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निगम अधिकारियों से पार्षद मांगेंगे जवाब, बारिश में कैसे धंस गई दो महीने पहले बनी सड़कें

Mon, 20 May 2019 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 12:27 AM IST
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निगम अधिकारियों से पार्षद मांगेंगे जवाब, बारिश में कैसे धंस गई दो महीने पहले बनी सड़कें
हिसार। एक ही बारिश के बाद दो महीने पहले बनी सड़कों के धंसने के बाद नगर निगम के अधिकारी और ठेकेदार पार्षदों तथा मेयर के निशाने पर आ गए हैं। पार्षद अब निगम के अधिकारियों से जवाब मांगेंगे कि कैसे एक ही दम सड़कें धंस गईं। अगर बड़ा हादसा होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता। बेलगाम ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
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उधर, मेयर ने तकनीकी शाखा के सभी अधिकारियों को बुलाकर जलभराव होने और सड़कें धंसने के मामलों का ब्योरा देकर इसके कारणों की जांच करने और संबंधित ठेकेदारों से इन सड़कों को ठीक करवाने के निर्देश दिए हैं। मेयर ने तीन दिन में पूरी रिपोर्ट मांगी है।
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जहां-जहां जलभराव, उन स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश
मेयर ने शहर में जहां-जहां जलभराव जैसी समस्याएं हैं, उन्हें चिह्नित करने के लिए कहा है। जहां सड़क धंसने से जनता को समस्या हुई है, उन सड़कों के संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी मेयर ने लिखा है। इसके अलावा जहां नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए ठेकेदार की धरोहर राशि में से ही सुधार करवाने के लिमए निर्देश दिए गए हैं।
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पार्षदों से करवाई जाए मॉनीटरिंग
वहीं मेयर ने फिलहाल शहर में जहां भी सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां संबंधित जेई की जिम्मेदारी तय करते हुए समय-समय पर जायजा लेने को कहा है। इसके अलावा संबंधित वार्ड के पार्षद से मॉनीटरिंग करवाने और वहां के स्थानीय निवासियों की निगरानी समिति से हस्ताक्षर करवाए बिना ठेकेदार को भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

शहर में समस्याओं का अंबार, विधायक व मेयर फिल्म देखने में व्यस्त
एक तरफ शहर में समस्याओं का अंबार लगा हुआ तो उन्हीं समस्याओं का समाधान करवाने की जिन पर जिम्मेदारी है, वो फिल्म देखने में व्यस्त हैं। शुक्रवार रात हुई 69 एमएम बारिश के बाद शहर के अधिकतर इलाकों में सड़क धंसने और जलभराव जैसी समस्याओं से लोग जूझते रहे तो विधायक डॉ. कमल गुप्ता व मेयर गौतम सरदाना अपने साथियों के साथ दिल्ली रोड स्थित सिनेमा हॉल में म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के फिल्म देखने में मशगूल थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने विधायक और मेयर पर जमकर कटाक्ष किए।

यहां-यहां धंसी सड़कें
-- लाहौरिया चौक से 12 क्वार्टर रोड इंटरलॉकिंग सड़क
-- जवाहर नगर पीली कोठी के पास की सड़क
-- शांति नगर टंकी के सामने की सड़क
-- सूर्यनगर गली नंबर 8 की सड़क

यहां-यहां आई जलभराव की समस्या
-- जहाजपुल चौक के पास सरकारी स्कूल वाली गली
-- पटेल नगर आरयूबी
-- महावीर कालोनी
-- ब्रह्मज्ञान कुटिया के पास वाली गली

अभी तो मानसून पूरी तरह आया ही नहीं है और अभी से शहर का यह हाल है। आने वाले समय में तो और परेशानियां होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कोई सड़क दो महीने में ही टूट गई, यह कैसा हुआ, इसका जवाब तो अधिकारियों को देना चाहिए।
भीम महाजन, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नंबर 5

12 क्वार्टर रोड की सड़क धंस गई। हम लोग चुनाव में व्यस्त हो गए थे। अधिकारियों व ठेकेदारों ने सोचा कि मॉनीटरिंग करने तो कोई आएगा नहीं और कर दिया घालमेल। अब एक-एक समस्या पर अधिकारियों के पेच कसेंगे।
-भूपसिंह रोहिल्ला, पार्षद, वार्ड नंबर 8

बेहद शर्मनाक स्थिति है कि हाल ही में बनाई गई सड़कें भी एक बारिश को नहीं झेल पाई। जनता का पैसा अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से बर्बाद हो गया। ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।

- जगमोहन मित्तल, पार्षद, वार्ड नंबर 12

मैंने तकनीकी शाखा के अधिकारियों को बुलाकर जलभराव और सड़क धंसने के मामलों की जांच के लिए कहा है। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पार्षदों से मॉनीटरिंग करवाएंगे और संबंधित जेई की जिम्मेदारी तय होगी।
- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम
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