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विभाग ने नहीं उठाया जिम्मा तो सेक्टर 13 में लोगों ने अपने स्तर पर करवाई सीवरेजों की सफाई
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) सेक्टरों की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सेक्टर-13 में लोंगों को खुद मैनहोल की सफाई करानी पड़ी, जबकि यह जिम्मेदारी विभाग की है। सद्भावना मंच की तरफ से चलाए गए इस अभियान में सेक्टर के आठ मैनहोल की सफाई करा गई। ये मैनहोल काफी समय ओवरफ्लो कर रहे थे, जिस कारण से बरसात के समय यहां जलभराव की समस्या पैदा हो जाती थी। यही नहीं सीवरेज बैक मारने की समस्या के कारण लोगों के घरों में भी गंदा पानी चला जाता था। मंच के मुताबिक अब 2 जुलाई को सेक्टर 13 सहित सेक्टर 16-17 में मैनहोल की सफाई करवाई जाएगी।
बता दें कि सेक्टर 13 और 16-17 में पिछले दो साल से सीवरेजों की सफाई नहीं कराई गई है। सेक्टरवासी इसे लेकर काफी बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही। आखिरकार में सेक्टरवासियों ने अपने स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का फैसला लिया।
यह कहना है अधिकारियों का
सेक्टरवासियों के मुताबिक जब भी वे अधिकारियों से मिलते हैं तो अधिकारी यहीं बहाना बनाते हैं कि कोई इस काम टेंडर नहीं लेता। उनका कहना है कि हमारे टेंडर के रेट काफी कम है। सेक्टरवासियों के मुताबिक जब उन्होंने अधिकारियों से टेंडर के रेट बढ़वाने की बात भी कही। मगर अधिकारियों ने कुछ कार्रवाई नहीं की। हालांकि सेक्टरवासियों का कहना है कि इन मैनहोल की सही ढंग से सफाई सिर्फ सुपर सकर मशीन से हो सकती है। यह मशीन जन स्वास्थ्य विभाग के पास है। अगर एचएसवीपी के अधिकारी चाहे तो वे उनसे यह मशीन मांगकर मैनहोल की सफाई करा सकते हैं।
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आगे भी जारी रहेगा अभियान
सेक्टरवासियों के मुताबिक उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 2 जुलाई को वह सेक्टर 13 के बचे हुए मैनहोल और सेक्टर 16-17 में मैनहोल की सफाई करवाएंगे। इसके अलावा वह इस बारे में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
जब विभाग ने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई तो मजबूरी में हमें ही अपने स्तर पर यह काम करवाना पड़ा। हालांकि अभी भी समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हुआ है। बस कुछ दिनों के लिए राहत जरूर मिल जाएगी।
-अमित ग्रोवर, पार्षद व प्रधान सद्भावना मंच
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बता दें कि सेक्टर 13 और 16-17 में पिछले दो साल से सीवरेजों की सफाई नहीं कराई गई है। सेक्टरवासी इसे लेकर काफी बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही। आखिरकार में सेक्टरवासियों ने अपने स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का फैसला लिया।
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यह कहना है अधिकारियों का
सेक्टरवासियों के मुताबिक जब भी वे अधिकारियों से मिलते हैं तो अधिकारी यहीं बहाना बनाते हैं कि कोई इस काम टेंडर नहीं लेता। उनका कहना है कि हमारे टेंडर के रेट काफी कम है। सेक्टरवासियों के मुताबिक जब उन्होंने अधिकारियों से टेंडर के रेट बढ़वाने की बात भी कही। मगर अधिकारियों ने कुछ कार्रवाई नहीं की। हालांकि सेक्टरवासियों का कहना है कि इन मैनहोल की सही ढंग से सफाई सिर्फ सुपर सकर मशीन से हो सकती है। यह मशीन जन स्वास्थ्य विभाग के पास है। अगर एचएसवीपी के अधिकारी चाहे तो वे उनसे यह मशीन मांगकर मैनहोल की सफाई करा सकते हैं।
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आगे भी जारी रहेगा अभियान
सेक्टरवासियों के मुताबिक उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 2 जुलाई को वह सेक्टर 13 के बचे हुए मैनहोल और सेक्टर 16-17 में मैनहोल की सफाई करवाएंगे। इसके अलावा वह इस बारे में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
जब विभाग ने अपनी ड्यूटी नहीं निभाई तो मजबूरी में हमें ही अपने स्तर पर यह काम करवाना पड़ा। हालांकि अभी भी समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हुआ है। बस कुछ दिनों के लिए राहत जरूर मिल जाएगी।
-अमित ग्रोवर, पार्षद व प्रधान सद्भावना मंच