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Hisar News: ठंड की मार झेल रहे 3.10 लाख पौधों को बारिश से मिली संजीवनी

Sun, 04 Feb 2024 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 04 Feb 2024 02:21 AM IST
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3.10 lakh plants suffering from cold got respite from rain
चरखी दादरी। ठंड की मार झेल रहे 3.10 लाख पौधों के लिए दो दिन हुई बारिश संजीवनी बनी है। ठंड के प्रकोप से ये पौधे मुरझाने की कगार पर पहुंच चुके थे जबकि बारिश के बाद अब इन्हें जीवनदान मिला है। विशेषज्ञों की माने तो बारिश से गत मानसून में रोपित किए गए पौधे न केवल हरे होंगे, बल्कि वृद्धि व विकास भी हो सकेगा। बारिश से पौधे को खुराक के रूप में आवश्यक पोषक तत्व भी मिलेंगे।
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बता दें वन विभाग ने गत जुलाई व अगस्त माह में तीन लाख 10 हजार नए पौधे लगाए हैं। एक माह की कड़ाके की ठंड में पौधे के लिए जीवन बचाना मुश्किल बना हुआ था। रेतीले क्षेत्र में रोपित पौधों पर ठंड का ज्यादा असर पड़ा। विशेषज्ञों की मानें तो छोटे पौधे को हर 15 दिन के अंतराल में पानी की जरूरत होती है। नवंबर माह के बाद बारिश नहीं होने पर वन विभाग के टैंकर पौधों की सिंचाई जरूर कर रहे थे, लेकिन ये प्रयास काफी नहीं था। अब दो दिन में 11 एमएम बारिश होने से इन पौधों को संजीवनी मिली है।
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दरअसल, वन विभाग की ओर से हर साल पौधरोपण किया जाता है। प्रतिवर्ष औसतन तीन लाख तक पौधों का रोपण किया जाता है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़-पौधोंं की भूमिका सर्वोपरि है। हालांकि जितनी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं उतने पेड़ नहीं बन पाते। देखरेख के अभाव में मुश्किल से 60 प्रतिशत पौधे ही पेड़ का रूप ले पाते हैं। इस वर्ष भी मानसून सीजन में 85 एमएम बारिश के बाद विभाग ने पौधरोपण शुरू कर दिया था। सार्वजनिक स्थानों, पंचायती जमीन व सरकारी भू-क्षेत्र में पौधरोपण किया गया था। एक माह से कम तापमान के बीच वन विभाग के लिए पांच माह के इन पौधों का जीवन बचाना मुश्किल हो गया था। छोटे पौधे कम तापमान नहीं झेल पाते हैं और यही कारण है कि ठंड के चलते ये मुरझाने लगे थे।
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6 माह के हो चुके पौधे
वन विभाग ने अपने स्तर पर 1.90 लाख पौधे गत जुलाई सीजन में लगाए थे। इसी प्रकार 40 हजार पौधे स्कूली बच्चों के माध्यम से व 40 हजार आम जनता के जरिये लगा रखे हैं। 40 हजार पौधे पंचायतों के माध्यम से लगा रखे हैं। ये पौधे सड़क, नहर किनारे, पंचायती जमीन, सरकारी कार्यालय परिसर, स्कूल परिसर व सरकारी जमीन पर लगा रखे हैं। अब यह पौधे पांच से छह माह के हो गए हैं। पौधे की इस अवस्था में उचित देखरेख व सिंचाई जरूरी है तभी उसका विकास एवं वृद्धि हो पाती है।



इन प्रजातियों के लगा रखे हैं पौधे

वन विभाग ने क्षेत्र में गुलमोहर, शीशम, नीम, पीपल, बरगद, जामुन, कीकर, सरस, अमरूद, सफेदा आदि के पौधे लगा रखे हैं। काफी संख्या में औषधीय पौधे भी लगा रखे हैं। समय- समय पर इन पौधों की नलाई एवं सिंचाई करनी पड़ती है। आम लोगों को भी अपने नजदीक क्षेत्र में लगे पौधों की सिंचाई करनी चाहिए।

इस सप्ताह दो दिन हुई बारिश से मानसून सीजन के दौरान रोपित किए गए पौधों को फायदा पहुंचा है। अब पौधों में वृद्धि और विकास हो सकेगा।
-हेमंत कुमार, आरएफओ, वन विभाग
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