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आग से झुलसी तीसरी लड़की ने भी देर रात को तोड़ा दम, गांव में नहीं जले चूल्हे
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अमर उजाला ब्यूरो
उकलाना मंडी (हिसार)। उकलाना के गांव भैरी अकबरपुर की ढाणी में हुई अग्निकांड में झुलसी परिवार की तीसरी बेटी ने भी देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार के बड़े बेटे प्रभु की 15 वर्षीय बेटी पूजा जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए आखिरकार जंग हार गई। सुबह पूजा के शव को गांव में लाया गया। बेटी के अंतिम संस्कार के समय पिता प्रभु खुद को संभाल नहीं सका और वहीं बेहोश हो गया। बाद में आसपास खड़े लोगों ने उसे संभाला और ढांढस बंधाया। इस हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। शुक्रवार देर रात हुए हादसे में एक महिला और उसकी दो बेटियों की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं अभी भी परिवार के तीन सदस्यों का इलाज चल रहा है।
गौरतलब है कि गांव भैरी अकबरपुर में बनी ढाणी में प्रभु और सुरेश दोनों भाई अपने परिवार के साथ रहते थे। शुक्रवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण उनकी ढाणी में आग लग गई। आग लगने से सुरेश की पत्नी सुमन, बेटी निशा और रजनी की मौत हो गई, जबकि प्रभु की बेटी आरती व पूजा तथा सुरेश की बेटी गीता का इलाज चल रहा था। इनमें से पूजा ने भी दम तोड़ दिया है।
गमगीन माहौल, गांव में नहीं जले चूल्हे
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद पूरा गांव सदमे में है। हादसे का जिक्र करते ही लोग सहम जाते हैं। दो दिन में चार शवों का अंतिम संस्कार होने के कारण गांव में चूल्हे तक नहीं जले। रविवार को अधिकतर ग्रामीण पूजा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान उकलाना थाना प्रभारी कृष्णलाल भी मौके पर मौजूद रहे।
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उकलाना मंडी (हिसार)। उकलाना के गांव भैरी अकबरपुर की ढाणी में हुई अग्निकांड में झुलसी परिवार की तीसरी बेटी ने भी देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार के बड़े बेटे प्रभु की 15 वर्षीय बेटी पूजा जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए आखिरकार जंग हार गई। सुबह पूजा के शव को गांव में लाया गया। बेटी के अंतिम संस्कार के समय पिता प्रभु खुद को संभाल नहीं सका और वहीं बेहोश हो गया। बाद में आसपास खड़े लोगों ने उसे संभाला और ढांढस बंधाया। इस हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। शुक्रवार देर रात हुए हादसे में एक महिला और उसकी दो बेटियों की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं अभी भी परिवार के तीन सदस्यों का इलाज चल रहा है।
गौरतलब है कि गांव भैरी अकबरपुर में बनी ढाणी में प्रभु और सुरेश दोनों भाई अपने परिवार के साथ रहते थे। शुक्रवार देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण उनकी ढाणी में आग लग गई। आग लगने से सुरेश की पत्नी सुमन, बेटी निशा और रजनी की मौत हो गई, जबकि प्रभु की बेटी आरती व पूजा तथा सुरेश की बेटी गीता का इलाज चल रहा था। इनमें से पूजा ने भी दम तोड़ दिया है।
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गमगीन माहौल, गांव में नहीं जले चूल्हे
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद पूरा गांव सदमे में है। हादसे का जिक्र करते ही लोग सहम जाते हैं। दो दिन में चार शवों का अंतिम संस्कार होने के कारण गांव में चूल्हे तक नहीं जले। रविवार को अधिकतर ग्रामीण पूजा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान उकलाना थाना प्रभारी कृष्णलाल भी मौके पर मौजूद रहे।
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