की समस्याओं का एसीएस देवेंद्र सिंह से ज्यादा डीसी अशोक मीणा ने जवाब दिया। किसानों ने एसीएस से कहा कि पिछली बार उतरवाई के नाम पर छह रुपये प्रति बोरी चार्ज लिया गया था। इस बार तो 15 रुपये मांग रहे हैं। वहीं कुछ किसानों ने वेरीफिकेशन नहीं होने की बात कही। इस पर एसीएस ने निर्देश दिया कि प्रति बोरी के हिसाब से निर्धारित रेट और जिन किसानों को वेरीफाई कर लिया गया है, उनके नाम को नोटिस बोर्ड पर लगवाया जाए ताकि किसानों को बार-बार न आना पड़े।
नंबरदार बोला- सिर्फ आधा जमीन की गिरदावरी रिपोर्ट कर रहा पटवारी
एसीएस व डीसी के सामने गांव खोखा के नंबरदार जंगवीर सिंह ने कहा कि उनकी तीन एकड़ जमीन है, जबकि पटवारी गिरदावरी रिपोर्ट सिर्फ डेढ़ एकड़ की कर रहा है। पटवारियों की मनमानी चल रही है। इसी तरह कुछ अन्य किसानों ने कहा कि पटवारी की रिपोर्ट के बगैर उनका फार्म जमा नहीं हो रहा है, जबकि पटवारी गांव में मिलता नहीं है। इस पर उपायुक्त अशोक मीणा ने कहा कि अगर किसी पटवारी की शिकायत है तो एसडीएम की कमेटी से जांच करवा लेंगे। वहीं किसानों के फार्म जमा हो जाएंगे, पटवारी की रिपोर्ट बाद में भी करवा लेंगे।
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तीन किसानों के गेट पास जेनरेट नहीं हुए
गांव बासड़ा के किसान रामसिंह ने बताया कि उनकी मां सावित्री देवी के नाम से सरसों की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। सारे कागजात जमा हो चुके हैं। मगर दस दिन से चक्कर काट रहा हूं, ऑनलाइन गेट पास जनरेट नहीं हो रहा है। इस पर मार्केट कमेटी सचिव ने डीसी व एसीएस को बताया कि ऐसी ही समस्या दो अन्य किसानों के साथ आ रही है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर बनी कंप्यूटर कमेटी को ई-मेल की गई है। डीसी ने उसी समय चंडीगढ़ फोन करके समस्या से अवगत करवाया। डीसी ने स्थानीय अधिकारियों को डिटेल दोबारा भेजने के लिए कहा।
आधे घंटे में ही पूरा हो गया निरीक्षण कार्यक्रम
एसीएस का पूरा निरीक्षण कार्यक्रम मात्र आधे घंटे में ही पूरा हो गया। इस दौरान उन्होंने किसी भी व्यापारी से बात नहीं की और न ही मार्केट कमेटी कार्यालय में जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी। वह 12 बजकर 30 मिनट पर अनाज मंडी में पहुंचे और 12 बजकर 55 मिनट पर वापस गाड़ी में बैठकर चले गए।
एसीएस-डीसी के दौरे के बाद भी उतरवाई के नाम पर वसूले 15 रुपये
अनाज मंडी में एसीएस व डीसी जैसे अधिकारियों के सामने किसानों द्वारा समस्या रखने के बाद भी उतरवाई के नाम पर अधिक पैसा वसूला गया। नंबरदार जंगवीर खोखा ने आरोप लगाया कि उतरवाई के नाम पर 15 रुपये प्रति बोरी वसूले गए। वहीं बारदाना के नाम पर 800 ग्राम प्रति बैग सरसों की कटौती की गई, जबकि खुद डीएफएससी ने 500 ग्राम काटने के लिए कहा था।
आज वेरिफिकेशन के लिए बुलाए जाएंगे 55 पटवारी-कानूनगो
मार्केट कमेटी सचिव सुल्तान सिंह ने बताया कि किसानों के फॉर्म बुधवार रात तक जमा किए गए हैं। इन सभी फार्मों को अलग-अलग गांव के अनुसार छांटकर वीरवार सुबह तहसीलदार को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद गांव वाइज पटवारियों और कानूनगो द्वारा इनकी वेरिफिकेशन की जाएगी। करीब 55 पटवारी व कानूनगो इस कार्य के लिए जुटाए जाएंगे।
