फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   बार्डबंदी की सर्वे रिपोर्ट

बार्डबंदी की सर्वे रिपोर्ट

Tue, 12 Dec 2017 01:49 AM IST
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:49 AM IST
विज्ञापन
बार्डबंदी की सर्वे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
वार्डबंदी सर्वे की रिपोर्ट फर्जी तैयार की गई है। सर्वे करने वाली एजेंसी ने केवल आउटर एरिया में सर्वे करवाकर बाकी वर्ष 2011 की रिपोर्ट उठाकर आंकड़ों में फेरबदल कर दिया। सर्वे टीम में जांच कर रहे स्टाफ सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर इसका खुलासा किया है। सर्वे की जांच के लिए निकली टीम को जो नक्शा थमाया गया है, उसमें शहर की कई कॉलोनियां ही गायब हैं। इसके अलावा आउटर (बाहरी) एरिया को छोड़कर जहां-जहां टीमें जा रही हैं, उन्हें हर जगह से यही ही फीडबैक मिल रहा है कि यहां कोई सर्वे की टीम नहीं आई। वर्ष 2011 में जिन घरों में अधिक सदस्य थे या कम सदस्य थे, छह साल बाद परिवार के किसी सदस्य की शादी होने या मृत्यु होने के आंकड़े में वर्तमान में सर्वे कर रही एजेंसी कोई घटा या बढ़ा नहीं पा रही। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, इनमें 2011 के बाद परिवार के सदस्यों की संख्या घटी या बढ़ी है। सर्वे करने वाली एजेंसी के पास वही पुराना रिकॉर्ड है। अगर प्रशासन अब दोबारा से सर्वे करवाता है या फिर ठीक से सर्वे करवाता है तो निगम एरिया की आबादी और वार्डों की आबादी में बदलाव आएगा।
निगम ने सर्वे के लिए मांगे 200 सक्षम युवा
इस मामले के बाद नगर निगम वार्डबंदी का सर्वे पूरा करने के लिए दोबारा से सक्षम युवा फील्ड में उतारेगा। निगम ने कुछ समक्ष युवाओं को मंगलवार सुबह नौ बजे कार्यालय बुलाया है। जांच के लिए निकली टीम से मिली रिपोर्ट के आधार पर निगम ने सक्षम युवाओं को फील्ड में उतारने का फैसला लिया है। पांच दिन में शहर के सभी 20 वार्डों में सक्षम टीम द्वारा सर्वे करवाने की निगम प्रशासन तैयारी कर रहा है। 17 दिसंबर तक ये टीमें सर्वे कर अपनी रिपोर्ट निगम को सौंपेगी। नगर निगम को वार्डबंदी संबंधित अपनी रिपोर्ट स्थानीय निकाय विभाग को भेजनी है।
विज्ञापन

सर्वे एजेंसी द्वारा शहर के सभी वार्डों को 450 ब्लॉक में बांटकर सर्वे किया गया। एजेंसी द्वारा इन एरिया की मैपिंग और डोर टू डोर सर्वे करवाना था। सर्वे एजेंसी ने 30 नवंबर को अपनी रिपोर्ट निगम को सौंप दी थी। इसके बाद पार्षदों ने सर्वे को लेकर आरोप लगाए थे। सर्वे में खामियों की शिकायत मिलने के बाद आयुक्त ने 20 कर्मचारियों की चार टीमें फील्ड में सर्वे को क्रॉस चेक करने के लिए उतारी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच दिन और 3.62 लाख आबादी
सक्षम युवाओं की टीम के साथ निगम ने पांच दिन का टारगेट तो रखा है, लेकिन इस अवधि में सर्वे भी मुश्किल नजर आता है। पार्षद भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। शहर में 1.34 लाख प्रॉपर्टी यूनिट हैं। सभी रेजीडेंसियल एरिया में डोर टू डोर सर्वे होना है। एजेंसी ने अपने सर्वे में शहर की आबादी 3.62 लाख दिखाई है, जो लोग लिस्ट में नहीं हैं, उनको सक्षम युवाओं के जरिये वेरिफाई किया जाना है।
एजेंसी पर लग सकता है जुर्माना
वार्डबंदी सर्वे को लेकर नगर निगम ने टेंडर जारी किया था। टेंडर लेने वाली एजेंसी पर गलत सर्वे को लेकर निगम प्रशासन जुर्माना लगा सकता है। जल्द ही एजेंसी को नोटिस भी जारी हो सकता है। एजेंसी द्वारा सही सर्वे न करने की कार्रवाई भी निगम अमल में ला सकता है।
सर्वे से कॉलोनियां ही गायब
वार्डबंदी सर्वे में पूरी कॉलोनियां ही गायब हैं। वार्ड नौ से न्यू योग नगर और नेताजी कॉलोनी सर्वे में नहीं दिखाई गई। वार्ड सात में कप्तान स्कूल, गौड़ स्कूल के बीच में कई आवास गायब बताए जा रहे हैं। पार्षद उदयवीर मिंटू, कमला बंसल, रेेखा ऐरन सहित कई पार्षद सर्वे एजेंसी द्वारा उनके घर भी न पहुंचने के आरोप जड़ चुके हैं।


सर्वे में खामियां मिली हैं। 200 सक्षम युवा मंगलवार से फील्ड में सर्वे को दुरुस्त करने के लिए लगाए जाएंगे। 17 दिसंबर तक रिकॉर्ड दुरुस्त करवाकर यूएलबी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। -अमित कौशिक एमई, नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed