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Hisar News: शहर में मिले 300 नए पीजी, अब भरना होगा कॉमर्शियल टैक्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:17 AM IST
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300 new PGs opened in the city, now commercial tax will have to be paid
हिसार कृष्णा नगर स्थित खुला पीजी।
हिसार। नगर निगम की ओर से शहर में चल रहे सर्वे के दौरान अब तक 300 नए पीजी (पेइंग गेस्ट हाउस) का पता चला है। निगम प्रशासन इन सभी पर कॉमर्शियल टैक्स लगाने की तैयारी कर ली है। पीजी संचालकों को टैक्स जमा करवाने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में टैक्स न भरने पर उनके पीजी सील कर दिए जाएंगे।
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शहर के गली-मोहल्लों में बड़ी संख्या में पीजी चल रहे हैं, लेकिन नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में इनमें से अधिकांश संपत्तियां रिहायशी श्रेणी में दर्ज हैं। जबकि पीजी चलाना एक व्यावसायिक गतिविधि है, जिस पर नियमानुसार कॉमर्शियल टैक्स लगाया जाना चाहिए। निगम का रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण अब तक इनसे रिहायशी टैक्स ही वसूला जा रहा था जिससे निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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सुनवाई में रख सकेंगे अपना पक्ष

नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ने पीजी संचालकों को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नियम 129 और 130 के तहत नोटिस जारी किए हैं। इसके तहत उन्हें एक सप्ताह में बकाया टैक्स जमा करवाने या निगम कार्यालय में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर वो टैक्स जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी प्रॉपर्टी को सील भी किया जा सकता है।
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ऐसे किया जा रहा है बकाया टैक्स का मूल्यांकन

पीजी के सर्वे का मूल्यांकन कर रही टीम आस पड़ोस से पूछकर या अपने रिकॉर्ड को देखकर यह पता लगा रही है कि उक्त पीजी कब से चल रहा है और उसी के आधार पर उसके टैक्स का मूल्यांकन किया जा रहा है। हालांकि अगर कोई पीजी संचालक इस नोटिस पर आपत्ति जताता है या दावा करता है कि उसका टैक्स ज्यादा अवधि का बनाया गया है तो उसे अपने दावे के दस्तावेजी प्रमाण पेश करने होंगे।

निगम का सर्वे अभी जारी

नगर निगम का सर्वे अभियान अभी जारी है। अगर शहर में और पीजी मिलते हैं तो उन्हें भी नोटिस दिए जाएंगे और उनसे बकाया टैक्स वसूला जाएगा। निगम इस सर्वे के जरिए अपने प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड को अपडेट कर रहा है। यदि किसी संपत्ति को रिकॉर्ड में रिहायशी दिखाया गया है, लेकिन वहां पीजी संचालित हो रहा है तो उसे अब निगम रिकॉर्ड में कॉमर्शियल श्रेणी में दर्ज किया जाएगा।


जो व्यक्ति शहर में पीजी चल रहा है, वह निगम कार्यालय में आकर उसे अपडेट करवा ले। जिसे नोटिस दिया गया है, अगर उन्हें अपना टैक्स ठीक करवाना है तो सुनवाई के दौरान अपना टैक्स ठीक करवा ले। जो नोटिसधारक सुनवाई के लिए नहीं आएगा, उस पर टैक्स रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।

विरेंद्र सहारण, अतिरिक्त निगमायुक्त
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