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तीन बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली हरियाणा की पहली बेटी बनीं अनीता कुंडू
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हिसार/बालसमंद। जिले के गांव फरीदपुर की बेटी अनीता कुंडू ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में मंगलवार को एक और सफलता हासिल की है। अनीता कंडू माउंट एवरेस्ट को फतेह करने वाली हरियाणा की पहली बेटी है। अनीता ने लुकला बेस कैंप से पांच मई को चढ़ाई शुरू की, लेकिन दूसरे कैंप में तूफान ने रास्ता रोक लिया। फिर अनीता ने 10 मई को बेस कैंप से चढ़ाई शुरू की, लेकिन 12 को फिर मौसम खराब हो गया और अनीता को अपनी टीम के साथ नीचे आना पड़ा। मंगलवार सुबह अनीता ने 36 दिन के लंबे संघर्ष के बाद माउंट एवरेस्ट को फतेह कर ही लिया। अनीता माउंट एवरेस्ट को नेपाल और चीन के रास्ते से फतेह करने वाली हिंदुस्तान की अकेली बेटी है। अनीता ने। मंगलवार को एवरेस्ट की चढ़ाई करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है। माउंट एवरेस्ट को फतेह करने वाली हरियाणा की एकमात्र बेटी हैं अनीता कुंडू। अनीता हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं।
14 सदस्यीय दल की टीम लीडर थीं अनीता कुंडू
अनीता कुंडू ने इस बार अपनी चढ़ाई एक टीम लीडर के तौर पर की। अनीता की इस टीम में विभिन्न देशों के कुल 14 सदस्य शामिल थे। अनीता के साथ कुल चार सदस्यों के एवरेस्ट फतेह करने की सूचना है। पांच सदस्य रास्ते से वापस आ चुके हैं, जबकि अन्य सदस्य अभी रास्ते में हैं।
आरके सिन्हा उठाते हैं हर अभियान का खर्च
पर्वतारोहण की चढ़ाई एक पर्वतारोही के लिए बहुत महंगी होती है। उनके सभी अभियानों के खर्च एसआईएस के मालिक राज्यसभा सांसद श्री आरके सिन्हा उठाते हैं, जिन्होंने अनीता को अपनी बेटी के रूप में अडॉप्ट किया हुआ है। इसके अलावा अनीता कुंडू विश्व की सबसे बड़ी सिक्योरिटी कंपनी एसआईएस की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी, द आईपीएस देहरादून, हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़, निफा आदि की भी ब्रांड एंबेसडर हैं।
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चार बार की चढ़ाई, तीन में मिली सफलता
अनीता ने अब तक कुल चार बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की, जिसमें से उन्होंने तीन बार सफलता हासिल की है। अनीता ने वर्ष 2013 में नेपाल के रास्ते, वर्ष 2017 में चीन के रास्ते और वर्ष 2019 में माउंट एवरेस्ट फतेह करने में सफलता हासिल की है। वर्ष 2015 में 22 हजार फुट की चढ़ाई के बाद तूफान के कारण इन्हें रास्ते से लौटना पड़ गया था।
सेवन समिट अभियान जारी
अनीता ने वर्ष 2018 में विश्व की सात ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने के लिए अभियान शुरू किया। मार्च 2018 में इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, अगस्त 2018 में यूरोप की एल्ब्रुस, अक्टूबर 2018 में अफ्रीका की किलिमंजारो को वह फतह कर चुकी हैं। जून 2018 में अमेरिका की देनाली पर भी उन्होंने चढ़ाई की थी, लेकिन बर्फीले तूफान की वजह से वापस आई थी। 2019 में अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची छोटी को फतह किया था। अब माउंट एवरेस्ट को फतेह करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हर युवा की प्रेरणास्रोत बनीं अनीता
अनीता का एक ही लक्ष्य है कि मेरे देश का हर युवा अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ें। अपने जीवन में संघर्ष को अपना साथी बना लें। अपना लक्ष्य बनाएं और उनको पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करें। अनीता अपने संघर्ष की मिसाल से हर युवा के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।
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14 सदस्यीय दल की टीम लीडर थीं अनीता कुंडू
अनीता कुंडू ने इस बार अपनी चढ़ाई एक टीम लीडर के तौर पर की। अनीता की इस टीम में विभिन्न देशों के कुल 14 सदस्य शामिल थे। अनीता के साथ कुल चार सदस्यों के एवरेस्ट फतेह करने की सूचना है। पांच सदस्य रास्ते से वापस आ चुके हैं, जबकि अन्य सदस्य अभी रास्ते में हैं।
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आरके सिन्हा उठाते हैं हर अभियान का खर्च
पर्वतारोहण की चढ़ाई एक पर्वतारोही के लिए बहुत महंगी होती है। उनके सभी अभियानों के खर्च एसआईएस के मालिक राज्यसभा सांसद श्री आरके सिन्हा उठाते हैं, जिन्होंने अनीता को अपनी बेटी के रूप में अडॉप्ट किया हुआ है। इसके अलावा अनीता कुंडू विश्व की सबसे बड़ी सिक्योरिटी कंपनी एसआईएस की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी, द आईपीएस देहरादून, हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़, निफा आदि की भी ब्रांड एंबेसडर हैं।
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चार बार की चढ़ाई, तीन में मिली सफलता
अनीता ने अब तक कुल चार बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की, जिसमें से उन्होंने तीन बार सफलता हासिल की है। अनीता ने वर्ष 2013 में नेपाल के रास्ते, वर्ष 2017 में चीन के रास्ते और वर्ष 2019 में माउंट एवरेस्ट फतेह करने में सफलता हासिल की है। वर्ष 2015 में 22 हजार फुट की चढ़ाई के बाद तूफान के कारण इन्हें रास्ते से लौटना पड़ गया था।
सेवन समिट अभियान जारी
अनीता ने वर्ष 2018 में विश्व की सात ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने के लिए अभियान शुरू किया। मार्च 2018 में इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, अगस्त 2018 में यूरोप की एल्ब्रुस, अक्टूबर 2018 में अफ्रीका की किलिमंजारो को वह फतह कर चुकी हैं। जून 2018 में अमेरिका की देनाली पर भी उन्होंने चढ़ाई की थी, लेकिन बर्फीले तूफान की वजह से वापस आई थी। 2019 में अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची छोटी को फतह किया था। अब माउंट एवरेस्ट को फतेह करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हर युवा की प्रेरणास्रोत बनीं अनीता
अनीता का एक ही लक्ष्य है कि मेरे देश का हर युवा अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ें। अपने जीवन में संघर्ष को अपना साथी बना लें। अपना लक्ष्य बनाएं और उनको पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करें। अनीता अपने संघर्ष की मिसाल से हर युवा के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।