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आबकारी एवं कराधान विभाग को एक कारोबारी से 11.77 करोड की रिकवरी

Fri, 03 Aug 2018 01:17 AM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:17 AM IST
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आबकारी एवं कराधान विभाग को एक कारोबारी से 11.77 करोड की रिकवरी

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने एक बड़े कारोबारी से 11.77 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली की है। हिसार का यह ट्रेडर पिछले कई महीने से रिटन फाइल नहीं कर रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने कारोबारी को ट्रैक करना शुरू किया था।
ई-वे बिल का सबसे बड़ा फायदा आबकारी एवं कराधान विभाग को शुक्रवार को मिला। ई-वे बिल को पिछले महीने ही लागू किया गया था। इसमें कहीं से भी सामान भेजने पर ई-वे बिल तैयार किया जाता है। इसमें ई-वे बिल जेनरेट होते ही पूरा रिकॉर्ड आबकारी एवं कराधान विभाग के पास पहुंच जाता है। हिसार में हर महीने 100 करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाला एक व्यापारी रिटन फाइल नहीं कर रहा था। कारोबारी के ई-वे बिल का पूरा रिकॉर्ड विभाग को लगातार मिल रहा था। अधिकारियों ने कंपनी को ट्रैक करना शुरू किया। इससे पता लगा कि हर महीने 100 करोड़ से अधिक का कारोबार हो रहा है। यहां से 70 से अधिक सामान को अलग अलग राज्यों में भेजा जाता है। इसमें कुछ उत्पाद का प्रोडक्शन भी हिसार में होता है। अधिकारियों ने कारोबारी को मई तथा जून में नोटिस भी भेजे।
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इसके बाद विभाग को वीरवार को कारोबारी द्वारा 11 करोड़ 77 लाख रुपये का टैक्स जमा कराया गया है। विभाग ने टैक्स जमा कराने के बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है। एक कारोबारी से इतनी बड़ी टैक्स रिकवरी का यह रिकॉर्ड है।
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हमें 11.77 करोड़ रुपयों की टैक्स रिकवरी मिली है। कारोबारी का नाम उजागर नहीं कर सकते। पिछले कुछ दिन से कारोबारी को ट्रैक कर रहे थे। ई-वे बिल से हमें सभी कारोबारियों का पूरा रिकॉर्ड मिल रहा है। सभी व्यापारी समय पर रिटन फाइल करें। समय पर टैक्स अदा करें।

-समीर यादव, डीईटीसी हिसार।
1120 कारोबारी करते हैं फाइल रिटन
हिसार में करीब 1120 कारोबारी रिटन फाइल करते हैं। बड़े कारोबारी को हर महीने रिटन फाइल करना होता है। छोटे कारोबारी तीन महीने में रिटन फाइल करते हैं। ई-वे बिल लागू होने के बाद विभाग को पूरा रिकॉर्ड उसी समय पहुंच जाता है। इसमें व्यापारी को जाने वाले सामान की पूरी डिटेल मिल जाती है। किसने सामान भेजा है, इसकी भी जानकारी होती है।
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