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किसानों की समस्याओं का एसीएस देवेंद्र सिंह से ज्यादा डीसी अशोक मीणा ने जवाब दिया। किसानों ने एसीएस से कहा कि पिछली बार उतरवाई के नाम पर छह रुपये प्रति बोरी चार्ज लिया गया था। इस बार तो 15 रुपये मांग रहे हैं। वहीं कुछ किसानों ने वेरीफिकेशन नहीं होने की बात कही। इस पर एसीएस ने निर्देश दिया कि प्रति बोरी के हिसाब से निर्धारित रेट और जिन किसानों को वेरीफाई कर लिया गया है, उनके नाम को नोटिस बोर्ड पर लगवाया जाए ताकि किसानों को बार-बार न आना पड़े।
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नंबरदार बोला- सिर्फ आधा जमीन की गिरदावरी रिपोर्ट कर रहा पटवारी
एसीएस व डीसी के सामने गांव खोखा के नंबरदार जंगवीर सिंह ने कहा कि उनकी तीन एकड़ जमीन है, जबकि पटवारी गिरदावरी रिपोर्ट सिर्फ डेढ़ एकड़ की कर रहा है। पटवारियों की मनमानी चल रही है। इसी तरह कुछ अन्य किसानों ने कहा कि पटवारी की रिपोर्ट के बगैर उनका फार्म जमा नहीं हो रहा है, जबकि पटवारी गांव में मिलता नहीं है। इस पर उपायुक्त अशोक मीणा ने कहा कि अगर किसी पटवारी की शिकायत है तो एसडीएम की कमेटी से जांच करवा लेंगे। वहीं किसानों के फार्म जमा हो जाएंगे, पटवारी की रिपोर्ट बाद में भी करवा लेंगे।
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तीन किसानों के गेट पास जेनरेट नहीं हुए
गांव बासड़ा के किसान रामसिंह ने बताया कि उनकी मां सावित्री देवी के नाम से सरसों की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया है। सारे कागजात जमा हो चुके हैं। मगर दस दिन से चक्कर काट रहा हूं, ऑनलाइन गेट पास जनरेट नहीं हो रहा है। इस पर मार्केट कमेटी सचिव ने डीसी व एसीएस को बताया कि ऐसी ही समस्या दो अन्य किसानों के साथ आ रही है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर बनी कंप्यूटर कमेटी को ई-मेल की गई है। डीसी ने उसी समय चंडीगढ़ फोन करके समस्या से अवगत करवाया। डीसी ने स्थानीय अधिकारियों को डिटेल दोबारा भेजने के लिए कहा।
आधे घंटे में ही पूरा हो गया निरीक्षण कार्यक्रम
एसीएस का पूरा निरीक्षण कार्यक्रम मात्र आधे घंटे में ही पूरा हो गया। इस दौरान उन्होंने किसी भी व्यापारी से बात नहीं की और न ही मार्केट कमेटी कार्यालय में जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी। वह 12 बजकर 30 मिनट पर अनाज मंडी में पहुंचे और 12 बजकर 55 मिनट पर वापस गाड़ी में बैठकर चले गए।
एसीएस-डीसी के दौरे के बाद भी उतरवाई के नाम पर वसूले 15 रुपये
अनाज मंडी में एसीएस व डीसी जैसे अधिकारियों के सामने किसानों द्वारा समस्या रखने के बाद भी उतरवाई के नाम पर अधिक पैसा वसूला गया। नंबरदार जंगवीर खोखा ने आरोप लगाया कि उतरवाई के नाम पर 15 रुपये प्रति बोरी वसूले गए। वहीं बारदाना के नाम पर 800 ग्राम प्रति बैग सरसों की कटौती की गई, जबकि खुद डीएफएससी ने 500 ग्राम काटने के लिए कहा था।
आज वेरिफिकेशन के लिए बुलाए जाएंगे 55 पटवारी-कानूनगो
मार्केट कमेटी सचिव सुल्तान सिंह ने बताया कि किसानों के फॉर्म बुधवार रात तक जमा किए गए हैं। इन सभी फार्मों को अलग-अलग गांव के अनुसार छांटकर वीरवार सुबह तहसीलदार को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद गांव वाइज पटवारियों और कानूनगो द्वारा इनकी वेरिफिकेशन की जाएगी। करीब 55 पटवारी व कानूनगो इस कार्य के लिए जुटाए जाएंगे।