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आज से ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की हड़ताल
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। ऑल हरियाणा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व दी ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हिसार 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगी। हिसार में 10 हजार से भी अधिक ट्रकों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे।
प्रदेश महासचिव कुलदीप बैनीवाल ने बताया कि सरकार लगातार डीजल की कीमतों में इजाफा कर रही है जिसका खामियाजा ट्रांसपोर्टरों को भुगतना पड़ रहा है। सभी एसोसिएशन ने मिलकर 20 जुलाई को पूरे देश में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। हिसार में 10 हजार से भी अधिक ट्रकों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे। डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए। सभी वस्तुओं के समान ही जीएसटी के दायरे में लाया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण व डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन होना चाहिए। देश को टोल बैरियर मुक्त किया जाए। थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता व जीएसटी की छूट होनी चाहिए। एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त किया जाए। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में टीडीएस खत्म होना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 44एई में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत करने व ई-वे बिल से जुड़ी कुछ व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन किए जाएं। इन मांगों को लेकर यूनियनों ने हड़ताल का फैसला लिया है।
हिसार। ऑल हरियाणा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व दी ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हिसार 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएगी। हिसार में 10 हजार से भी अधिक ट्रकों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे।
प्रदेश महासचिव कुलदीप बैनीवाल ने बताया कि सरकार लगातार डीजल की कीमतों में इजाफा कर रही है जिसका खामियाजा ट्रांसपोर्टरों को भुगतना पड़ रहा है। सभी एसोसिएशन ने मिलकर 20 जुलाई को पूरे देश में चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। हिसार में 10 हजार से भी अधिक ट्रकों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे। डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए। सभी वस्तुओं के समान ही जीएसटी के दायरे में लाया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण व डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन होना चाहिए। देश को टोल बैरियर मुक्त किया जाए। थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता व जीएसटी की छूट होनी चाहिए। एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त किया जाए। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में टीडीएस खत्म होना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 44एई में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत करने व ई-वे बिल से जुड़ी कुछ व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन किए जाएं। इन मांगों को लेकर यूनियनों ने हड़ताल का फैसला लिया है।
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